धनबाद में धूमधाम से निकली मेढक की बारात, इंद्रदेव को प्रसन्‍न करने के ल‍िए कराया गया अनोखा व‍िवाह !

dhanbad me mendhak ki shadi

सार
झारखड में बारिश न होने से हर कोई परेशान है. सब टकटकी लगाए आसमान की तरफ देखते रहते हैं. किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं. लोग बारिश की कामना लिए हर तरह के टोटके अपना रहे हैं.

Dhanbad News : बारिश नहीं होने के कारण कोयलांचल में सुखाड़ की स्थिति बन गई है। धान का बिचड़ा सूख गया है। पानी के अभाव के कारण कई खेतों में हल तक नहीं चलाया गया है। भारत की आत्‍मा गांवों में न‍िवास करती है। ग्रामीणों की जीविका कृषि पर निर्भर करती है। अगर बारिश नहीं हुई तो मुख्य फसल धान की खेती नहीं होगी। बार‍िश के देवता इंद्र को खुश करने के लिए एक अनोखा विवाह संपन्न कराया गया। राजगंज के चुंगी गांव में किसानों ने शनिवार को मेढ़क और मेढ़की की शादी करवाया गया। इसे अंधविश्वास कहा जाय या कुछ और। लेकिन कृषकों के लिए यह रस्म डूबते को तिनके का सहारा है। मरता क्या नही करता।

चुंगी में मेढ़क और मेढ़की की शादी पूरे रश्म के साथ की गई। मेढ़क पक्ष से महेंद्र डोम अभिभावक बने। जबकि मेढ़की के पक्ष से पांचू रजवार। ढोल बजा के साथ सैकड़ों महिला-पुरुष सहित बच्चों के साथ बरात निकली गई। जो चुंगी के कुम्हार बस्ती से ऊपर कुल्ही मंदिर होते हुए डोम कूल्ही पहुंची।

यहां मेढ़कव मेढ़की को पीढ़ा पर बैठाया गया। चादर स्वरूप पूजा में प्रयोग होने वाला लाल सलूक पीढ़ा पर बिछाया गया था। दोनो जलचर को फूल का माला के बीच रखकर विधिवत सिंदूर दान की रस्म पूरी किया गया। इंद्रदेव को प्रसन्‍न करने के ल‍िए म‍ह‍िलाएं गीत गा रही थी। सूखे खेत में हरियाली, जानवरों के लिए चारा, तालाब – कुंआ में जल भर देने की कामना किया जा रहा था।

इस अनोखे विवाह में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष(ग्रामीण) राजेश चौधरी उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को सरकार सहयोग नहीं कर रही है. लोग कृषि पर निर्भर हैं. मजदूर भी प्रभावित हो रहे हैं. कारण कृषि के लिए मजदूरों को काम में लगाया जाता है. ग्रामीण सक्षम नहीं है कि सुखाड़ को झेल पाएं. इस कारण इंद्र देव को खुश करने के लिए मेढक और मेढ़की का विवाह संपन्न कराया गया.

 

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