75 लाख का इनामी कुख्यात नक्सली संदीप यादव की मौत, बिहार-झारखंड समेत 5 राज्यों में था मोस्ट वांटेड !

Gaya naxalite Sandeep Yadav Died

सार
Sandeep Yadav Death: 2018 में पहली बार ईडी ने नक्सली नेता संदीप यादव पर कार्रवाई की थी. दिल्ली,नोएडा, रांची, औरंगाबाद आदि कई स्थानों पर बनाई गई संपत्ति को जब्त किया था.

Gaya naxalite Sandeep Yadav Died : झारखंड-बिहार सहित 5 राज्यों में आतंक का पर्याय माओवादी कमांडर संदीप यादव नक्सलियों के बीच बड़े साहब के नाम से चर्चित था। साल 2000 के बाद लोगों को डराने के लिए संदीप के नाम का इस्तेमाल किया जाता था। बड़े साहब ने एक घुड़सवार दस्ता तैयार किया था। घोड़े पर बैठकर AK-47 लेकर फिल्मी स्टाइल में चलना इसका शौक बन गया था।

करीब दो दशकों तक अपने आतंक की बदौलत टॉप माओवादी कमांडर संदीप यादव उर्फ विजय ने अरबों रुपए की संपत्ति अर्जित की। प्रतिबंधित नक्सली संगठन के इस कमांडर के खिलाफ साल 2018 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की चल-अचल संपत्ति जब्त की थी। किसी नक्सली नेता के खिलाफ ED की ये पहली कार्रवाई थी।

झारखंड के पलामू सहित सभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र में इसका वर्चस्व रहा था। संदीप को नजदीक से जानने वाले खुफिया विभाग के अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में आतंक के मचाने के साथ संदीप खास तौर पर एक खास बिरादारी के शादी-ब्याह या गम के मौके पर जरूर शामिल होता था। इसके कहीं भी जाने से पहले अंगरक्षक दल बकायदा पूरे क्षेत्र की रेकी करता था। इसके बाद ही वो गांव के अंदर जाता था।

माओवादी नेता के आसपास सुरक्षा का आलम यह था कि पुलिस को इसकी एक तस्वीर बहुत मुश्किल से मिल सकी थी। बहुत पुरानी तस्वीर के आधार पर ही लंबे समय से इसकी तलाश हो रही थी। माओवादी नेता की पहचान के लिए नई तस्वीर तक सुरक्षा एजेंसियों के पास मौजूद नहीं थी।

बताया जाता है कि इसकी पत्नी गया जिले के बांके बाजार में शिक्षिका है। इसी से प्रेरित होकर इसके दोनों बेटे अमेरिका और विदेश के अन्य दूसरे शहरों में पढ़ाई कर रहे हैं। गया जिले के मदनपुर-शेरघाटी राष्ट्रीय राजमार्ग -दो जीटी रोड स्थित टाल नाके पर भी इसका वर्चस्व रहा है।

सुरक्षा बलों पर हमले के कई मामलों में संदीप यादव वांटेड रहा है। झारखंड पुलिस की वांटेड सूची में यह आठवें नंबर पर था। इस पर 25 लाख का इनाम घोषित था। इसके पिता का नाम रामदेव यादव है। यह ग्राम लुटवाटोला बाबुरामडीह थाना इमामगंज जिला गया (बिहार) का मूल निवासी था।

रांची के डीआइजी अनीश गुप्ता ने बताया कि माओवादी नेता का शव बिहार में मिलने की जानकारी प्राप्त हुई है। इस संबंध में और अधिक जानकारी जुटाई की जा रही है।

ईडी एक बार जब्त कर चुकी है संपत्ति

ज्ञात हो कि वर्ष 2018 में पहली बार ईडी ने नक्सली नेता संदीप यादव पर कार्रवाई की और दिल्ली, नोएडा, रांची, औरंगाबाद आदि कई स्थानों पर बनाई गई संपत्ति को जब्त किया था. परिवार वालों के बैंक खाते में जमा 20 लाख रुपये से ज्यादा पैसों को जब्त किया था. पत्नी के नाम से कई म्यूचुअल फंड, बैंक खाते व फ्लैट को जब्त करने की कार्रवाई की गई थी. पत्नी रजवंती देवी प्राथमिक विद्यालय लूटुआ में नियोजित शिक्षक के रूप में काम कर रही है.

संदीप पर 500 से ज्यादा मामले दर्ज
बता दें कि बिहार झारखंड स्पेशल कमेटी व मध्य बिहार जोनल का संदीप यादव प्रभारी था. 15 वर्षों से पोलित ब्यूरो का सक्रिय सदस्य था. उस पर बिहार में पांच लाख और झारखंड में 30 लाख रुपये का इनाम है. उसने 1989 में मैट्रिक की परीक्षा देने के बाद 1994 में नक्सली संगठन को ज्वाइन किया था. संदीप यादव पर 500 से भी ज्यादा मामले दर्ज हैं. बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में उस पर मामले दर्ज हैं.

मौत को लेकर तरह-तरह की बात

यादव की मौत को लेकर कई तरह की बातें हो रही हैं। बीते दिनों एक ब्लास्ट में वह घायल हो गया था। उसके बाद से वह काफी डरा हुआ था और छुप कर इलाज करवा रहा था। एक चर्चा यह भी है कि उसके साथ विश्वासघात हुआ है। उसे जहर देकर मार दिया गया है।

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