ऑफर के चक्कर में मंगा लिया 50 हजार का लैपटॉप, डब्बा खोलते ही निकला घड़ी साबुन, कंपनी ने रिटर्न से किया मना

LEAPTOP KE JAGAH NIKLA SAABUN

सार
आजकल की आधुनिक जिंदगी में जहां टेक्नाॅलिजी ने लाइफ को आसान बना दिया है वहीं कभी कभी यह टेक्नाॅलिजी भारी भी पड़ सकती है। आज के दौर में ज्यादातर युवा ऑनलाइन शाॅपिंग करना पसंद करती है वहीं यह आरादायक शाॅपिंग करना कितना महंगा पड़ सकता है यह आप इस खबर…

Flipkart अपनी फेस्टिव सीजन सेल को लेकर काफी सुर्खियों में है। जहां पहले iPhone 13 ऑर्डर कैंसिल होने को लेकर कंपनी पर तंज कसे गए थे। वहीं, अब एक नया मामला सामने आया है। दरअसल, IIM-अहमदाबाद के एक छात्र यशस्वी शर्मा ने अपने पिता के लिए लैपटॉप का ऑर्डर किया था। लेकिन जब उसके बाद फ्लिपकार्ट ने डिलीवरी दी तो उसमें घडी डिटर्जेंट के पैक थे। यह ऑर्डर बिग बिलियन डेज सेल के दौरान किया गया था। यशस्वी ने ट्वीटर पर कहा कि ई-कॉमर्स दिग्गज ने अपनी गलती को ठीक करने से इनकार कर दिया है।

वहीं, एक लिंक्डइन पोस्ट में यशस्वी शर्मा ने कहा कि लैपटॉप की जगह घड़ी डिटर्जेंट पैक भेजने के बावजूद फ्लिपकार्ट के कस्टमर सपोर्ट उन पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास यह साबित करने के लिए सीसीटीवी सबूत भी हैं कि वह सच कह रहे हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ! साथ ही यह भी कहा कि उसे ओपन बॉक्स डिलीवरी के बारे में नहीं जानता था इसलिए उससे यह गलती हुआ। इसके लिए खरीदार को डिलीवरी एजेंट के सामने पैकेज खोलना होगा और आइटम को टेस्ट करने के बाद ही ओटीपी देना था। शर्मा ने कहा कि उनके पिता ने यह मान लिया था कि पैकेज प्राप्त करने पर ओटीपी दिया जाना था, जो कि ज्यादातर प्रीपेड डिलीवरी के मामले में होता है।

लैपटॉप की जगह डिलीवर किए गए डिटर्जेंट पैक
हालांकि, फ्लिपकार्ट के सबसे वरिष्ठ ग्राहक सहायता कार्यकारी ने कहा कि इस प्रोडक्ट का रिटर्न संभव नहीं है। साथ ही कहा कि इस मामले को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। उसने यह भी कहा, ““मेरे पिता की गलती यह है कि उन्होंने यह मान लिया कि – फ्लिपकार्ट अश्योर्ड से आने वाले पैकेज में एक लैपटॉप होगा, न कि डिटर्जेंट। ओटीपी मांगने से पहले डिलीवरी बॉय मेरे पिता को ओपन बॉक्स कॉन्सेप्ट के बारे में नहीं बता पाया।

अपने पिता की गलती का जिक्र
हालांकि, अपनी सोशल मीडिया पोस्ट (Social Media Post) में यशस्वी ने डिलीवरी के दौरान उनके परिजनों से हुई गलती का भी जिक्र किया है. उन्होंने लिखा कि डिलीवरी बॉय से पैकेज लेते समय उनके पिता ने जो एक गलती की, वह यह थी कि उन्हें ‘Open Box’ डिलीवरी सुविधा के बारे में पता नहीं था. इसके तहत ग्राहक को डिलीवरी एजेंट के सामने पैकेज खोलकर देख लेना होता है और संतुष्ट होने के बाद ओटीपी (OTP) बताना होता है. यशस्वी ने आगे कहा कि उनके पिता ने यह मान लिया था कि पैकेज प्राप्त करने पर ओटीपी दिया जाना था, जो कि अधिकांश प्रीपेड डिलीवरी के मामले में होता है.

कंपनी के सीईओ को टैग कर किया पोस्ट
यशस्वी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मेरे पास डिलीवरी बॉय के बिना बॉक्स का निरीक्षण कराए वापस जाने का सीसीटीवी सबूत तो है ही, इसके साथ ही घर में इस पैकेज को अनबॉक्स करने और उसमें कोई लैपटॉप नहीं होने का भी पूरा वीडियो सबूत है. लेकिन, इन सभी सबूतों के बारे में बताने के बाद भी फ्लिपकार्ट के सीनियर कस्टमर केयर एग्जिक्यूटिव द्वारा यशस्वी से साफ शब्दों में कह दिया गया कि ‘No return possible’. इस मामले को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने बताया कि कंपनी की उदासीनता के चलते यह मामला सोशल मीडिया पर उठाया है. यशस्वी ने पोस्ट में फ्लिपकार्ट के सीईओ (Flipkart CEO) कल्याण कृष्णमूर्ति (Kalyan Krishnamurthy) और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) को भी टैग किया है.

इस तरह के कई मामले आए सामने
लैपटॉप का ऑर्डर करने पर घड़ी साबुन के पैक निकलने का यह मामला पहला नहीं है, बल्कि इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं. बिजनेस टुडे के मुताबिक, एक व्यक्ति ने iPhone 12 का ऑर्डर दिया था, लेकिन निरमा साबुन के दो बार उसे बॉक्स में मिले. इसके अलावा एक अन्य मामले में, एक ग्राहक को iPhone 8 के बजाय एक डिटर्जेंट बार मिला था. सिर्फ साबुन ही नहीं कई मामलों में ग्राहक के ऑर्डर किए गए सामान की जगह दूसरी अनुपयोगी चीजें मिलने के मामले सामने आ चुके हैं.

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