भीड़ ने KGF के रॉकी की तरह एक पुलिस थाने को फूंक दिया, जवाब में पुलिस ने थाना फूंकने वालों के घर गिराए !

ASAM ME THANE KO FOONK DIYA

सार
असम के बटाद्रवा थाने पर मछली व्यापारी शफीकुल इस्लाम की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी रिहाई के लिए रिश्वत के तौर पर 10,000 रुपये और एक बत्तख की मांग की थी। मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया था।

Assam News: असम के नागांव जिले में पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के बाद गुस्साई भीड़ ने बाताद्रवा पुलिस थाने में आग लगा दी थी। इसके बाद प्रशासन ने हिंसा में शामिल तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके घरों को बुलडोजर से गिरा दिया। हालांकि सरकारी सूत्रों का कहना है कि घरों को अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत तोड़ा गया है।

नागांव जिला प्रशासन ने पुलिस हिरासत में हुई मौत के जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही घटना में शामिल पुलिस स्टेशन के प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके बाद रविवार को गांव में बुलडोजर पहुंचा और हिंसा में शामिल लोगों के घरों को गिरा दिया गया।

वीडियो फुटेज से होगी आरोपियों की तलाश
असम के स्पेशल डीजीपी जीपी सिंह ने बताया कि हिंसा में 40 लोग शामिल थे, जिसमें से 21 लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। जो पुलिस वाले इस घटना में शामिल हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हिंसा करके पुलिस थाने में आग लगा दें। उन्होंने कहा कि वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।

भीड़ ने क्यों लगाई थी थाने में आग?
असम के नागांव के बाताद्रवा में गुस्साई भीड़ ने शनिवार को एक पुलिस थाने में आग लगा दी। दरअसल पुलिस ने इलाके के एक मछली कारोबारी को हिरासत में लिया था। उससे 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। बाद में कारोबारी की मौत हो गई। इस पर परिवार ने कहा कि पुलिस ने हिरासत में उसको प्रताड़ित किया, जिससे उसकी मौत हो गई। मारे गए व्यक्ति का नाम सफीकुल इस्लाम बताया गया था।

शुक्रवार शाम हिरासत में लिया गया था मछली व्यापारी
असम पुलिस ने कथित तौर पर शुक्रवार शाम मछली व्यापारी शफीकुल कारोबारी को हिरासत में लिया था। उसे उस समय हिरासत में लिया गया था, जब वह शिवसागर के लिए बस पकड़ने जा रहा था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उसे क्यों हिरासत में लिया गया।

रिहाई के लिए 10 हजार रुपये और बत्तख की मांग
परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी रिहाई के लिए रिश्वत के तौर पर 10,000 रुपये और एक बत्तख की मांग की थी। व्यापारी की पत्नी सुबह एक बत्तख लेकर थाने गई थी तो उसे पता चला कि उसके पति को नगांव सिविल अस्पताल ले जाया गया है। वहां पहुंचने के बाद व्यापारी की मौत होने की जानकारी मिली। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया।

मामले में चार महिलाएं भी शामिल
पुलिस उप महानिरीक्षक (मध्य रेंज) सत्यराज हजारिका ने कहा, “हमने कल बाताद्रवा थाने में आग लगाने के मामले में 21 लोगों को हिरासत में लिया है। मामले में जिन चार महिलाओं का नाम आ रहा है उन्हें भी हिरासत में लिया गया है। आगे की जांच जारी है।”

हमारा काम है आरोपियों को दंडित करना: DGP
असम के पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत ने कहा बाताद्रवा पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। हम सफीकुल इस्लाम की दुर्भाग्यपूर्ण मौत को बहुत गंभीरता से लेते हैं। बाताद्रवा थाने के ओसी को निलंबित कर दिया है और बाकी कर्मचारियों को बंद कर दिया है। अगर हमारी ओर से कोई गड़बड़ी होती है, तो हमारा काम है उसे ढूंढना और जो भी दोषी है, उसे सख्त सजा देना।

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