Privatization: बिक गई ये बड़ी सरकारी कंपनी, टाटा को जुलाई से सौंप दी जाएगी जिम्मेदारी !

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सार
Privatization News: निजीकरण के दौर में एक और बड़ी कंपनी निजी हाथों में सौंप दी गई है. इस बार इस बड़ी सरकारी की कमान रतन टाटा के हाथों में गई है. दरअसल, यह सरकारी कंपनी भी भारी घाटे में चल रही है और यह प्लांट 30 मार्च, 2020 से बंद है. आइये जानते हैं लेटेस्ट अपडेट.

हाइलाइट्स
इसी साल जुलाई के मध्य तक नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल) टाटा की हो जाएगी
एक अधिकारी ने बताया कि ओडिशा स्थित ये कंपनी जुलाई तक टाटा ग्रुप को ट्रांसफर कर दी जाएगी
इसके लिए कई अन्य निजी कंपनियों ने भी बोली लगाई थी, लेकिन टाटा जीत गई

Privatization: ओडिशा स्थित नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (NINL) को टाटा ग्रुप (Tata Group) की एक फर्म को सौंपने का काम जुलाई के मध्य तक पूरा होने की संभावना है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। टाटा स्टील की यूनिट टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स (टीएसएलपी) ने इस साल जनवरी में 12,100 करोड़ रुपये के उद्यम मूल्य पर एनआईएनएल में 93.71 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने की बोली जीती थी। कंपनी ने जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड, नलवा स्टील एंड पावर लिमिटेड और जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड के एक गठजोड़ को पीछे छोड़ते हुए यह सफलता हासिल की थी।

अंतिम चरण में है प्रोसेस
एक अधिकारी ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया, ‘लेनदेन अंतिम चरण में है और अगले महीने के मध्य तक हस्तांतरण हो जाना चाहिए।’’ चूंकि सरकार की कंपनी में कोई हिस्सेदारी नहीं है, इसलिए बिक्री से होने वाली आय राजकोष में जमा नहीं होगी और इसके बजाय चार सीपीएसई और ओडिशा सरकार के दो पीएसयू में जाएगी.’

कर्ज से लदी है कंपनी
बता दें कि नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड का कलिंगनगर, ओडिशा में 1.1 मीर्ट‍िक टन क्षमता वाला एक इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट है। यह सरकारी कंपनी भी भारी घाटे में चल रही है और यह प्लांट 30 मार्च, 2020 से बंद है। कंपनी पर 31 मार्च 2021 को 6,600 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का कर्ज और देनदारियां हैं, इसमें प्रमोटरों का 4,116 करोड़ रुपये, बैंकों का 1,741 करोड़ रुपये अन्य लेनदारों और कर्मचारियों का भारी बकाया शामिल है।

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