राष्ट्रपति चुनाव लड़ने वाले हैं लालू यादव!, कहा बिहारी उम्मीदवार होना जरुरी !

सार
Presidential Election 2022: चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है. इस बीच बिहार के लालू प्रसाद यादव राष्ट्रपति बनने के लिए चुनाव लड़ने जा रहे हैं. वो नामांकन दाखिल करने के लिए 15 जून को दिल्ली पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं.

Lalu Yadav to contest Presidential Election 2022: चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए तारीख का ऐलान कर दिया है. राष्ट्रपति चुनाव के लिए 18 जुलाई को मतदान होगा. अभी तक बीजेपी या कांग्रेस पार्टी की तरफ से इस पद के लिए किसी के नाम का ऐलान नहीं हुआ है. लेकिन इस बीच बिहार के लालू प्रसाद यादव राष्ट्रपति बनने के लिए चुनाव लड़ने जा रहे हैं. नामांकन दाखिल करने के लिए वो 15 जून को दिल्ली पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं. आपको बता दें कि हम बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की बात नहीं कर रहे, बल्कि सारण के रहने वाले लालू प्रसाद यादव की बात कर रहे हैं.

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2017 में भी किया था नामांकन
दैनिक जागरण में छपी एक खबर के मुताबिक, सारण जिले के मढ़ौरा नगर पंचायत क्षेत्र स्थित यादव रहीमपुर के निवासी लालू प्रसाद यादव ने साल 2017 में हुए राष्ट्रपति चुनाव के लिए भी नामांकन किया था. लेकिन संख्या बल पूरा नहीं होने के चलते उनका नामांकन रद्द हो गया था. इस बार वो पूरी तैयारी में है. नामांकन दाखिल करने के लिए वो 15 जून को जाने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने इसके लिए फ्लाइट का टिकट भी बुक करा लिया है.

नगर पंचायत से लेकर राष्ट्रपति चुनाव में आजमा चुके हैं भाग्य
जानकारी के मुताबिक, लालू प्रसाद यादव नगर पंचायत से लेकर राष्ट्रपति चुनाव तक में अपना भाग्य आजमा चुके हैं. ये बात अलग है कि उन्हें आज तक सफलता नहीं मिली है. वो साल 2001 में सबसे पहले वार्ड पंचायत चुनाव लड़े थे, इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद साल 2006 और 2009 तक वार्ड पंचायत का चुनाव लड़े और हार गए.

वार्ड से राष्ट्रपति तक के चुनाव लड़ने का रिकॉर्ड लालू यादव के नाम
मढ़ौरा अनुमंडल कार्यालय में बतौर कातिब का काम करने वाले लालू यादव भारत लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी चुनाव लड़ने का रिकॉर्ड भी इनके नाम दर्ज है। लालू यादव अब तक सांसद, विधायक (MLC/MLA) वार्ड (त्रिस्तरीय पंचायत) तक के चुनाव में अपना नामांकन दाखिल कर प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतर चुके हैं।

जबकि पिछले 2017 में राष्ट्रपति चुनाव में इन्होंने नामांकन दाखिल कर प्रत्याशी बनने की कोशिश की थी, लेकिन प्रस्तावक के नहीं मिलने से इनका नामांकन रद्द हो गया था।

राष्ट्रपति चुनाव 2017 में नामांकन में हुई गलती से सबक लेते हुए इन्होंने इस बार नामांकन करने की पूरी तैयारी कर ली है। लालू यादव का कहना है कि 2001 से ये जनता की सेवा के लिए वार्ड चुनाव, विधान सभा, लोकसभा और 2017 में राष्ट्रपति तक के चुनाव में नामांकन दाखिल कर चुके हैं।

वे एक बार फिर मैदान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का दावा कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इनको चुनाव में जीत का ताज नहीं मिल पाया है। इनका इरादा चुनाव जीतने तक लगातार चुनाव में नामांकन करने का इरादा है। चुनाव जीतकर ये सभी राजनीतिक व्यक्तियों की तरह समाज सेवा करना चाहते हैं। लालू 15 को राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन करेंगे।

पिता ने किया था लालू यादव नामकरण : लालू बताते हैं कि 15 सितंबर 1979 को जन्म के साथ ही पिता राम जन्म राय ने उनका नामकरण लालू प्रसाद यादव कर दिया. साल 1997 में इंटरमीडिएट करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी. हाल के दिनों में दुबारा पढ़ाई शुरू किए हैं. अभी ओपेन यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान से स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं.

 

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