रांची हिंसा में CID ने 11 लोगों के खिलाफ दायर की चार्जशीट, यूपी-बिहार के 6 लोगों ने भीड़ को उकसाया !

ranchi violence chargesheet

सार
10 जून को झारखंड की राजधानी रांची में जुमे की नमाज के बाद हिंसा हुई थी. इस मामले में रांची के विभिन्न थानों में कुल 47 केस दर्ज हैं. जांच के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं.

Ranchi Violence News: रांची के मेन रोड में 10 जून को हुए उपद्रव मामले में सीआईडी ने शनिवार देर रात कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। 11 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें मोहम्मद अमजद, इरफान जुवेर आलम उर्फ इरफान अंसारी, मोहम्मद माज, अरमान हुसैन, सरफराज आलम, शहबाज, अफसर आलम, रमजान अली व तीन अन्य शामिल हैं। चार्जशीट में मुद्दसिर उर्फ कैफी व मोहम्मद साहिल के नाम भी शामिल हैं, जिनकी उपद्रव के दौरान गोली लगने से मौत हो गई थी।

सभी आरोपियों पर साजिश के तहत सुनियोजित तरीके से बवाल मचाने, दंगा भड़काने की कोशिश करने, शहर को सांप्रदायिकता की आग में झोंकने का प्रयास करने और उपद्रव से रोकने पहुंचे पुलिस अफसरों पर जानलेवा हमला करने के आरोपों की पुष्टि हुई है। सीआईडी ने चार्जशीट में लिखा है कि अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है। चार्जशीट में उपद्रव भड़काने में यूपी और बिहार कनेक्शन भी सामने आया है।

यूपी के गाजीपुर और पटना से आए तीन-तीन लोगों ने भीड़ को उपद्रव के लिए उकसाया। खूंटी के उपद्रवियों की भी पुलिस को जानकारी मिली है। अब तक यूपी-बिहार के साजिशकर्ता पकड़े नहीं जा सके हैं। वहीं खूंटी के उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए भी कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। घटना के कुछ दिन पहले से इसकी तैयारी चल रही थी। उपद्रवियों ने कई छतों पर सुनियोजित तरीके से ईंट-पत्थर जुटाकर रखे थे। उपद्रवी बोरे में भरकर पत्थर ले गए थे, जिसकी पुष्टि हो चुकी है। गौरतलब है कि 90 दिन के भीतर चार्जशीट दायर करनी होती है। इसलिए 89वें दिन शनिवार को आनन-फानन में चार्जशीट दायर की गई।

आग भड़काने में गाजीपुर व पटना के आरोपितों की तलाश जारी
रांची में उपद्रव की आग भड़काने में यूपी व बिहार कनेक्शन सामने आया था। पुलिस अनुसंधान में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से आए तीन लोगों के अलावा बिहार के पटना से आए तीन लोगों ने भी भीड़ को उपद्रव के लिए उकसाया। खूंटी के उपद्रवियों की भी पुलिस को जानकारी मिली थी। अब तक यूपी-बिहार के साजिशकर्ता नहीं पकड़े जा सके हैं, वहीं खूंटी के उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए भी कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। घटना के कुछ दिन पहले से इसकी तैयारी चल रही थी। उपद्रव के मार्ग में कई छतों पर सुनियोजित तरीके से ईंट-पत्थर जुटाकर रखे गए थे। बवाल, पत्थरबाजी व फायरिंग के वक्त उपद्रवी बोरे में भरकर पत्थर ले गए थे, जिसकी पुष्टि हो चुकी है।

बता दें कि 10 जून को हुई हिंसा मामले में रांची के विभिन्न थानों में कुल 47 केस दर्ज हैं, जिनमें से एक केस जो डेली मार्केट थाने में टाउन सीओ के द्वारा दर्ज कराया गया था, उस केस को सीआईडी ने टेकओवर किया था. इस हिंसा मामले में बिहार और यूपी के कनेक्शन की भी बात सामने आई थी, वहीं इसके साथ हीं कई ऐसे मैसेजे भी मिले थे जिससे ये बातें पुख्ता हो रही थी कि इस हिंसा के पीछे सुनियोजित साजिश है. फिलहाल इसकी भी जांच की जा रही है कि आखिर वो कौन लोग थे जो दूसरे राज्यों से रांची पहुंच राजधानी का अमन-चैन छीनने की साजिश रचे थे.

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