Watch: लंपी वायरस से पीड़ित गाय दवा लेने पहुंची मेडिकल स्टोर, अब तक देश में 70 हजार गायों की मौत !

lumpy virus cow in medical store

Viral Video : बेजुबान गोवंश पर लंपी स्किन डिजीज (lumpy skin disease) के संक्रमण का कहर जारी है. वहीं राजस्थान (Rajasthan) में लाखों गोवंश संक्रमित हो चुके हैं. गायों में इस संक्रमण के कारण लगातार मौत का आंकड़ा बढ़ रहा हैं. प्रदेश में हजारों की तादाद में गोवंश की मौत भी हो चुकी है. वहीं इस लंपी बीमारी पर राजनेताओं का आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी चल रही है. गोवंश को संक्रमण से बचाने के लिए सरकारे दावे भी कर रही हैं.

वहीं इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. दरअसल वीडियो में एक गाय मेडिकल स्टोर पर पहुंचती है और मेडिकल स्टोर के मालिक उसे गुड़ में डालकर दो गोली देते हैं. इससे गाय को राहत मिलती है जिसके बाद गाय रोजाना मेडिकल स्टोर पहुंचना शुरू हो गई. इस वीडियो पर कई लोग कमेंट भी कर रहे हैं.

गाय रोजाना खुद ही पहुंचती है दुकान
बेजुबान लंपी संक्रमण से ग्रषित गाय ने अपनी बीमारी से छुटकारा पाने के लिए मेडिकल स्टोर पहुंची. वीडियो में आप देख सकते हैं कि दुकान पर पहुंच कर गाय दुकानदार से कुछ मांग रही हैं. बेजुबान गाय के एहसास को समझते हुए दुकानदार भी उसे दर्द व संक्रमण से राहत मिले ऐसी गोली गुड़ में मिलाकर दे रहा है. दरअसल जालौर जिले के सांचौर के सरस्वती मेडिकल स्टोर के मालिक रमेश बिश्नोई ने बताया कि पिछले एक महीने से यह गाय सुबह और शाम मेरी दुकान पर आती है.

गाय को मिल रही राहत
यह गाय लंपी बीमारी से ग्रसित है जब मेरे स्टोर पर आई तो मैंने देखा गाय को लंपी संक्रमण हो चुका है. मैंने सुन रखा है इस बीमारी में गाय को बहुत अधिक दर्द व खुजली होती हैं तो मैने दर्द कम करने की गोली व खुजली कम करने की एविल गोली को गुड़ में डालकर पहले दिन दी. इससे गाय को काफी राहत मिली तब से गाय रोजाना सुबह शाम मेरे स्टोर पर आती हैं. अब गाय बिल्कुल तंदुरुस्त हो चुकी है.

देश में लंपी वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ये रोग गायों को संक्रमित कर रहा है. इसका सबसे ज्यादा असर राजस्थान में देखने को मिला जहां तकरीबन 70 हजार गाय-बछड़ों को लम्पी वायरस ने मौत के घाट उतार दिया है. मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात में भी लम्पी वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसका सीधा असर गाय के दूध उत्पादन और उसके गर्भाशय पर पड़ता है. विशेषज्ञों के मुताबिक बीमारी से गाय के दूध के उत्पादन में 50 फीसदी तक कमी आती है. हैरानी की बात तो यह है कि लंपी वायरस से संक्रमित होने वाली गायों की मृत्यु दर 8 से 10 फीसदी  तक पहुंच गई है.

इस वायरस की रोकथाम कैसे हो सकती है

वायरस की रोकथाम के तरीकों के बारे में पशु चिकित्सक डॉ. नरसी राम बताते हैं कि इस वायरस से बचाव के लिए जरूरी है कि जिस परिसर में गाय रहती है वहांजैव सुरक्षा उपायों को अपनाएं. अपनी गायों में लंपी के लक्षणों की जांच करते रहें. अगर किसी गाय में लंपी वायरस के लक्षण नजर आ रहे हैं तोगाय को चारा, पानी और उपचार के साथ झुंड से अलग रखें और संक्रमित गाय की जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें.

डॉ. नरसी का कहना है कि गोट पॉक्स और शीप पॉक्स वैक्सीन से लंपी वायरस को रोकने में काफी मदद मिल सकती है. ये वैक्सीन 60 फीसदी तक प्रभावी है. ऐसे में जरूरी है कि सभी प्रभावित इलाकों में इस वैक्सीन से मवेशियों का टीकाकरण बड़े स्तर पर किया जाए. साथ ही लोगों को इस वायरस के बारे में जागरूक करने की भी जरूरत है.

लक्षणों की पहचान को लेकर जागरूकता लानी होगी
कई इलाकों में लंपी के लक्षणों को लेकर जागरूकता की कमी है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोगों को इस बीमारी को लेकर पैनिक नहीं होना चाहिए. अगर अगर किसी गाय के शरीर पर गांठ निकल रही है या घाव हो रहा है तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को देनी चाहिए. सही समय पर गाय को आइसोटेलट करके अन्य मवेशियों को इस संक्रमण के खतरे से बचाया जा सकता है.

 

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