Hindustan Ambassador: इलेक्ट्रिक अवतार में एंबेसडर की होगी वापसी! सिंगल चार्ज में चलेगी 200Km !

Hindustan Ambassador in electric version

सार
भारत की मशहूर सिडान कार Ambassador दशकों तक भारतीय सड़क पर शानदार प्रदर्शन कर चुकी है। देश में संभ्रांत लोगों से लेकर बड़े बड़े राजनेता भी इस कार को पसंद करते रहे हैं। हालांकि अब इस कार का मालिकाना हक फ्रांस की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी Peugeot SA के पास है।

Hindustan Ambassador: देश की सबसे लोकप्रिय गाड़ियों में से एक एंबेसडर एक बार फिर बिक्री के लिए जाने वाली है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो एंबेसडर बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान मोटर्स कथित तौर पर इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में प्रवेश करके वापसी करने की योजना बना रही है।

ऑटो इंड्स्ट्री इस समय एक क्रांति के दौर से गुजर रहा है, जिसमें अधिकांश प्रमुख कंपनियां इलेक्ट्रिक सेगमेंट में प्रवेश करने की योजना बना रही हैं। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग अभी भी एक प्रारंभिक चरण में है, एंबेसडर निर्माता हिंदुस्तान मोटर्स कथित तौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ भारत में वापसी करना चाह रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत की पहली कार निर्माता, हिंदुस्तान मोटर्स, ईवी उद्योग की एक यूरोपीय ऑटो कंपनी के साथ एक संयुक्त उद्यम (जेवी) में प्रवेश करके अपने व्यवसाय को पुनर्जीवित करना चाह रही है। हिंदुस्तान मोटर्स ने यूरोपीय ईवी निर्माता के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रतिष्ठित एंबेसडर कार का निर्माण हिंदुस्तान मोटर्स द्वारा किया गया था, जिसने 1958 में उत्पादन शुरू किया था बाद में लगभग 50 साल बाद 2014 में इसका प्रोडक्शन बंद कर दिया गया था।

दोनों निर्माता वर्तमान में इक्विटी संरचना पर चर्चा कर रहे हैं। मौजूदा प्रस्तावित ढांचे में, हिंदुस्तान मोटर्स की 51% हिस्सेदारी होगी और यूरोपीय ब्रांड के पास शेष 49% हिस्सेदारी होगी।

सिर्फ इलेक्ट्रिक कार ही नहीं, दोनों ज्वाइंट वेंचर का फोकस इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर है। दरअसल, कंपनी की ओर से पहला प्रोडक्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर होगा। इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक को खरीदारों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इलेक्ट्रिक टू व्हीलर की बिक्री लगातार बढ़ रही है।

एंबेसडर 1960 से 1990 के दशक के मध्य तक भारत में एक स्टेटस सिंबल था, और यह बाजार में बड़े पैमाने पर निर्मित इकलौती लग्जरी कार थी। कंपनी ने 2013-14 में इस गाड़ी के उत्पादन को रोक दिया गया था, तब वार्षिक बिक्री 1980 के दशक के मध्य में 20,000 से अधिक इकाइयों से घटकर 2,000 इकाइयों से कम हो गई थी।

आपको बता दें कि Hindustan Ambassador को साल 1956 और 59 के बीच इंग्लैंड में तैयार किया गया था बाद में देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी हिंदुस्तान मोटर्स ने इसे भारत में पेश किया। साल 2014 तक भारत में इस कार का प्रोडक्शन जारी रहा और इसी साल इसे बंद भी कर दिया गया। साल 2017 में पी एस ए ग्रुप ने Hindustan Ambassador का अधिग्रहण कर चुकी है।

इतनी होगी ड्राइविंग रेंज: इस कार में भी कंपनी गलविंग डोर्स का प्रयोग कर सकती है। हालांकि अभी इस कार के स्पेसिफिकेशन के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार DC द्वारा यह कन्फर्म किया गया है कि इस कार में कंपनी 160 kWh की क्षमता का बैटरी पैक का प्रयोग करेगी, जो कि सिंगल चार्ज में 190 से 200 किलोमीटर तक का ड्राइविंग रेंज प्रदान करेगा। इस बैटरी को फुल चार्ज होने में 5 से 6 घंटे तक का समय लगेगा।

Ambassador इलेक्ट्रिक का आकार भी पहले जैसा नहीं होगा, रेगुलर मॉडल के मुकाबले यह 200 mm ज्यादा लंबी और 100 mm तक ज्यादा चौड़ी होगी। इसके अलांवा इसकी उंचाई को भी 50 mm तक बढ़ाया जाएगा। इलेक्ट्रिक कारों में एक्जेलरेशन को लेकर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाता है, इस लिहाज से भी यह कार बेहतर होगी। ऐसा माना जा रहा है कि यह कार महज 4.5 से 5 सेकेंड में ही 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ सकेगी। इस कार को तैयार करने में तकरीबन 45 प्रतिशत कंपोनेंट्स को लोकल ही असेंबल किया जाएगा।

 

 

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