Mandar ByElection: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का रांची दौरा, देव कुमार धान के लिए मांगेंगे वोट !

owaisi in ranchi

सार
एआइएमआइएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी आज रांची आएंगे. मांडर उपचुनाव में प्रत्याशी देव कुमार धान के समर्थन में वोट मांगेंगे.

Mandar ByElection: झारखंड में मांडर विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. इस विधानसभा क्षेत्र में आगामी 23 जून को मतदान कराए जाएंगे. इस उपचुनाव में जीत दर्ज करने के लिए झारखंड समेत राष्ट्रीय स्तर की तमाम राजनीतिक पार्टियां जोर लगाई हुई हैं. इसी सिलसिले में आज रविवार को एआईएमआईएम के सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी भी अपनी पार्टी के प्रत्याशी देव कुमार धान के समर्थन में प्रचार करेंगे. ओवैसी विधानसभा क्षेत्र के चान्हो में आयोजित होने वाली एक सभा को संबोधित करेंगे. इसके साथ ही, वे अपने प्रत्याशी को वोट देने की अपील भी करेंगे. बता दें कि प्रशासन की ओर से एआईएमआईएम को ओवैसी की चान्हो में सभा आयोजित करने की अनुमति दे दी गई है.

लिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। ओवैसी रांची के चारो मैदान में एक चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। एक अधिकारी ने कहा कि प्रशासन ने केवल 500 लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति दी है।

झारखंड में एआईएमआईएम अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर ने जानकारी दी कि ओवैसी दोपहर 12 बजे तक रांची हवाईअड्डे पहुंचेंगे। हमें कार्यक्रम के लिए दोपहर दो बजे से शाम 4.30 बजे तक का समय दिया गया है।

उन्होंने कहा कि ओवैसी और एआईएमआईएम की झारखंड इकाई के बीच बैठक में झारखंड के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी। आदिवासी निर्वाचन क्षेत्र मंदार में उपचुनाव 23 जून को होना है। वोटों की गिनती 26 जून को होगी।

भाजपा ने इस सीट से पूर्व विधायक गंगोत्री कुजूर को उम्मीदवार बनाया है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने शनिवार को अपने चुनाव अभियान के तहत निर्वाचन क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया।

एनडीए के 28 सदस्य
81 सदस्यीय झारखंड सदन में सत्तारूढ़ यूपीए के 48 विधायक हैं, झामुमो के 30, कांग्रेस के 17 और राजद का एक है। विपक्ष के पास एनडीए के 28 सदस्य हैं, भाजपा के 26 और आजसू के दो। दो निर्दलीय हैं और राकांपा और भाकपा (माले) के पास एक-एक विधायक हैं। मंदार ही खाली सीट है जिस पर चुनाव होना है।

नूपुर शर्मा को लेकर कही दी बड़ी बात
उन्होंने कहा कि नूपुर शर्मा को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ भारत के कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। मुझे यकीन है कि वह 6-7 महीने में फिर से आएगी। आगे उन्होंने कहा कि नूपुर को एक बड़े नेता के रूप में पेश किया जाएगा और वह दिल्ली की मुख्यमंत्री पद की दावेदार भी बन सकती हैं।

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