नालंदा के 11 वर्षीय सोनू ने सोनू सूद का ऑफर ठुकराया, कैसे वायरल हुआ नालंदा का सोनू?

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Bihar News : नालंदा के सोनू ने बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद को भी अपनी जवाबों से घुमा दिया है। एक्टर सोनू सूद ने 11 वर्षीय सोनू का एडमिशन प्राइवेट स्कूल में करवाने की बात कही थी। इसका जवाब देते हुए उसने कहा, ‘यदि सीएम नीतीश कुमार किसी बेहतर स्कूल में मेरा दाखिला नहीं करवाते हैं तो वे सोनू सूद जी के पास जरूर जाएंगे।’ बता दें कि पिछले दिनों CM नीतीश कुमार से एडमिशन कराने की मांग कर चर्चा में आए सोनू इन दिनों मीडिया की सुर्खियों में है।

इससे पहले उससे लालू प्रसाद के बेटे तेज प्रताप यादव ने अपने अंडर में IAS बनकर काम करने की बात कही थी तो सोनू ने तपाक से कहा था, ‘मैं किसी के अंडर में काम नहीं करूंगा।’

सोनू सूद ने ट्वीट कर लिखा है, ‘सोनू ने सोनू की सुन ली भाई। स्कूल का बस्ता बांधिए। आपकी पूरी शिक्षा और हॉस्टल की व्यवस्था हो गई है।’ सोनू सूद ने स्कूल का नाम भी लिखा है- आइडियल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल बिहटा, पटना।’

कई ने मदद की बात की
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को सोनू को अच्छी शिक्षा की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। स्थानीय शिक्षा अधीक्षक भी सोनू से जाकर मिले थे। पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी सोनू से मिलने पहुंचे थे और उसका एडमिशन नवोदय विद्यालय में कराने बात कही थी। वहीं तेजप्रताप यादव ने भी आश्वासन दिया था। सोनू की इच्छा किसी सैनिक स्कूल में पढ़ने की है।

अब अभिनेता सोनू सूद ने सोनू का दाखिला पटना के प्राइवेट स्कूल में करवाने की बात कही है। सोनू सूद ने कहा, ‘मैंने पटना के स्कूल से बात की और हम आईएएस के लिए साढ़े छह सौ बच्चों को पढ़ा रहे हैं तो हम सोनू को भी पढ़ाएंगे। बिहार के लोग काफी तेज होते हैं वहां से काफी युवा IAS बनते हैं।’

कैसे वायरल हुआ नालंदा का सोनू?
14 मई को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नालंदा पहुंचे थे. मुख्यमंत्री अपनी पत्नी स्वर्गीय मंजू सिन्हा की पुण्यतिथि के मौके पर कल्याण बिगहा गांव पहुंचे थे. इस दौरान उत्क्रमित मध्य विद्यालय कल्याण बिगहा में जनसंवाद कार्यक्रम में लोगों की समस्याओं को वो सुन रहे थे. इसी कार्यक्रम में अपनी बात लेकर 11 साल का सोनू कुमार भी पहुंच गया जिसने सीएम से बेहतर शिक्षा की मांग की थी. उसके बोलने का अंदाज ऐसा था कि वायरल हो गया.

बता दें कि वीडियो वायरल होने के बाद विशाल ददलानी, गौहर खान समेत कई लोगों ने बच्चे की मदद की बात कही थी. इसके अलावा बिहार के कई नेताओं ने भी जाकर सोनू से मुलाकात की थी. सुशील कुमार मोदी ने नवोदय में नामांकन कराने की बात कही थी. पप्पू यादव ने भी बुधवार को जाकर मुलाकात की. बच्चे को 50 हजार रुपया भी दिया. तेज प्रताप ने भी बच्चे से वीडियो कॉल पर बात की थी. उन्होंने लालू पाठशाला खोलने की बात कही है.

सरकारी स्कूल की खोली थी पोल : बच्चे ने सीएम नीतीश के आंखों में आंखें डालकर शिक्षा की बदहाली की बात बताई. उसने कहा कि अगर सरकार मदद करे तो वो भी पढ़ लिखकर आईएएस, आईपीएस बनना चाहता है. सोनू ने सीएम नीतीश से कहा था कि सरकारी स्कूल में शिक्षा की स्थिति बद से बदतर है. इसके बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल उपविकस आयुक्त को उसकी आगे की पढ़ाई का जिम्मा सौंप देते हैं. बता दें कि सोनू बिहार के नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड के नीमा कौल गांव का रहने वाला है.

बच्चों को देता है ट्यूशन, लेता है 100 रुपये फीस: सोनू ने बताया था कि उससे सीखने के लिए 30 बच्चे आते हैं, जिनसे वह प्रति माह के हिसाब से 100 रुपए लेता है. इससे उन बच्चों की पढ़ाई हो जा रही है और खुद की आर्थिक मदद भी हो जाती है. उसने यह भी बताया कि कई बच्चे पैसे भी नहीं देते. भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बनने के सपने संजोए सोनू मदद के लिए मिल रहे ऑफर से खुश तो है, लेकिन कहता है कि उसे ऐसी मदद नहीं चाहिए, उसे मदद अधिकारी बनने तक चाहिए. उसकी मां भी अपने बच्चे को अधिकारी के रूप में देखना चाहती है. बता दें कि ग्रामीण बताते हैं कि बचपन से सोनू तेज तर्रार है. पिता दूध बेचने का काम करते हैं तो माता लीला देवी निरक्षर हैं.

 

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