Disinvestment: अब IDBI Bank का होगा निजीकरण; सरकार का 65,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य !

IDBI privatisation

सार
आईडीबीआई बैंक के लिए ईओआई (Expression of Interest) जमा करने की अंतिम तारीख 16 दिसंबर है. सभी ईओआई 180 दिनों के लिए वैध होंगे और इसे 180 दिनों के लिए और बढ़ाए जाने की संभावना भी जताई गई है.

IDBI privatisation: लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) और केंद्र सरकार ने IDBI बैंक में अपनी 60.72% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। वर्तमान में IDBI बैंक में LIC और केंद्र सरकार दोनों की हिस्सेदारी करीब 94% है। जिसमें से 30 जून तक केंद्र सरकार की 45.48% और LIC की 49.24% हिस्सेदारी है।

केंद्र सरकार IDBI बैंक में अपनी 30.48% हिस्सेदारी बेचेगी
जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने IDBI बैंक में अपनी 30.48% हिस्सेदारी को बेचने का फैसला किया है। जबकि LIC अपनी 30.24% हिस्सेदारी बेचेगा। यह भारत में पब्लिक सेक्टर के किसी बैंक को प्राइवेटाइज करने का पहला प्रयास होगा।

EoIs जमा करने की आखिरी तारीख 16 दिसंबर
IDBI बैंक के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoIs) जमा करने की आखिरी तारीख और समय 16 दिसंबर है। EoIs 180 दिनों के लिए वैध होंगे। इसे 180 दिनों के लिए और बढ़ाया भी जा सकता है।

DIPAM के सेक्रेटरी ने ट्वीट कर लिखा, ‘IDBI बैंक में विशिष्ट भारत सरकार और LIC हिस्सेदारी के स्ट्रैटेजिक डिसइनवेस्टमेंट के साथ मैनेजमेंट कंट्रोल के ट्रांसफर के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट इनवाइट किए गए हैं।’ यहां डिसइनवेस्टमेंट का मतलब सरकार के स्वामित्व वाली संपत्तियों का लिक्विडेशन और सेल करना है।

पिछले साल केंद्र ने बैंक से बाहर निकलने का फैसला किया था
पिछले साल केंद्र सरकार ने IDBI बैंक से बाहर निकलने का इरादा साझा किया था। बैंक मई 2017 से मार्च 2021 तक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (PCA) ढांचे के तहत था। मार्च 2021 में RBI ने वित्तीय प्रदर्शन में सुधार को देखते हुए IDBI बैंक को अपने बढ़े हुए एनहांस्ड रेग्युलेटरी सुपरविजन PCA ढांचे से हटा दिया था।

इसके बाद कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने अपने स्ट्रैटेजिक डिसइनवेस्टमेंट और मैनेजमेंट कंट्रोल के ट्रांसफर पर सहमति व्यक्त की थी। सरकार ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के सेक्शन-22 के तहत IDBI बैंक को लाइसेंस देने के लिए IDBI (ट्रांसफर ऑफ अंडरटेकिंग एंड रिपील) एक्ट 2003 में संशोधन किया है।

सरकार का विनिवेश से 65,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य
इस बीच, आईडीबीआई बैंक का शेयर बीएसई सेंसेक्स पर पिछले बंद के मुकाबले 0.71 फीसदी की बढ़त के साथ 42.70 रुपये पर बंद हुआ. मौजूदा बाजार मूल्य पर इस बैंक में 60.72 फीसदी हिस्सेदारी का मूल्य 27,800 करोड़ रुपए से ज्यादा बैठेगा. एलआईसी द्वारा बैंक की कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी का 51 फीसदी हासिल करने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने 21 जनवरी, 2019 से आईडीबीआई बैंक को निजी क्षेत्र के बैंक के रूप में वर्गीकृत कर दिया था. उल्लेखनीय है कि सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 में विनिवेश से 65,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 24,544 करोड़ रुपये वह पहले ही जुटा चुकी है.

 

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