Jharkhand : चुपके से 407 स्कूल बन गए उर्दू विद्यालय, हेमंत सरकार ने दिया प्राथमिकी का आदेश !

jharkhand urdu school name changed

सार
शिक्षा सचिव राजेश कुमार शर्मा द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ऐसी परिस्थितियों में, राज्य के गैर-उर्दू स्कूलों में रविवार को कोई शैक्षणिक या शिक्षण गतिविधि नहीं होनी चाहिए।

Jharkhand : झारखंड के 407 सरकारी स्कूलों को स्थानीय स्तर पर मनमाने ढंग से उर्दू विद्यालय घोषित कर दिया गया था। इन स्कूलों के नाम में उर्दू शब्द जोड़ दिया गया था। राज्य सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में यह मामला उठने के बाद अपने जवाब में इसे स्वीकार किया। कहा गया कि स्कूलों से उर्दू शब्द को हटाया जा रहा है। अभी तक 350 स्कूलों में उर्दू शब्द को हटाया जा चुका है। राज्य सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि 509 स्कूलों में अवैध रूप से रविवार की जगह शुक्रवार को अवकाश दिया जा रहा था।

सरकार- जो बाधक बनेगा उस पर प्राथमिकी
इनमें 459 स्कूलों में पुरानी व्यवस्था के तहत रविवार को ही अवकाश शुरू कर दिया गया है। इस तरह राज्य सरकार के जवाब के अनुसार, अभी भी 50 स्कूलों में शुक्रवार को अवकाश हो रहा है। हालांकि, राज्य सरकार ने यह भी कहा कि उर्दू विद्यालयों को छोड़कर सभी स्कूलों में रविवार को ही अवकाश लागू करने का सख्त आदेश दिया गया है। जो भी इसमें बाधक बनेगा उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के निर्देश उपायुक्तों का दिए गए हैं। साथ ही दोषी शिक्षकों, विद्यालय प्रबंध समिति के लोगों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

विधायक अनंत ओझा सदन में मामला उठाया
इससे पहले भाजपा विधायक अनंत कुमार ओझा ने विधानसभा में स्कूलों के नाम मे उर्दू शब्द जोड़ने तथा शुक्रवार को अवकाश देने का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार शिक्षा का इस्लामीकरण कर रही है। सरकारी स्कूलों का उर्दूकरण हो रहा है। इस सरकार से इसके अलावा कुछ और उम्मीद नहीं कि जा सकती। राज्य सरकार की ओर से जवाब में संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि गैर उर्दू स्कूलों में शुक्रवार को अवकाश का मामला संज्ञान में आने के बाद कार्रवाई की गई है। अब वहां रविवार को ही अवकाश हो रहा है। उन्होंने सोमवार को सभी उपायुक्तों को भेजे गए उस निर्देश की भी जानकारी दी जिसमें उपायुक्तों को स्कूलों में शुक्रवार को अवकाश देने के लिए दबाव डालनेवाले लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने को कहा गया है।

इससे पहले जुलाई में, यह बताया गया था कि झारखंड के दुमका जिले के 33 सरकारी स्कूलों में अधिकारियों की अनुमति के बिना रविवार के बजाय शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश किया जा रहा है। मामला संज्ञान में आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारियों ने मामले के संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।

दुमका के शिकारीपाड़ा ब्लॉक के दस सरकारी स्कूलों, रानीश्वर ब्लॉक के आठ, सरायहाट ब्लॉक के सात, जामा ब्लॉक के दो और जरमुंडी ब्लॉक, काठीकुंड ब्लॉक और दुमका ब्लॉक के सरकारी स्कूलों में शुक्रवार को अवकाश रहने की सूचना है। इनमें से अधिकांश संस्थान स्कूलों के नाम के साथ ‘उर्दू स्कूल’ के नाम के बोर्ड लगे हैं।

मामला सामने आने के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने जुलाई में जामताड़ा जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ ) और जिला शिक्षक अधीक्षक (डीएसई) के साथ बैठक बुलाई थी और इस मामले में रिपोर्ट मांगी थी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News