मोरबी पुल हादसे का हीरो नईम शेख, चोट लगी थी फिर भी तैरकर 60 लोगों की बचाई जिंदगी

nayeem shaikh morbi

सार
नईम को तैरना आता था। उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पचास से साठ लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाला। नईम के मुताबिक, हादसे के समय वह अपने पांच दोस्तों के साथ पुल पर ही मौजूद था। इन पांच में से एक दोस्त की भी मौत हो गई।

Morbi Bridge Collapse: मोरबी पुल हादसा. 134 लोग अपनी जान गंवा बैठे. मृतकों में 40 से ज्यादा बच्चे थे. हादसे के बाद मोरबी में मातम पसरा है. इस सबके बीच बहादुरी और इंसानियत की मिसालों की भी चर्चा है. हादसे के वक्त पुल पर 400-500 लोग मौजूद थे. सभी किसी ना किसी तरह के पीड़ित हैं. लेकिन इन पीड़ितों में कुछ लोगों ऐसे भी हैं जिन्होंने कई लोगों की जिंदगी बचा ली. इनमें से एक हैं नईम शेख, जिन्होंने दूसरों की जान बचाने लिए अपनी जान खतरे में डाल दी. पैर चोटिल हो गया. फिर भी हिम्मत नहीं हारे और 50 से 60 लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाल लाए.

घटना के दौरान नईम शेख खुद भी पुल पर मौजूद थे और हादसे का शिकार हुए थे. लेकिन उन्हें तैरना आता था, इसलिए नदी से बाहर निकल पाए. और फिर लोगों को बचाना शुरू कर दिया. इस समय नईम मोरबी के सिविल हॉस्पिटल में भर्ती हैं. अस्पताल में ही उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई को हादसे के दौरान का पूरा वाकया सुनाया.

मोरबी के सिविल हॉस्पिटल में चल रहा नईम का इलाज
पुल हादसे में गिरने के बाद नई शेख खुद भी घायल हैं। वह फिलहाल मोरबी के सिविल हॉस्पिटल में भर्ती हैं और उनका उपचार चल रहा है।

घटना के वक्त पुल पर मौजूद थे करीब पांच सौ लोग
इस दर्दनाक हादसे में बचे एक शख्स ने बताया कि घटना के समय पुल पर करीब पांच सौ लोग रहे हैं। पुल अचानक टूट गया और हम सब पानी में गिर गए। मैं पानी में करीब एक घंटे तक रहा, जिसके बाद ही बाहर निकल पाया। मैं जिंदा बच गया, इसकी तो खुशी है लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत से बहुत ही दुखी हूं। यह हादसा कभी नहीं भुलाया जा सकता है।

राज्य में दो नवंबर को राज्यव्यापी शोक की घोषणा
इस बीच, राज्य सरकार ने हादसे के मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए 2 नवंबर को शोक की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हादसे की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके बाद यह राज्यव्यापी शोक का फैसला लिया गया।

2 नवंबर को आधा झुका रहेगा राष्ट्रीय ध्वज
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ट्वीट किया, गुजरात सरकार ने 2 नवंबर को राज्यव्यापी शोक मनाने का फैसला किया है। राज्य में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई आधिकारिक समारोह नहीं होगा।

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