बेल्जियम पहला देश जहां मंकीपॉक्स के मरीज क्वरंटाइन रहेंगे, 15 दिन में 15 देशों तक पहुंचा मंकीपॉक्स

monkeypoz india alert

Monkeypox Reached 15 Countries in 15 Days : कोरोना महामारी से जूझ रही दुनिया अब तेजी से मंकीपॉक्स की चपेट में आ रही है। यह बीमारी महज 15 दिन के अंदर 15 देशों में फैल गई है। शुक्रवार को बेल्जियम मंकीपॉक्स के मरीजों के लिए 21 दिन का क्वारैंटाइन पीरियड कंपलसरी करने वाला पहला देश बन गया। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि किसी भी देश में इस बीमारी का एक मामला भी आउटब्रेक माना जाएगा।

दूसरी तरफ, भारत भी मंकीपॉक्स को तेजी से फैलता देख अलर्ट हो गया है। सोमवार को मुंबई के बृहन्मुंबई नगर निगम ने कस्तूरबा अस्पताल में मंकीपॉक्स के संदिग्ध मरीजों के लिए 28 बेड का आइसोलेशन वॉर्ड तैयार कर दिया है। हालांकि, अभी देश में इस बीमारी का एक भी मामला नहीं मिला है।

संक्रमण के चार मामले

बेल्जियम में मंकीपॉक्स के अबतक चार मामले सामने आ चुके हैं।

तीन मामले एंटवर्प में समलैंगिक समारोह से जुड़े हुए बताए गए हैं।

इस देश में सबसे पहला मामला शुक्रवार को दर्ज किया गया था।

ब्रिटेन में हो रहा सामुदायिक प्रसार

ब्रिटेन में मंकीपॉक्स के मामले सामुदायिक प्रसार के जरिए फैल रहे हैं।

डॉक्टरों ने चेताया, ब्रिटेन में मंकीपॉक्स के हर रोज केस सामने आ रहे।

हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने मंकीपॉक्स के 20 नए मामलों की पुष्टि की है।

उच्च जोखिम वाले लोगों को तीन सप्ताह पृथक रहने की सलाह दी गई है।

12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ऐसे संक्रमितों के संपर्क से बचना चाहिए।

भारत में भी अलर्ट

भारत भी मंकीपॉक्स को तेजी से फैलता देख अलर्ट हो गया है। सोमवार को मुंबई के बृहन्मुंबई नगर निगम ने कस्तूरबा अस्पताल में मंकीपॉक्स के संदिग्ध मरीजों के लिए 28 बेड का आइसोलेशन वॉर्ड तैयार कर दिया है। हालांकि, अभी देश में इस बीमारी का एक भी मामला नहीं मिला है। केंद्र ने नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल और आईसीएमआर को अलर्ट जारी किया गया है। हवाईअड्डों-बंदरगाहों पर भी सतर्कता बरती जा रही है।

अमेरिका में दिशानिर्देश जारी:::::

-यात्रा करते समय जानवरों से बचें

-जीवित या मृत जानवरों को न छुएं

-जंगली जानवरों वाले उत्पादो न खाएं

-बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोएं

-हाथों को आंख, नाक व मुंह से दूर रखें

राहत: किसी देश में मौत नहीं

ब्रिटेन, अमेरिका, इटली, स्वीडन, फ्रांस, स्पेन, पुर्तगाल, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, बेल्जियम, नीदरलैंड्स, इजराइल, ऑस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड में मंकीपॉक्स के केस सामने आए हैं। केवल दो हफ्तों में ही मामलों की संख्या 100 के पार जा चुकी है। हालांकि, इस बीमारी से अब तक एक भी मौत नहीं हुई है।

जानिए क्या है मंकीपॉक्स वायरस?
मंकीपॉक्स एक दुर्लभ, आमतौर पर हल्के संक्रमण वाला वायरस है. यह आमतौर पर अफ्रीका के कुछ हिस्सों में संक्रमित जंगली जानवरों में पाया गया था. साल 1958 में पहली बार एक बंदर को अनुसंधान के लिए रखा गया था जहां पहली बार इस वायरस की खोज हुई थी. वहीं इंसानों में पहली बार इस वायरस की पुष्टि साल 1970 में हुई थी. यूके की एनएचएस वेबसाइट के अनुसार, यह रोग चेचक के वंश का है, जो अक्सर चेहरे पर शुरू होने वाले दाने का कारण बनता है.

ऐसे होता है मंकीपॉक्स वायरस का संक्रमण
मंकीपॉक्स वायरस किसी संक्रमित जानवर के काटने से, या उसके खून, शरीर के तरल पदार्थ या फर को छूने से हो सकता है. ऐसा माना जाता है कि यह चूहों, खरगोशों और गिलहरियों जैसे जानवरों के काटने से फैलता है. अगर आप ऐसे किसी जानवर का अधपका मांस खाते हैं जो मंकीपॉक्स से संक्रमित हो तो भी इस बीमारी के संक्रमण के चांसेस ज्यादा रहते हैं. इंसानों में यह वायरस बहुत ही तेजी से फैलता है. एक तरह से कह सकते हैं कि ये भी छुआछूत की तरह ही है. अगर आप संक्रमित व्यक्ति के कपड़े या बिस्तर का इस्तेमाल करते हैं तो आपको मंकीपॉक्स हो सकता है. छींकने और खांसने से भी यह वायरस फैल सकता है.

मंकीपॉक्स के लक्षण क्या हैं?
यदि आप मंकीपॉक्स से संक्रमित हो जाते हैं, तो आमतौर पर पहले लक्षणों के प्रकट होने में 5 से 21 दिनों के बीच का समय लगता है. इनमें बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पीठ दर्द, कंपकंपी और थकावट शामिल हैं. इन लक्षणों का अनुभव करने के एक से पांच दिन बाद आमतौर पर चेहरे पर दाने दिखाई देते हैं. दाने कभी-कभी चिकनपॉक्स के साथ भ्रमित होते हैं, क्योंकि यह उभरे हुए धब्बों के रूप में शुरू होता है जो तरल पदार्थ से भरे छोटे पपड़ी में बदल जाते हैं. लक्षण आमतौर पर दो से चार सप्ताह के भीतर साफ हो जाते हैं और पपड़ी गिर जाती है.

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