Archery World Cup 2022: Jamshedpur की कोमलिका ने स्वर्णपरी दीपिका को पछाड़ा, कभी पिता ने घर बेचकर दिलाया था धनुष !

archerry komolika beats deepika

हाइलाइट्स
तीरंदाजी में बेटी का जुनून देख पिता ने बेच दिया था अपना छोटा सा घर
मां आंगनबाड़ी केंद्र में तो कोमोलिका के पिता एलआईसी एजेंट के रूप करते है काम
पिता ने पहली बार 5000 रुपए में बांस से बना धनुष खरीद कर दिया था कोमोलिका को
टाटा आर्चरी अकादमी में हुआ था कोमोलिका का चयन

Archery World Cup 2022: दीपिका कुमारी अपनी बहुप्रतीक्षित वापसी करने में नाकाम रही। पेरिस में चल रहे तीरंदाजी विश्वकप स्टेज-3 के क्वालीफाइंग राउंड में न सिर्फ वह 37वें स्थान पर रही, बल्कि जमशेदपुर की उभरती सितारा कोमलिका बारी ने भी उसे पछाड़ दिया।

फाइनल हाफ में उनका 11 परफेक्ट 10 का हिस्सा था। 31वें स्थान पर अंकिता (644) भारतीय महिलाओं में सर्वश्रेष्ठ थीं क्योंकि उन्होंने 27वें स्थान पर रहे तरुणदीप राय (670) के साथ मिश्रित जोड़ी की टीम बनाई, जिसमें दोनों ने 13वीं रैंकिंग हासिल की। प्रवीण जाधव, जिन्होंने भी टोक्यो ओलंपिक की हार के बाद वापसी की, 668 अंकों के साथ 30 वें स्थान पर रहे। अनुभवी जयंत तालुकदार (667) ने 32 वां स्थान हासिल किया, क्योंकि रिकर्व पुरुषों की टीम ने ड्रॉ में आठ सीडिंग हासिल की।

पिछले साल टोक्यो ओलंपिक में हार के बाद वापसी करने वाली दुनिया की तीसरे नंबर की तीरंदाज दीपिका ने 72 तीरों के क्वालीफिकेशन दौर में निराशाजनक 638 का स्कोर किया, जो कोरियाई ली गह्युन से 37 अंक पीछे हैं, जिन्होंने महिला रिकर्व में अपनी जगह बना ली।

तीरंदाजी वर्ल्ड कप (Archery World Cup) के क्वालीफिकेशन राउंड (Qualification Round) में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, लेकिन गुरूवार को भारतीय तीरंदाजों (Indian Archers) ने शानदार वापसी की. दरअसल, भारतीय रिकर्व महिला तीरंदाजों (Indian women recurve team) ने विश्व कप (World Cup) के तीसरे चरण के फाइनल (Final) में अपना स्थान पक्का कर लिया है. इस तरह भारतीय टीम का पहला मेडल सुनिश्चित हो गया है. पहले क्वालीफिकेशन दौर (Qualification Round) में सभी महिला तीरंदाज शीर्ष 30 से बाहर रही थी जिससे उन्हें 13वीं वरीयता मिली थी.

फाइनल में चीनी ताइपे से होगा सामना
भारतीय तीरंदाज दीपिका कुमारी (Deepika Kumari), अंकिता भगत (Ankita Bhakat) और सिमरनजीत कौर (Simranjeet Kaur) ने यूक्रेन (Ukraine), ब्रिटेन (Britain) और तुर्की (Turkey) के खिलाड़ियों को हराकर फाइनल (Final) में अपनी जगह बनाई. अब रविवार को फाइनल (Final) खेला जाएगा. फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों के सामने चीनी ताइपे (Chinese Taipei) के खिलाड़ी होंगे. इससे पहले भारतीय महिला रिकर्व (Indian women recurve team) तिकड़ी ने सबसे पहले चौथी वरीय यूक्रेन को 5-1 (57-53 57-54 55-55) से हराकर बाहर का रास्ता दिखाया. उसके बाद क्वार्टरफाइनल में ब्रिटेन के खिलाफ उन्होंने महज चार अंक गंवाये और अपने प्रतिद्वंद्वियों को 6-0 (59-51 59-51 58-50) से मात दी.

तीरंदाजी में बेटी का जुनून देख पिता ने बेच दिया अपना छोटा सा घर
कोमोलिका बारी को उसके माता-पिता ने बचपन से ही तीर धनुष से लगाव देखा था। उन्होंने बताया कि जब वह छोटी थी तो घर में पड़ी लकड़ी से ही तीर धनुष बनाकर खेला करती थी। कोमोलिका जैसे-जैसे बड़ी होती गई वैसे ही तीरंदाजी के प्रति उसका जुनून बढ़ता चला गया। कोमोलिका के पिता ने बताया कि उन्होंने उसके जुनून को देखते हुए ही पहली बार 5000 रुपए में बांस से बना धनुष खरीद कर दिया था। पिता ने बताया कि वह बांस के धनुष से ही प्रतियोगिता की तैयारी किया करती थी। लेकिन जब उसके राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की बात सामने आई तो उन्होंने ढाई लाख रुपये में अपना छोटा सा मकान बेच दिया था और किराए के मकान में रहने चले गए थे

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