कुत्ते को कार में बांधकर घसीटा, डॉक्टर ने कहा- मेरी बेटी को काटा; FIR दर्ज

doctor ne kutte ko ghaseete

सार
राजस्थान के जोधपुर में एक स्ट्रीट डॉग को डॉक्टर ने अपनी कार में बांधकर घसीटा. इस मामले का वीडियो सामने आने के बाद डॉग होम फाउंडेशन की ओर से पुलिस में शिकायत की गई. पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

जोधपुर के एक डॉक्टर ने रविवार को क्रूरता की हदें पार कर दीं। उसके घर में एक स्ट्रीट डॉग घुसा तो उसने डॉग को अपनी गाड़ी में बांधकर 5 किलोमीटर तक घसीटा। इससे कुत्ता गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका पैर फ्रैक्चर हो गया और उसकी स्किन तक फट गई।

लोगों के रोकने पर भी कार भगाता रहा डॉक्टर
रोड पर कार के पीछे कुत्ते को बांधकर दौड़ाते देख लोगों ने कार रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि डॉ. रजनीश गालवा कार नहीं रोकी और लगातार भगाता रहा। राहगीरों ने कार के पीछे बाइक दौड़ाई और कार को आगे से घेरा। कार के आगे बाइक खड़ी कर दी। तब जाकर कार रुकी।

डॉक्टर गालवा ने इसका विरोध भी किया। रोकने वाले लोगों से उनकी बहस भी हो गई। इतने में एक राहगीर ने डॉग होम फाउंडेशन के वर्करों को सूचना दे दी। फाउंडेशन के मेंबर आए तो उनसे भी डॉक्टर उलझ गया।

डॉक्टर ने ही बुलाई पुलिस
फाउंडेशन के लोगों ने घायल कुत्ते के लिए अपनी एंबुलेंस बुलाई तो डॉक्टर ने हंगामा कर दिया। उसने शास्त्रीनगर थाने को कॉल कर दिया और पुलिस भी आ गई। फाउंडेशन के सदस्य कुलदीप ने बताया कि पुलिस ने भी एंबुलेंस को रोक कर रखा।

मेनका गांधी का फोन आया तब एंबुलेंस छोड़ी गई
इसके बाद दिल्ली से मेनका गांधी ने SHO जोगेंद्र सिंह को फोन किया, तब एंबुलेंस को छोड़ा। फाउंडेशन के हितेश ने बताया कि हमने पुलिस में रिपोर्ट दी है। थाना इंचार्ज ने कहा कि अपर्णा बिस्सा ने डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

राहगीर ने किया विरोध
वहीं बाइक सवार एक राहगीर ने कुत्ते के साथ दुर्व्यवहार को देखा और उसने इसका विरोध किया और कार को रोका. राहगीर ने तत्काल कुत्ते की जंजीर खोल दी और शहर के डॉग होम फाउंडेशन को घटना की जानकारी दी. स्थानीय लोगों ने गंभीर रूप से घायल कुत्ते के लिए एंबुलेंस की भी व्यवस्था की. वहीं आरोपी की पहचान डॉक्टर रजनीश गालवा के रूप में हुई. उसने दावा किया कि गली का कुत्ता उसके घर के पास रहता है और वह उसे वहां से हटाने की कोशिश कर रहा था.

यह है सजा का प्रावधान
IPC की धारा 428, 429 और PCA एक्ट की धारा 11 के तहत स्ट्रीट डॉग को मारना-पीटना प्रताड़ित करना दंडनीय अपराध है। सरकार की नीति और एनिमल बर्थ कंट्रोल 2011 के तहत जिस क्षेत्र में इन स्ट्रीट डॉग का आतंक है, वहां इनकी नसबंदी की जा सकती है, मारा नहीं जा सकता। यदि कोई इन स्ट्रीट डॉग या मवेशियों को परेशान करता है या मारने की कोशिश करता है तो पशु क्रूरता का केस पुलिस में दर्ज किया जा सकता है।

किस धारा के तहत कितनी सजा
धारा 428:
 पशुओं को मारना और जहर देना या उसे अपाहिज करने पर दो साल की कैद या दंड तथा दोनों दिया जा सकता है।
धारा 429: पशुओं को मार डालने, जहर देना या अपाहिज कर देने पर पांच साल की सजा या दंड या फिर दोनों दिया जा सकता है।

 

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