सरकार ने दी राहत… घर बनाना हुआ सस्ता, छड़, गिट्टी, सीमेंट समेत लौह उत्पाद हुआ सस्ता !

ghar banana hua aasan

सार
डीजल की कीमतों में आई कमी का असर जल्द देखने को मिलेगा। निर्माण सामग्रियों की कीमतों में गिरावट का असर भी देखने को मिलेगा। व्यापारियों को भी अच्छे व्यापार की उम्मीद है। छड़ सीमेंट के अलावा रेत व ईट की कीमतों में भी गिरावट आई है। डीजल की कीमतों में गिरावट के कारण रेत,ईट,गिट्टी के परिवहन खर्च में भी कमी आई है।

New Delhi : लौह उत्पादों पर एक्सपोर्ट डयूटी लगाकर यह सुनिश्चित कर दिया गया है कि इसे दूसरे देशों में बेचने की कोशिश कम से कम होगी। केंद्र सरकार के फैसले का झारखंड के स्टील उद्योगों पर बड़ा असर देखने को मिल रहा है। इस फैसले से यह सुनिश्चित कर लिया गया है कि अब घरेलू बाजार में लौह उत्पादों की प्रचुर उपलब्धता होगी और इसके साथ ही पिछले कुछ महीनों से लगातार बढ़ रही लौह उत्पादों की कीमतों में गिरावट दर्ज होगी।

घरेलू बाजार में घोषणा के अगले ही दिन सोमवार को असर देखने को मिला और स्पंज आयरन में 2500 रुपये प्रति टन तक की कमी आई। इसी प्रकार आयरन पिलेट की कीमतों में 4000 रुपये प्रति टन तक की कमी दर्ज की गई है। इससे निर्माण उद्योग को खास तौर पर फौरी राहत मिली है।

स्टील की बढ़ती कीमतों के कारण केंद्र और राज्य सरकार की कई परियोजनाएं धीमी रफ्तार से चल रही थीं जिन्हें अब जाकर रफ्तार मिलेगी। आवासीय परियोजनाओं में लगनेवाली छड़ों की कीमतें भी जल्द कम होंगीं।

गिरावटी कुछ दिनों तक जारी रहेगी: सूत्र
उद्योग जगत के सूत्रों के अनुसार कीमतों में यह गिरावटी कुछ दिनों तक जारी रहेगी। इसके पूर्व ही फेरो एलाय जैसे सिलिकान, मैगनीज आदि की कीमतों में एक माह से लगातार कमी देखी जा रही है और यह अंतर बढ़ता भी जा रहा है। इसमें 20,000 रुपये प्रति टन तक की कमी आई है। इस कारण से विभिन्न ब्रांडों के सरिया के कीमतों में कमी देखने को मिलेगी। कारोबार जगत में इसका असर चंद दिनों में दिखने लगेगा। सूत्रों के अनुसार तैयार स्टील की कीमतों में आठ से दस हजार रुपये प्रति टन की कमी आ सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Latest News