Jharkhand Political Crisis : इरफान की अनूप सिंह को चुनौती, कहा हिम्मत है तो मैदान में आएं !

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Jharkhand Political Crisis : झारखंड सरकार को अस्थिर करने संबंधी आरोपों में फंसे कांग्रेस के तीन निलंबित विधायकों इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोनगाड़ी को कोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद कोलकाता में ही रहना पड़ रहा है। उनसे लगातार क्षेत्र के लोग मिलने आ रहे हैं। विधायकों के समक्ष परेशानी यह है कि वे कोर्ट का आदेश मिले बगैर यहां नहीं आ सकते। इस स्थिति से परेशान जामताड़ा के विधायक इरफान अंसारी ने अपने खिलाफ जीरो एफआइआर करने वाले पार्टी के ही बेरमो विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला है।

मेरी तो कभी अनूप सिंह से बात तक नहीं हुई है
रविवार को फोन पर बातचीत करते हुए विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि साजिश के तहत तीनों विधायकों के खिलाफ रांची में जीरो एफआइआर कराया गया। अनूप सिंह को किसी प्रकार की दुश्मनी है तो उन्हें राजनीतिक मैदान में निपटना चाहिए था। यह भी कहा कि अनूप सिंह की उनसे पिछले एक वर्ष से कोई बातचीत नहीं हुई। फोन डिटेल निकालकर इसे देखा जा सकता है। विधानसभा में भी बातचीत नहीं होती थी। अनूप सिंह ने उनकी कोई राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता भी नहीं है।

कोई विधायक 15 लाख लेकर नहीं चल सकता
विधायक इरफान ने कहा- उन्होंने आरोप लगाया कि हमने उनको 10 करोड़ रुपये और मंत्री बनाने का आफर दिया। यह बात समझ के परे है। सवाल उठाया कि वे किसी को मंत्री कैसे बना सकते हैं। कोलकाता में उन्हें तीनों विधायकों के साथ जाने को कह दिया गया। सभी विधायक थाने से निकल गए थे। उसके बाद थाने के पदाधिकारियों ने आकर फिर से रोक दिया। इरफान ने दावा किया कि तीनों विधायकों के पास आदिवासी दिवस की तैयारी से संबंधित पैसे को एक साथ जोड़कर दिखाया गया। सवाल उठाया कि कोई विधायक 15-16 लाख रुपये लेकर नहीं चल सकता।

कांग्रेस आलाकमान को गलत जानकारी दी गई
इरफान अंसारी ने कहा- पहले भ्रम फैलाया गया कि विधायकों के पास 10-15 करोड़ रुपये मिले हैं। यह गलत निकलता तो काफी कम राशि को एक साथ जोड़कर केस बनाने की कोशिश की गई। मांडर की विधायक शिल्पी नेहा तिर्की द्वारा विधानसभा में अपने खिलाफ की गई शिकायत के संबंध में उन्होंने कहा कि उन्हें भी तथ्य देना चाहिए। किसी के प्रभाव में आकर ऐसा आरोप लगाना ठीक नहीं है। वह उनकी पुत्री के समान हैं। कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम को उन्होंने अभिभावक बताया। यह भी कहा कि कांग्रेस आलाकमान को गलत जानकारी दी गई। तीनों विधायक कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद आलाकमान के समक्ष सारी बातें रखेंगे।

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