विधायक कैश कांड: ईडी ने दर्ज की एफआईआर, तीनों कांग्रेस विधायक बनाए गए आरोपी !

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सार
Jharkhand Money Laundering Case : कांग्रेस के बेरमो विधायक अनूप सिंह के बयान पर रांची के अरगोड़ा थाने में कोलकाता से 50 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार झारखंड के तीन विधायक डा. इरफान अंसारी नमन विक्सल कोंगाड़ी व राजेश कच्छप के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को ईडी ने टेकओवर कर लिया है।

Jharkhand News : सूबे के हेमंत सरकार गिराने की साजिश की जांच अब ईडी के जिम्मे है। विधायकों की खरीद फरोख्त के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए ईडी ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इस प्राथमिकी में आधार बना है बरेमो विधायक अनूप सिंह की एफआईआर जिसमें उन्होंने बताया था कि कांग्रेस के कई विधायकों ने उनसे संपर्क किया था और उन्हें सरकार गिराने की साजिश में शामिल होने के लिए करोड़ों रुपए के ऑफर भी दिए थे।

ईडी करेगी जांच
इस मामले में कांग्रेस के तीन विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी, नमन विक्सल कोंगाड़ी और राजेश कच्छप को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। तीनों विधायक इस वक्त कोलकाता में हैं। कोलकाता पुलिस ने एनएच-16 पर रानीहाटी के पास 45 लाख रुपये के साथ 30 जुलाई 2022 को गिरफ्तार किया था। इस मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गयी थी।

इस मामले में विधायकों के खिलाफ जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह ने रांची के अरगोड़ा थाने में जीरो एफआइआर दर्ज करायी थी, जिसे रांची पुलिस ने कोलकाता पुलिस को ट्रांसफर कर दिया था। यही एफआईआर ईडी की जांच का आधार बना है। दर्ज की गयी प्राथमिकी में कहा गया है कि अनूप सिंह ने यह शिकायत की थी कि विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी, नमन विक्सल कोंगाड़ी और राजेश कच्छप उसे फोन कर हेमंत सरकार को गिराने में शामिल होने के लिए लालच दे रहे हैं।

असम के सीएम का भी आया था नाम: अनूप सिंह ने अपने एफआईआर में बताया है कि इरफान अंसारी ने कहा था कि वह पैसे ले चुके हैं. एक बार आप (अनूप सिंह) आ जाएंगे और हिमंत बिस्वा सरमा से गुवाहाटी जाकर मिल लेंगे तो आपको भी पैसे मिल जाएंगे. इरफान अंसारी ने यह भी बताया था कि दिल्ली के बड़े नेताओं के इशारे पर हिमंत बिस्वा सरमा यह सब रहे हैं. अनूप सिंह ने एफआईआर में जिक्र किया था कि ‘मैं असंवैधानिक, गैरकानूनी गतिविधि में शमिल नहीं होना चाहता था, इसलिए मैंने कोलकाता जाने से इनकार कर दिया.’ अनूप सिंह के बयान पर आईपीसी की धारा 420, 124 ए, 120 बी, 34 आईपीसी, 171 बी, आरपीसी एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत अरगोड़ा थाने में केस दर्ज किया गया था.

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