New Labour Code: हफ्ते में चार दिन काम, तीन दिन आराम? मोदी सरकार 1 जुलाई से लागू कर सकती है ये नियम !

NEW LABOUR CODE FROM 1 JULY

New Labour Code: महीने की शुरूआत होते ही लेबर कोड के नए नियम लागू होने की पूरी संभावना है. इसके लागू होने के साथ ही इन हैंड सैलरी, कर्मचारियों की ऑफिस टाइमिंग, पीएफ योगदान और ग्रेच्युटी पर असर देखने को मिलेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, इसके तहत कामकाज के अधिकतम घंटों को बढ़ाकर 12 करने का प्रस्ताव पेश किया है. यानी कर्मचारियों को 4 दिन में 48 घंटे यानी हर दिन 12 घंटे काम करना होगा. हालांकि, यह नियम किसी विशेष राज्य द्वारा निर्धारित नियमों के आधार पर एक राज्य से दूसरे राज्य में बदल सकता है.

आइए जानते हैं कि नए श्रम कानून के लागू होने के बाद क्या कुछ बदल जाएगा?

सप्ताह में तीन दिन की छुट्टी!

काफी लम्बे समय से इस बात की मांग की जा रही थी कि सप्ताह में तीन दिन की छुट्टी हो। नया श्रम कानून लागू होने के बाद हफ्ते में सिर्फ 4 दिन ही काम करना होगा। लेकिन दिन में काम के घंटे को 9 से बढ़ाकर 12 कर दिया जाएगा। अगर कंपनी 12 घंटे के वर्क शिफ्ट को लागू करती है तो उसे कर्मचारियों को तीन दिन की छुट्टी देनी पड़ेगी। यानी हफ्ते में कर्मचारियों को 48 घंटे काम करना होगा। बता दें, 12 घंटे के शिफ्ट में कर्मचारियों को दिन में दो बार आधे-आधे घंटे की छुट्टी मिलेगी।

नए श्रम कानून लागू होने से आपकी जेब पर पड़ेगा क्या असर?

नए लेबर कोड के अनुसार कर्मचारी का मूल वेतन का कुल वेतन 50% या उससे अधिक होना चाहिए। अगर ये हुआ तो आपका पीएफ काॅन्ट्रीब्यूशन बढ़ जाएगा। इससे जहां कर्मचारियों की भारी बचत होगी। वहीं, इन हैंड सैलरी कम हो जाएगी। हालांकि, नए लेबर कोड लागू होने के बाद पेंशन की रकम में भी इजाफा होगा। इसके अलावा मेडिकल इंश्योरेंस, इंसेटिव में भी इजाफा हो सकता है।

बता दें, पहले इसे एक अक्टूबर 2021 को ही लागू किया जाना था। लेकिन तब 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव को देखते हुए केन्द्र सरकार ने लागू नहीं किया था। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार 1 जुलाई से इसे लागू कर सकती है। हालांकि, ये सब अभी अटकलें ही हैं। सरकार की तरफ से इसे लागू करने को लेकर कोई ऐलान नहीं किया गया है।

कितना काम करना पड़ेगा ?

न्यू लेबर कोड के से वीकली वर्किंग डेज की संख्या में कमी आएगी, इसका मतलब है की जहां आपको पहले 9 घंटे काम करना होता था अब आपको 12 घंटे काम करना होगा. इसके साथ ही आपको हफ्ते में तीन दिन की छुट्टी दी जाएगी. यानी आपको एक हफ्ते में कुल 48 घंटे अपने काम को देने होंगे.

PF और Salary कटौती कैसे होगी ?

आपका पीएफ आपके भविष्य की सेविंग की तरह काम करता है. नए लेबर कोड में आपके पीएफ योगदान को बढ़ा दिया जाएगा. इसका असर आपकी बेसिक सैलरी पर भी पड़ेगा. क्योंकि अब आपकी ग्रोस सैलरी आपकी बेसिक सैलरी का कम से कम 50 प्रतिशत होनी चाहिए. आपके पीएफ में केवल आपका योगदान ही नहीं बल्कि इंप्लोयर्स का योगदान भी बढ़ाया जाएगा. इसलिए, यह कर्मचारी की रिटायरमेंट अमाउंट और ग्रेच्युटी अमाउंट में बढ़ोतरी करेगा.

क्या टेक-होम सैलरी में होगी कटौती ?

जी हां, पीएफ योगदान में बढ़ोतरी के कारण कर्मचारी के टेक-होम वेतन पर भी असर पड़ेगा और इसमें कमी देखने को मिल सकती है.

क्या इसमें केवल हफ्ते में चार दिन काम करना होगा ?

जी, हां अब आपको एक हफ्ते में चार दिन काम करना होगा और तीन दिन की छुट्टी होगी. कंपनी अब केवल अपने कर्मचारियों से पांच दिन के बजाय चार दिन काम करा पाएंगी. हालांकि, अगर आपको 12 घंटे काम नहीं करना है तो आप एक दिन में पहले की तरह 9 घंटे काम करने का ऑप्शन चुनकर पांच दिन काम कर सकते हैं.

1. रिटायरमेंट के बाद मोटी रकम मिलेगी

एक जुलाई से नया लेबर कोड लागू होने के बाद कर्मियों की पीएफ और ग्रेच्युटी में अधिक राशि जमा होने लगेगी इससे रिटायरमेंट के बाद उन्हें मोटी रकम मिल सकेगी। वहीं ग्रॉस सैलरी में भत्ते कम हो जाएंगे। नए लेबर कोड में बेसिक सैलरी और भत्ते 50-50 के अनुपात में होंगे।

2. हफ्ते में तीन छुट्टियां

कंपनियों को सप्ताहिक छुट्टियों को बढ़ाकर दो से तीन दिन करना पड़ सकता है। दरअसल नए लेबर कोड में सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम लेने का ही प्रावधान किया जा सकता है।

3. 8 नहीं 12 घंटे करना होगा काम

नया लेबर कोड लागू होने के बाद काम के घंटे बढ़ने वाले हैं। अगर हफ्ते में तीन दिन की छुट्टी होगी तो जाहिर है बचे चार दिनों में काम के घंटे 8 से बढ़कर कम से कम 12 घंटे हो जाएंगे।

4. दो दिन में फुल एंड फाइनल सेटलमेंट

नए लेबर कोड के लागू होने पर नौकरी छोड़ने पर दो दिनों में कंपनियों को कर्मचारियों का फूल सेटलमेंट करना पड़ेगा। नौकरी छोड़ने के दो दिनों के भीतर ही कर्मी को पूरा पैसा भी मिल जाएगा। वर्तमान में इस प्रक्रिया में 30 से 60 दिनों का वक्त लगता है।

5. खाते में आने वाली सैलरी घट जाएगी

नए लेबर कोड के लागू होने से जहां एक ओर बेसिक सैलरी बढ़ने से पीएफ और ग्रेच्युटी में कर्मी का योगदान बढ़ जाएगा, वहीं दूसरी ओर उसकी इन हैंड सैलरी या टेक होम सैलरी घट जाएगी। क्योंकि, कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों में कटौती हो जाएगी।

6. गिग वर्कर्स को मिल सकती है सामाजिक सुरक्षा

नए लेबर कोड में चार तरह के प्रावधान हैं इनमें मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, व्यापारिक संबंध और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी से जुड़े प्रावधान हैं। इनके लागू होने से वर्तमान श्रम कानून की विसंगतियां दूर होंगी। इससे श्रमिकों को फायदा मिलेगा। गिग वर्कर्स को मिलने वाले फायदे भी बढ़ सकते हैं।

 

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