रांची हिंसा पर राज्यपाल का सख्त तेवर, शहर की होर्डिंग में लगवाएं फोटो, नहीं बख्शे जाएं एक भी उपद्रवी !

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सार
रांची में शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी. वहीं कई लोग घायल हो गए थे. अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने झारखंड के राज्यपाल से रांची हिंसा मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए हैं !

Ranchi : झारखण्ड के राज्यपाल रमेश बैस पिछले दिनों रांची के मेन रोड में उग्र विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पत्थरबाजी और तोड़-फोड़ की हिंसक घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किसी भी हाल में एक भी उपद्रवी बख्शे नहीं जाने चाहिए। इस घटना के लिए जो भी दोषी हों, उनके विरुद्ध शीघ्र कानूनी कार्रवाई हाे। राज्यपाल ने सोमवार को राज्य के पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा, एडीजी अभियान संजय आनंद लाटकर के अलावा रांची के उपायुक्त छवि रंजन तथा वरीय पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र झा को राजभवन बुलाकर न केवल उक्त घटना को रोकने के लिए की गई आवश्यक कार्रवाई की जानकारी ली, बल्कि घटना के बाद अबतक की गई कार्रवाई के बारे में भी पूछताछ की।

राज्यपाल ने पदाधिकारियों से कहा कि सभी प्रदर्शनकारियों और पकड़े गए लोगों की पूरी जानकारी लें तथा उनका नाम और पता सार्वजनिक करें। शहर में मुख्य स्थानों पर उनकी तस्वीरें होर्डिंग में लगवाएं ताकि जनता भी उन्हें पहचान सके और पुलिस की मदद कर सके। राज्यपाल ने यह भी कहा कि जो लोग इन घटनाओं के बारे में या इंटरनेट मीडिया के माध्यम से अफवाहें फैला रहे हैं, उनकी भी पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करें। ऐसे सभी लोगों की पहचान कर उन्हें सजा देने की जरूरत है। डीजीपी ने स्वीकार किया कि खुफिया विभाग ने 150 लोगों द्वारा अराजकता फैलाने की आशंका का इनपुट दिया था।

राज्यपाल ने पदाधिकारियों से उक्त घटना के बाद रांची में विधि व्यवस्था को लेकर की जा रही कार्रवाई की भी जानकारी ली। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों से कहा कि विधि व्यवस्था कायम करने में किसी प्रकार की कोताही न हो। किसी को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत हरगिज नहीं दी जा सकती। बता दें कि राज्यपाल ने इससे पहले भी पुलिस महानिदेशक व एडीजी अभियान को फोन कर घटना में शामिल लोगों को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी फोन कर घटना की जानकारी ली थी। इधर, राजभवन केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजने की तैयारी कर रहा है। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय इस घटना की पूरी रिपोर्ट राजभवन को देने को कहा है।

बताएं, घटना को रोकने के लिए आइबी, सीआइडी ने क्या दिए थे इनपुट
राज्यपाल ने पदाधिकारियों से साफ-साफ पूछा कि प्रस्तावित जुलूस को लेकर इस तरह की घटना को रोेकने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे। राज्यपाल पदाधिकारियों के जवाब से संतुष्ट नहीं थे। राज्यपाल ने पदाधिकारियों से पूछा कि प्रस्तावित घटना, धरना, प्रदर्शन, जुलूस के बारे में प्रशासन के पास क्या जानकारी थी और जिला प्रशासन ने इससे निपटने के लिए क्या व्यवस्था की थी? पुलिस महानिदेशक से पूछा कि आइबी, सीआइडी तथा स्पेशल ब्रांच ने क्या-क्या इनपुट दिए थे? जुलूस के दौरान किसी तरह की घटना को रोकने के लिए कितने सुरक्षा कर्मी और दंडाधिकारी वहां तैनात किए गए थे। उन्होंने नाराजगी प्रकट करते हुए यह सवाल भी किए गए कि घटना को रोकने के लिए क्यों नहीं ऐहतियाती कदम उठाए गए।

राज्यपाल ने पूछा अधिकारियों से
जुलूस के दौरान वाटर केनन, रबर बुलेट्स और आंसू गैस के इस्तेमाल क्यों नहीं किए गए। इसके इंतजाम वहां क्यों नहीं किए गए थे?
पुलिस अधिकारियों व कर्मियों ने हेलमेट और सुरक्षा गीयर क्यों नहीं पहने हुए थे?
अबतक 29 लोग लिए गए हैं हिरासत में, गिरफ्तारी एक भी नहीं

राज्यपाल को डीजीपी ने बताया कि मामले में अभी तक 29 लोग हिरासत में लिए गए हैं। हालांकि गिरफ्तारी एक भी नहीं हुई है। राज्यपाल ने इसपर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना में अभी तक कए भी गिरफ्तारी नहीं होना चिंताजनक है। डीजीपी ने बताया कि जो भी वीडियो फुटेज या फोटोग्राफ मिले हैं, उनसे मिलान किया जा रहा है। दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर नामजद लोगों को खोजा जा रहा है।

बता दें कि बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन की टोयोटा गाड़ी पर हमला करनेवाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने रविवार देर शाम को मो. अनीश नाम के युवक को सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के पहाड़ी टोला से गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर पुलिस घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी कर रही है.

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