Ranchi News : खाद्य तेल की 2 दिन में 15 रु. तक घटीं कीमतें; साबुन-बिस्किट भी सस्ते होंगे !

cooking oil ke daam ghate

सार
इंडोनेशिया द्वारा पाम तेल का निर्यात शुरू करने के एक महीने बाद खाद्य तेल की कीमतों में गिरावट आई है और केंद्र सरकार ने सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल को आयात शुल्क से छूट दी है। रांची में महज 2 दिनों में पाम, सोयाबीन और सरसों का तेल 8 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो गया है

Ranchi News : रांची में 2 दिन में ही पाम, सोयाबीन और सरसों के तेल 8 रुपए प्रति लीटर तक सस्ते हो गए। वहीं, कीमत अधिक होने से डिमांड में कमी की वजह से भी कीमत घटी है। अभी पाम व सोया ऑयल के भाव 15 रुपए लीटर तक सस्ते हुए हैं। सरसों तेल 10 रुपए लीटर तक घटे हैं।

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सप्लाई बढ़ने से देश में खाद्य तेलों के दाम आगे भी घटने की संभावना है। इंडोनेशिया से 2 लाख टन कच्चा पाम ऑयल की खेप सोमवार को भारत के लिए रवाना हो चुकी है। इस हफ्ते के आखिर तक भारत पहुंच जाएगी। मालूम हो कि रांची में 15 दिन पहले सोयाबीन तेल 190 से 195 रुपए लीटर तक बिक रहा था, अब 175 से 180 रुपए प्रति लीटर है। पाम ऑयल 155 से 160 रुपए प्रति लीटर पर आ गया है। वहीं, सरसों तेल 170 से 185 रुपए लीटर तक मिल रहे हैं।

*3 कारण… डीजल के दाम घटे, मांग में कमी आई और इंडोनेशिया ने निर्यात से बैन हटाया

*खाद्य तेल अब पहले पाम ऑयल 160 175 सोयाबीन तेल 175 190 सरसों तेल 170 180

*अन्य उत्पादों के भाव भी अब जल्द घटेंगे

यदि पाम ऑयल के दाम घटते हैं तो न सिर्फ तेलों की महंगाई से राहत मिलेगी, बल्कि साबुन, शैंपू, बिस्किट और चॉकलेट जैसे प्रोडक्ट्स की कीमतें भी कम होंगी।

*1800 टन के करीब खाद्य तेल की खपत झारखंड में प्रतिदिन है।
*85 लाख टन पाम ऑयल का आयात भारत सालाना करता है।
*1.3 करोड़ टन खाद्य तेल का सालाना आयात भारत करता है।

गेहूं के दाम घटे, पर आटा अब भी बाजार में महंगा बिक रहा

सरकार द्वारा निर्यात रोके जाने के बाद से गेहूं के भाव करीब 200 रुपए क्विंटल कम हुए हैं। लेकिन, बाजार में आटे का भाव जस का तस बना हुआ है। साधारण आटा अब भी 30 रुपए प्रति किलो बिक रहा है।

थोक कारोबारी संजीव कुमार ने बताया कि निर्यात रोके जाने और डीजल का रेट कम होने से गेंहू के भाव में कमी है। दाल की कीमतें एक महीना में 5 रुपए तक सस्ती हुई हैं। दाल में मंदी का रुख है। कई एक्सपर्ट का मानना है कि डीजल के भाव में कमी होने से भी कई खाद्य पदार्थों के भाव में कुछ कमी आ सकती है।

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