‘तमिलनाडु बिहार बन जाता अगर ईसाई नहीं होते’, DMK नेता के विवादित बयान पर BJP ने पूछा- यही सेक्युलरिज्म है?

M Appavu Controversial Statement

मुख्य बातें
तमिलनाडु के स्पीकर का महीने भर पुराना है बयान
सोशल मीडिया पर टिप्पणी से जुड़ी क्लिप वायरल
बीजेपी ने मुद्दा बना DMK को बताया- हिंदू विरोधी दल

सार
भाजपा प्रवक्ता मोहन कृष्ण ने कहा कि तमिलनाडु के स्पीकर को माफी मांगनी चाहिए। भाजपा नेता ने तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि द्रमुक की मानसिकता हिंदू विरोधी है।

M Appavu Controversial Statement: तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष (Tamil Nadu Assembly Speaker) और द्रमुक (DMK) नेता एम अप्पावु (M Appavu) का महीनेभर पुराना एक विवादित बयान (Controversial Statement) अब वायरल (Viral) हो रहा है. एम अप्पावु ने कहा था कि कैथोलिक ईसाई (Catholic Christians ) नहीं होते तो तमिलनाडु (Tamil Nadu) बिहार (Bihar) बन जाता. बीजेपी (BJP) ने अप्पावु के इस बयान को लेकर डीएमके पर हिंदू विरोधी पार्टी (Anti Hindu Party) होने का आरोप लगाया है. वहीं, द्रमुक नेता ने कहा है कि बीजेपी राजनीति कर रही है.

अपने बयान में एम अप्पावु ने कहा था, ”अगर ईसाई फादर और सिस्टर नहीं होते तो तमिलनाडु बिहार की तरह बन जाता. कैथोलिक फादर और सिस्टर की मदद की वजह से आज मैं इस मुकाम पर हूं. तमिलनाडु सरकार आपकी सरकार है. आपने इस सरकार को बनाया है. आपकी प्रार्थनाओं और उपवास ने इस सरकार का गठन किया है. कैथोलिक ईसाई और ईसाई फादर सामाजिक न्याय और द्रविड़ मॉडल सरकार के लिए मुख्य वजह हैं.”

विवादित बयान में अप्पावु ने आगे यह कहा था
अप्पावु ने आगे कहा था, ”आपको (कैथोलिक ईसाई) किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है. आप अपनी समस्याओं की सूची बनाइये और सीधे मुख्यमंत्री को दीजिए. वह किसी चीज के लिए मना नहीं करेंगे और सबका समाधान निकालेंगे क्योंकि सीएम को पता है कि आप उनकी सरकार की वजह हैं. यह आपकी सरकार है और सीएम आपके हैं. इसमें मैं आपके साथ हूं. अगर ईसाइयों को तमिलनाडु से हटा दिया जाता है तो यहां कुछ भी विकास नहीं होगा. कैथोलिक ईसाई तमिलनाडु के विकास के लिए मुख्य वजह हैं. आज तमिलनाडु आपके कंधों पर खड़ा है.”

बीजेपी नेता ने अप्पावु के बयान पर यह कहा
एम अप्पावु का यह बयान महीनेभर बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. तमिलनाडु बीजेपी के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता नारायणन ने सोशल मीडिया के माध्यम से ही अप्पावु के जरिये डीएमके पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ”क्या यह डीएमके की धर्मनिरपेक्षता है? उन्होंने खुद को एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी कहने का दावा खो दिया है. अब यह साबित करता है कि डीएम एक हिंदू विरोधी पार्टी है.” एम अप्पावु ने कहा कि उन्होंने बयान दिया था लेकिन उसके छंटे हुए हुस्से वायरल किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, ”मैंने जो कुछ भी कहा वह सिर्फ इतिहास है, उस पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए.”

ईसाई मिशनरियां लाईं समानता व शिक्षा
उन्होंने कहा कि यदि तमिलनाडु में ईसाई समुदाय की संस्थाएं नहीं होंगी तो यह भी बिहार जैसा बन जाएगा। उनके बयान पर बवाल के बाद स्पीकर अप्पावू ने कहा कि वह सिर्फ इतिहास का जिक्र कर रहे थे। इन्होंने राज्य में शिक्षा के प्रसार में अहम भूमिका निभाई और समाज में समानता लाई। उनका काम द्रविड आंदोलन का विस्तार है। उन्होंने अपनी शिक्षा का श्रेय भी मिशनरियों को दिया।

हिंदुओं को नीचा दिखाती है द्रमुक सरकार
भाजपा प्रवक्ता मोहन कृष्ण ने स्पीकर अप्पावु के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद से द्रमुक हमेशा विवादों में रही है। इस सरकार को एजेंडा तमिलनाडु के हिंदुओं को नीचा दिखाना और राज्य में हिंदू विरोधी प्रचार को बढ़ावा देना है।

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