‘गाय राष्ट्रीय पशु’ वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट पहुंची, जजों ने फटकारा, याचिका वापिस ले ली!

supreme court on cow national animal

सार
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें केंद्र को निर्देश देने के लिए कहा गया था। यह याचिका गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से जुड़ी थी। शीर्ष अदालत से इस मामलें में केंद्र को निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। हालांकि, कोर्ट ने ऐसा करने से मना कर दिया।

HIGHLIGHTS
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की याचिका खारिज
इससे कौन-सा मौलिक अधिकार प्रभावित हो रहा है: सुप्रीम कोर्ट
आप ऐसी याचिकाएं दायर ही क्यों करते हैं कि हमें उस पर जुर्माना लगाना पड़े: सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court News: गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court on Cow as National Animal) की सुनवाई का सभी को इंतजार था. सोमवार, 10 अक्टूबर को सुनवाई हुई. इस दौरान जस्टिस एस के कौल और जस्टिस अभय एस ओका की बेंच ने याचिकाकर्ता के वकील को खूब फटकार लगाई और मामले पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया. साथ ही SC ने वकील पर जुर्माना लगाने की भी बात कही जिसके बाद याचिका वापस ले ली गई और मामला खारिज हो गया है.

याचिका में क्या कहा गया?
दरअसल याचिका में सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को निर्देश देने का अनुरोध किया गया. निर्देश ये कि केंद्र गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर विचार करे. याचिका में तर्क दिया गया कि गौ संरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है. याचिका में गायों की रक्षा करने की भी मांग की गई थी. ये गैर-सरकारी संगठन गोवंश सेवा सदन और अन्य की तरफ से दायर की गई एक जनहित याचिका है.

सु्प्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक सुनवाई के दौरान सु्प्रीम कोर्ट ने कहा,

क्या किसी जानवर को राष्ट्रीय पशु घोषित करना अदालत का काम है? आप ऐसी याचिकाएं दायर ही क्यों करते हैं कि हमें उस पर जुर्माना लगाने के लिए मजबूर होना पड़ता है?

इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा,

मैं यौर लॉर्डशिप आपको को मजबूर नहीं कर रहा हूं, लेकिन केंद्र सरकार को इस पर विचार करने का निर्देश देने का अनुरोध कर रहा हूं. भारत सरकार के लिए गायों की सुरक्षा बहुत जरूरी है

इस पर पीठ ने पूछा,

कौन-सा मौलिक अधिकार प्रभावित हुआ है जो आपने अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर की है?आप लोग ऐसी याचिकाएं क्यों दायर करते हैं? चूंकि आप अदालत आए हैं तो क्या हम नकारात्मक नतीजे की परवाह किए बिना फैसला सुना दें?

पीठ को समझाने की कोशिश में याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि गाय हमारे जीवन में बहुत मदद करती है. हालंकि इससे कुछ नहीं बदला. वकील ने याचिका वापस ले ली और मामले को खारिज कर दिया गया.

क्या है भारत के राष्ट्रीय पशु का इतिहास
इस समय देश का राष्ट्रीय पशु बाघ है लेकिन वन्यजीव बोर्ड ने 1969 में शेर को देश का राष्ट्रीय पशु घोषित किया था। बाद में साल 1973 में बाघ को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया गया। बता दें कि किसी पशु को राष्ट्रीय पशु घोष‍ित करने के पीछे कई पैरामीटर होते हैं।

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