JPSC ने झारखंड हाई कोर्ट में मानी गलती..अभ्यर्थियों का इंटरव्यू किया कैंसिल

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सार
दिन में हाइकोर्ट से मिली फटकार के बाद जेपीएससी ने शाम को विभिन्न विभागों में 637 असिस्टेंट इंजीनियर की नियुक्ति के लिए चल रहे कागजात सत्यापन और इंटरव्यू को स्थगित कर दिया है.

JPSC Latest Updates: दिन में झारखंड हाई कोर्ट ने झारखंड लोकसेवा आयोग की कार्यशैली की आलोचना करते हुए जमकर हड़काया। इसका असर यह हुआ कि रात होते ही झारखंड लोक सेवा आयोग ने झारखंड संयुक्त सहायक अभियंता (सिविल एवं मैकेनिकल) सीधी भर्ती नियुक्ति को लेकर 30 मई से चल रहे साक्षात्कार को स्थगित कर दिया है। यह साक्षात्कार 12 जून तक क्रमांक के अनुसार होना था। आयोग ने सोमवार को इस संबंध में सूचना जारी की है। आयोग ने झारखंड उच्च न्यायालय में चल रहे वाद की कार्रवाई का हवाला देते हुए साक्षात्कार अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्णय लिया है। उच्‍च न्‍यायालय ने आज ही सुनवाई के दौरान इस नि‍युक्‍ति‍ परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर कड़ी ट‍िप्‍पणी की है।

हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अंधेरे में रखा

सुनवाई के दाैरान झारखंड हाई कोर्ट ने जेपीएससी से कहा कि संवैधानिक संस्था बार-बार क्यों गलती कर रही है। जेपीएससी की कार्यशैली में कब सुधार होगा। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने यह कड़ी टिप्पणी की है। अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि जेपीएससी बार-बार गलती कर रहा है। उसकी इस कार्यशैली में कब तक सुधार होगा। जेपीएससी ने सहायक अभियंता नियुक्ति मामले में हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अंधेरे में रख दिया है। गलती करने के बावजूद जेपीएससी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं ला रहा है। अदालत ने कहा कि सहायक अभियंता नियुक्ति मामले में साक्षात्कार की इतनी जल्दी क्यों थी। जब जुलाई में साक्षात्कार होना तय था। अदालत ने मात्र एक दिन का समय देते हुए कहा कि बुधवार को अदालत को बताया जाए कि गलती को कैसे सुधारा जा रहा है। अगली सुनवाई 8 जून को की जाएगी।

अदालत ने कहा- क्या जेपीएससी कोर्ट का इंतजार कर रही थी
अदालत में जेपीएससी ने शपथ पत्र दाखिल कर कहा कि प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) में आरक्षण दिया गया है। लेकिन उनकी ओर से परिणाम में संशोधन की बात नहीं लिखे जाने पर अदालत ने पुन: कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि जेपीएससी एक संवैधानिक संस्था है, लेकिन हमेशा गलती कर रही है। जब सातवीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण दिया गया था। जेपीएससी ने गलती मानते हुए परिणाम में सुधार करने के लिए अदालत में आवेदन दिया था, लेकिन इस मामले में क्या जेपीएससी कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रही है। जेपीएससी के अधिवक्ता संजय पिपरवाल और प्रिंस कुमार सिंह ने अदालत से समय मांगा। उनकी ओर से अदालत को आश्वस्त किया गया कि सहायक अभियंता नियुक्ति का अंतिम परिणाम जारी नहीं किया जाएगा। इस पर अदालत ने उन्हें मात्र एक दिन का समय देते हुए कहा जेपीएससी बताए कि इस गलती के सुधार को कैसे सुधारेगी।

पीटी में आरक्षण का लाभ देने का कोई प्रावधान नहीं :
इससे पूर्व जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने शपथ पत्र दायर कर अदालत को कहा कि मुख्य परीक्षा का रिजल्ट निकल चुका है. अभी साक्षात्कार चल रहा है. वहीं प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने जेपीएससी की दलील का विरोध करते हुए कहा कि पीटी में आरक्षण का लाभ देने का कोई प्रावधान नहीं है. इसके बाद भी इसका लाभ दिया गया है. अब तो जेपीएससी ने भी पीटी में आरक्षण देने की बात स्वीकार कर ली है और अपनी गलती को मान लिया है.

इन बिंदुओं पर नाराजगी
अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है

रिजल्ट जारी करने के बाद साक्षात्कार क्यों लिया जा रहा

जेपीएससी को 24 घंटे में जवाब दायर करने का निर्देश

मामले में अगली सुनवाई की तिथि आठ जून तय की गयी

जेपीएससी को इतनी हड़बड़ी क्यों हो गयी?
हाइकोर्ट ने आगे कहा कि जेपीएससी ने विज्ञप्ति निकाल कर बताया था कि मुख्य परीक्षा का रिजल्ट जून में तथा साक्षात्कार जुलाई में होगा. हाइकोर्ट में भी मामला लंबित है. वैसी स्थिति में निर्धारित शिड्यूल से पहले रिजल्ट जारी करने के बाद साक्षात्कार क्यों लिया जा रहा है? आखिर जेपीएससी को इतनी हड़बड़ी क्यों हो गयी?

30 मई से 12 जून तक होना था इंटरव्यू
आयोग में इंटरव्यू 30 मई 2022 से 12 जून 2022 तक चलना था. आयोग में मुख्य परीक्षा में सफल 1281 अभ्यर्थियों के कागजात की जांच 29 मई 2022 से और इंटरव्यू 30 मई 2022 से निर्धारित की गयी थी. कुल 1281 में सिविल इंजीनियर में 542 पद के लिए 1056 अभ्यर्थियों अौर मैकेनिकल इंजीनियर में 95 पद के लिए 225 अभ्यर्थियों का चयन मुख्य परीक्षा में किया गया.

नियमानुसार इस नियुक्ति में पद के अनुरूप ढाई गुना अभ्यर्थियों का चयन होना है. आयोग में यह नियुक्ति प्रक्रिया 2019 से चल रही है. सिविल सेवा में पथ निर्माण विभाग में 228 पद, जल संसाधन विभाग में 288 पद और पेयजल व स्वच्छता विभाग में 26 पद हैं, जबकि मैकेनिकल सेवा में जल संसाधन विभाग में 84 पद और पेयजल व स्वच्छता विभाग में 11 पद शामिल हैं.

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