UPSC Exam पास कर खुश थी लड़की, जब सच्चाई आई सामने तो मांगनी पड़ी माफी; जानें पूरा मामला

RAJRAPPA UPSC DIVYA RESULT

UPSC में पास हो खुश थी झारखंड की दिव्या, 4 दिन से इलाके में हो रही थी वाहवाही, लेकिन अब सच्चाई कुछ और ही निकली

 

सार
मानवीय चूक की वजह से परिवार में खुशियों का माहौल था जमकर मिठाइयां बांटी गई थीं. खुद दिव्या पांडे ने मीडिया से कहा था कि आइएएस (IAS) बनने का ख्वाब 10वीं क्लास से ही मन में पाल रखा था. इसलिए माता-पिता के साथ-साथ अपना सपना भी पूरा किया है.

Ramgarh Divya Pandey viral story: कहते हैं सुनी हुई बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए जब तक उसे खुद देखा ना हो. लेकिन कई बार लोग ऐसी गलती करते हैं और फिर शर्मिंदा होते हैं. ऐस ही हुआ है झारखंड की रहने वाली 24 साल की दिव्या के साथ, जिन्होंने बीते दिनों यूपीएससी की परीक्षा में सफलता पाने का दावा किया था. हालांकि, अब उनके परिवार की ओर से कहा गया है कि दिव्या पांडेय नहीं बल्कि दक्षिण भारत की रहने वाली किसी दिव्या पी ने परीक्षा पास की है, जिसे अपनी बेटी समझ कर वे जश्न मना रहे थे.

पहले अटेंप्ट में सिविल सेवा परीक्षा पास की
दिव्या पांडे के परिवार ने दावा किया था कि उनकी बेटी ने पहले अटेंप्ट में सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है. लेकिन शुक्रवार को उन्होंने जिला प्रशासन और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) से माफी मांगी. चूंकि, उनके इस दावे के बाद दोनों ने दिव्या को सम्मानित किया था. साथ ही साथ मीडिया ने बड़े प्राथमिकता से खबर चलाई थी. परिजनों ने सफलता की गलत जानकारी देने के संबंध में कहा कि अनजाने में गलती हुई थी.

दिव्या पांडे (24) की ओर से माफी मांगते हुए, उनके परिवार के सदस्यों के साथ-साथ उनके पड़ोसियों ने कहा कि यह वास्तव में दक्षिण भारत की दिव्या पी हैं, न कि दिव्या पांडे जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 323 वीं रैंक हासिल की है.

दोस्त में फोन कर दी थी जानकारी
दिव्या पांडे की बड़ी बहन प्रियदर्शनी पांडे ने कहा कि उनकी बहन को उत्तर प्रदेश में रहने वाली उनकी दोस्त ने सूचित किया था कि उन्होंने यूपीएससी में 323वीं रैंक हासिल की है. इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की वेबसाइट पर रिजल्ट देखने की कोशिश की. लेकिन इंटरनेट काम नहीं कर रहा था, जिस कारण उन्होंने खुद से रिजल्ट नहीं देखा और उसकी बात पर भरोसा कर घोषणा कर दी. ये एक अनजाने में हुई गलती थी.

झूठे दावे करने का इरादा नहीं था: परिवार
इन दावों की मीडिया में खूब चर्चा हुई. अपने कार्यालय में दिव्या पांडे को सम्मानित करने वाली रामगढ़ की उपायुक्त माधवी मिश्रा ने इसे ‘मानवीय गलती’ करार दिया है. परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि फर्जी खबर फैलाने या झूठे दावे करने का उनका कोई इरादा नहीं था. उन्होंने कहा कि सच्चाई का पता लगाने के बाद दिव्या दिल्ली के लिए रवाना हो गई है. दिव्या झारखंड के रामगढ़ जिले के चित्तरपुर ब्लॉक के अंतर्गत रजरप्पा कॉलोनी की रहने वाली है.

कौन हैं दिव्या पांडेय?
रामगढ़ जिला के रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत सीसीएल रजरप्पा के रिटायर्ड क्रेन ऑपरेटर जगदीश पांडे की सुपुत्री दिव्या पांडे ने आईएएस बनने के लिए यूपीएससी की तैयारी की थी. उनके पास होने की खबर आने के बाद पूरे रामगढ़ में खुशी की लहर थी. आपको बता दें कि दिव्या की प्रारंभिक परीक्षा डीएवी रजरप्पा से हुई है. रांची विमेंस कॉलेज से बीबीए पास करने के बाद यूपीएससी की तैयारी में जुट गई थीं. बिना किसी कोचिंग के वो यूपीएससी परीक्षा में शामिल हुई थीं. दिव्या पांडे दो बहन ओर एक भाई में सबसे छोटी है.

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