तेज हो रहे कुर्मी आंदोलन से झारखंड में कई ट्रेनों का परिचालन हुआ रद्द, जानें क्या है मांग !

kurmi aandolan jharkhand

सार
कुर्मी समुदाय के लोगों ने कई हिस्सों में एसटी का दर्जा और कुरमाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर रेल सेवा बाधित कर दी। ओडिशा, बंगाल और झारखंड में असर देखने को मिला।

झारखंड सहित कई राज्यों मे तेज होते कुर्मी आंदोलन का असर ट्रेनों के परिचालन पर पड़ा है। कई ट्रेनों के परिचालन का रूट बदला गया है तो कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। राउरकेला से पहले कलूंगा के पास भी कई ट्रेन घंटो से अटकी हुई हैं। अगर आपका कोई अपना भी ट्रेन से यात्रा कर रहा है तो इन रास्तों पर ट्रेन के परिचालन पर असर पड़ सकता है, साथ ही कई ट्रेन रद्द कर दी गयी है। आंदोलन की वजह से आद्रा मण्डल एवं खड़गपुर मंडल में ट्रेनें रद्द कर दी गयी है इनमें

1) ट्रेन संख्या 22892 रांची – हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन यात्रा प्रारंभ दिनांक 22/09/2022 को रद्द रहेगी | 2) ट्रेन संख्या 08641/08642 आद्रा – बरकाकाना – आद्रा मेमू पैसेंजर यात्रा प्रारंभ दिनांक 22/09/2022 को रद्द रहेगी | 3) ट्रेन संख्या 03598/03597 आसनसोल – रांची – आसनसोल मेमू पैसेंजर यात्रा प्रारंभ दिनांक 22/09/2022 को रद्द रहेगी | 4) ट्रेन संख्या 18036 हटिया – खड़गपुर एक्सप्रेस ट्रेन यात्रा प्रारंभ दिनांक 22/09/2022 को रद्द रहेगी | 5) ट्रेन संख्या 03595/03596 बोकारो स्टिलसिटी – आसनसोल – बोकारो स्टिलसिटी मेमू पैसेंजर ट्रेन यात्रा प्रारंभ दिनांक 22/09/2022 को रद्द रहेगी |

कुरमी समाज के लोग झारखंड, बंगाल और उड़ीसा के स्टेशनों का घेराव दिया। मंगलवार को झारखंड के नीमडीह स्टेशन, बंगाल के पुरूलिया, झालदा, झारग्राम, बाकुड़ा और उड़ीसा के मयूरभंज में अवरोध चला। बाद रेलवे पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए लोगों को पटरी से हटाया।

झारखंड-बंगाल से हो चुकी अनुशंसा, बीजद भी साथ

वर्ष 2005 में तत्कालीन झारखंड सरकार और 2017 में बंगाल सरकार ने केंद्र को इस संबंध में अनुशंसा भेजी थी। ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजद का समर्थन इस मांग को है। झारखंड में सभी दल इस मांग का समर्थन करते हैं। चुनावों के वक्त कुर्मी समुदाय को रिझाने के लिए इस मुद्दे को उछाला जाता है। कुर्मी संगठनों का दावा है कि झारखंड में उनकी आबादी 25 प्रतिशत है। ओडिशा में इस जाति की आबादी 25 लाख और बंगाल में 40 लाख है। बंगाल के जंगल महाल क्षेत्र की 35 विधानसभा सीटों पर इनके प्रभाव को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर केंद्र को अनुशंसा भेजने का आश्वासन दिया है। ओडिशा में झारखंड से सटे जिलों मयूरभंज, क्योझर, बालासोर, अंगुल, जाजपुर, सुंदरगढ़ और संभलपुर में ये बहुतायत में हैं।

 

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