झारखंड में बन रहे 80 मॉडल स्कूल प्राइवेट स्कूलों को देंगे टक्कर : सीएम सोरेन

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सार
सीएम सोरेन ने रांची के जगन्नाथपुर स्थित मॉडल स्कूल (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव उच्च विद्यालय के निर्माणाधीन भवन का किया निरीक्षण किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह शिक्षा के उत्कृष्ट और बेहतरीन केंद्र बनेंगे. इसके लिए कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

Jharkhand News : सीएम सोरेन सोमवार को झारखंड मंत्रालय से निकलकर रांची के धुर्वा स्थित प्लस टू मॉडल स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे. करीब 8 करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस स्कूल के निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कई तरह के दिशा निर्देश दिए. खास कर निर्माण कार्य करवा रहे इंजीनियर को गुणवत्ता के मामले में दो टूक शब्दों में सीएम ने कहा कि किसी तरह की कोई गड़बड़ी वो बर्दाश्त नहीं करेंगे. 40 मिनट से ज्यादा समय तक उन्होंने निर्माणाधीन मॉडल स्कूल का निरीक्षण किया.

निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर शिक्षा और बेहतर भविष्य की नींव रखने का काम वो कर रहे हैं. अभी तो सिर्फ शुरुआत हुई है. राज्य में 4 हजार के करीब मॉडल स्कूल बनाने का लक्ष्य रखा गया है. फिलहाल 80 स्कूल का निर्माणकार्य शुरू हो चुका है, जबकि 405 स्कूल के निर्माणकार्य की स्वीकृति दे दी गई है.

सीएम ने कहा कि राज्य के सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूल को टक्कर देंगे. राज्य के मॉडल स्कूलों में कम्प्यूटर, लैब, लाइब्रेरी सहित हर आधुनिक सुविधाएं मौजूद रहेंगी. ट्रेंड शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. कोरोना संक्रमण की वजह से इस साल सत्र की शुरुआत नहीं हो पाई, लेकिन अगले सत्र से स्कूल में पढ़ाई शुरू हो जाएगी. स्कूल के निर्माण को लेकर गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. अगर गड़बड़ी हुई तो अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे.

बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव रखी जाएगी
सीएम श्री सोरेन ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सिर्फ एक विद्यालय नहीं होगा. यहां बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव रखी जाएगी. इसी सोच के साथ सरकार ने पूरे राज्य में कई सरकारी विद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में बनाने का निर्णय लिया है. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए 405 विद्यालय चयनित किये गए हैं. इनमें पहले चरण में 80 विद्यालयों के कायाकल्प का काम शुरू हो चुका है.

पढ़ाई की सारी आधुनिक सुविधाएं होंगी उपलब्ध
उन्होंने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षा की सारी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी. विशेषज्ञ शिक्षक नियुक्त किये जाएंगे. इन विद्यालयों में लैबोरेट्रीज, लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब की विशेष रूप से व्यवस्था की जा रही है. इस मौके पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव राजेश शर्मा से उन्होंने विद्यालय के निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी लेते हुए कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. साथ ही कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के भवन निर्माण में मैटेरियल्स की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. अगर घटिया निर्माण की शिकायत मिलती है, तो संबंधित पदाधिकारी एवं अन्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इधर, निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे और स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव राजेश शर्मा साथ थे.

सीएम सोरेन ने दिए ये निर्देश

* सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मल्टीपरपस हॉल की व्यवस्था हो, ताकि यहां बच्चों की सभी एक्टिविटी को बेहतर तरीके से आयोजित किया जा सके
* पुराने भवन और बन रहे भवन को एक परिसर में लाया जाए और दोनों भवनों में आने-जाने के लिए कॉरिडोर हो
*विद्यालय भवन परिसर में जल संरक्षण को लेकर वाटर हार्वेस्टिंग की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए
*विद्यालय परिसर की चहारदीवारी हो, ताकि उसका अतिक्रमण नहीं किया जा सके
* यहां इनडोर और आउटडोर खेलों के लिए समुचित व्यवस्था हो
* विद्यालय परिसर में चहारदीवारी के चारों ओर पेड़ -पौधे लगाए जाएं.

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