Jharkhand Political Crisis : लालू का राबड़ी मॉडल अपनाएंगे सीएम सोरेन ? पत्नी को कुर्सी सौंपने की अटकलें तेज !

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सार
झारखंड के राज्यपाल महामहिम रमेश बैस राजभवन पहुंच गये हैं. थोड़ी देर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़ी निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट में क्या है, इसका खुलासा हो सकता है.

Jharkhand Political Crisis : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता को चुनाव आयोग ने रद्द करने की सिफारिश की है। यह खबर आते ही लोगों ने यह सवाल पूछना शुरू कर दिया कि क्या हेमंत सोरेन झारखंड में ‘राबड़ी मॉडल’ अपनाएंगे ? क्या हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना को सूबे की कुर्सी संभालने की जिम्मेदारी देने वाले हैं ?

क्या है यह ‘राबड़ी मॉडल’
साल 1996 में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का नाम चारा घोटाले में सामने आया। विपक्ष के विरोधों को देखते हुए सबने यह मान लिया था कि लालू यादव की राजनीति का अब अंत होने वाला है। तभी लालू यादव ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को बिहार का मुख्यमंत्री बना दिया। इस तरह पद पर न रहते हुए भी सारे फैसले लालू यादव ही लिया करते थे।

हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द होने के मायने
विधानसभा सदस्यता रद्द होने के बाद हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा। इसी के साथ झारखंड की सरकार को अपना नया मुख्यमंत्री चुनना होगा। झारखंड में अभी गठबंधन की सरकार है। इस गठबंधन में झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ-साथ कांग्रेस, राजद और एनसीपी शामिल हैं। हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा के ऊपर अब संकट पड़ गया है। अपना नया नेता चुनने के लिए उन्हें बाकी के पार्टियों से भी बातचीत करनी होगी।

क्या पत्नी कल्पना बनेंगी अगली मुख्यमंत्री
यह अटकलबाजी तब से चल रही है जब से भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने यह कहा कि पद से हटने के बाद हेमंत सोरेन अपनी पत्नी को ही मुख्यमंत्री बनाएंगे। इसे राबड़ी मॉडल इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि राबड़ी यादव को मुख्यमंत्री बनने से पहले राजनीति का कोई अनुभव नहीं था। ठीक वैसे ही कल्पना सोरेन भले ही राजनीतिक परिवार से आती हैं लेकिन उनका अब तक कोई राजनीतिक अनुभव नहीं रहा है।

रांची में चलाती हैं प्ले स्कूल
कल्पना सोरेन रांची में एक प्ले स्कूल चलाती हैं। घर-परिवार के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने वाली कल्पना राजनीति से दूरी बना कर रहती हैं। झारखंड के आम लोगों के बीच कल्पना की लोकप्रियता बहुत है। वो हेमंत सोरेन के ज्यादातर कार्यक्रमों में शामिल होती हैं।

हेमंत सोरेन के लिए अगले नेता का चुनाव करना आसान नहीं होगा। हेमंत सोरेन के पिता शिबू सोरेन अब बुजुर्ग हो चुके हैं। उनके भाई बसंत सोरेन पर भी कई मामले चल रहे हैं। ऐसे में हेमंत सोरेन को परिवार के 2 लोगों में से किसी एक का चुनाव करना होगा। अव्वल उनकी पत्नी, कल्पना सोरेन। दूसरी, उनकी भाभी दुर्गा सोरेन। ऐसे में पलड़ा कल्पना सोरेन की ओर ज्यादा झुका हुआ नजर आ रहा है। देखना होगा कि हेमंत सोरेन किसको झारखंड की गद्दी सौंपते हैं।

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