बोरवेल में राहुल नहीं था अकेला, 65 फीट गहरे गड्ढे में 104 घंटे तक सांप तक रहने के बाद भी सांप में कुछ नहीं किया !

rahul snake rescue

सार
Rahul Borewell News: सीएम भूपेश बघेल ने रेस्क्यू टीम को बधाई देने के साथ-साथ राहुल की भी तारीफ की. मासूम को बचाने के लिए टीम ने इस प्रकार सिलसिलेवार रेक्स्यू ऑपरेशन चलाया.

Chhattisgarh Borewell Rescue: 65 फीट गहरा बोरवेल का गड्ढा…। घूप अंधेरा और सांस की आस में जिंदगी। राहुल की हिम्मत और जज्बे को सलाम… जिसने अपनी जीवटता और हिम्मत से मौत को मात देकर सुरक्षित लौट आया। 5 दिनों तक एक मूकबधिर बच्चा कैसे 104 घंटों तक बोरवेल में रहा होगा, इसकी कल्पना मात्र से आम आदमी की रूह कांप जाए। एक कैमरे में राहुल के मूवमेंट को देखकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। बोरवेल के गड्ढे में सिर्फ मासूम नहीं था, बल्कि वहां 3 जिंदगियां थी। वह 5 दिनों तक उसके साथ रहा…। उनके बीच रहा। दरअसल, जिस गड्ढे में राहुल गिरा था, उसमें एक मेंढ़क और एक सांप भी था।

104 घंटे तक राहुल बोरवेल के गड्ढे में संघर्ष करता रहा। उसे इस बात की जानकारी भी नहीं थी कि जहां वह गिरा है उसमें एक सांप और मेंढक भी है। कैमरे में सांप और मेंढक का मूवमेंट कैद हो गया। कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला को इस बात की जानकारी भी हो गई, लेकिन उन्होंने इसका जिक्र किसी से नहीं किया। जब उसे इस बात की जानकारी हुई तब वह खुद सिहर गए। दो दिनों तक राहुल ने जूस और फल खाया और उसका मूवमेंट दिखता रहा, जिससे सुकून मिलता रहा, लेकिन तीसरे दिन से राहुल ने सिर्फ एक बार सुबह फ्रूटी व फल खाया था, उसके बाद उसने कुछ नहीं खाया।

बोरवेल में सांप की खबर से हैरान हुए मुख्यमंत्री

बोरवेल में सांप होने की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री हैरान गए. उन्होंने राहुल की बहादुरी और रेस्क्यू टीम को बधाई दी. सीएम भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने कहा, ”हमारा बच्चा बहुत बहादुर है. उसके साथ गढ्ढे में 104 घंटे तक एक सांप और मेढक उसके साथी थे. आज पूरा छत्तीसगढ़ उत्सव मना रहा है, जल्द अस्पताल से पूरी तरह ठीक होकर लौटे, हम सब कामना करते हैं.” सीएम बघेल ने यह भी कहा, ”बहादुर बच्चे की जिजीविषा काबिले तारीफ है. जितने धैर्य से बचाव दल ने काम किया, राहुल भी उतनी ही हिम्मत से बोरवेल के अंदर डटा रहा, जिससे हमारी पूरी टीम को संबल मिला.”

सांप ने राहुल को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया
रेस्क्यू ऑपरेशन का वक्त बढ़ता गया और राहुल का शरीर जवाब देने लगा। इसे लेकर कलेक्टर खुद चिंतित हो गए। उसे डर सता रहा था कि कहीं सांप ने राहुल को नुकसान तो नहीं पहुंचाया होगा। इस बात की आशंका से वे परेशान थे, लेकिन इस बात को दबाए रखा। यह बात सामने आने से परिवार के लोग चिंतित हो जाते, लेकिन देशभर के लोगों की दुआएं काम आई। ऐसा लगता है कि सांप ने राहुल की बेबसी को समझ लिया। इसलिए उसने नुकसान पहुंचाने के बजाय दोस्ती निभाई। इधर मेंढक भी मासूम को संबल देता रहा होगा कि राहुल तुम अकेले नहीं हो… मैं भी आपके साथ हूं।

बोरवेल से राहुल को ऐसे निकाला गया
बीते शुक्रवार को राहुल 80 फीट गहरे बोरवेल में गिरा था, जिसमें 62 फीट की गहराई में जाकर वह फंस गया. राहुल को निकालने के लिए बोरवेल के बगल से एक बड़ा गड्ढा किया गया. इसमें लगभग 3 दिन का समय लगा. गड्ढे से बोरवेल तक पहुंचने के लिए एक सुरंग बनाई गई. इसमें भी 46 घंटे का वक्त लगा. सुंरग बनाने के लिए बड़े-बड़े चट्टान को ड्रिल कर तोड़ा गया. सुरंग बनाने वाली टीम के इंजीनियर ने बताया कि राहुल जहां फंसा था उससे कुछ फीट ऊपर तक सुरंग बनाई गई. इसके बाद 3 फीट ऊपर से ही राहुल को खींच लिया गया.

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