कभी पढ़ाई के लिए पिता ने बेचा घर, आज बेटे ने खड़ी कर ली 1.1 बिलियन डॉलर की कंपनी !

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सार
प्रयागराज के ट्यूशन टीचर अलख पांडेय की एडुटेक फॉर्म ‘फिजिक्सवाला’ देश की यूनिकार्न कंपनियों के समूह में शामिल हो गई है। कंपनी नेटवर्थ करीब 1.1 बिलियन डालर होने के बाद फिजिक्स वाला देश की 101वीं यूनिकार्न कंपनी बन गई।

Physicswallah: अलख पांडेय (Alakh Pandey) यानी फिजिक्सवाला (Physics wallah) एक ऐसा नाम जिसे हर कोई ट्रोल कर रहा है. इसकी वजह है कि इनकी कंपनी ऐडटेक फर्म फिजिक्सवाला (Edtech platform PhysicsWallah) अब देश की यूनिकॉर्न कंपनियों के ग्रुप में शामिल की गई है. यूनिकॉर्न से मतलब एक अरब डॉलर से ज्यादा के मूल्यांकन से है.

प्रयागराज (पहले इलाहाबाद) के रहने वाले अलख पांडेय शुरू से ही पढ़ने में तेज थे. घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उनको कई परेशानियों से भी जूझना पड़ा. एक समय ऐसा आया पिता सतीश पांडेय और मां रजत पांडेय को अपने बेटे अलख और बेटी अदिति को पढ़ाने के लिए अपना घर तक बेचना पड़ा. अलख पांडेय की शुरुआती पढ़ाई प्रयागराज के विशप जॉनसन स्कूल से हुई थी. उन्हें हाईस्कूल में 91% और 12वीं में 93.5% नंबर मिले. उन्होंने 12वीं के बाद एक कोचिंग में 3 हजार रुपये महीने में पढ़ाना शुरू किया था.

2016 में शुरू किया अपना यूट्यूब चैनल
अलख ने 2016 में फिजिक्सवाला नाम से अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया। एक साल में करीब 4 हजार सब्सक्राइबर ही मिले। इसके बाद आसान और मजेदार अंदाज में फिजिक्स पढ़ाने का तरीका निकाला, जिसके बाद अब करीब 70 लाख सब्सक्राइबर के साथ अलख यूट्यूब पर काफी लोकप्रिय हो गए हैं। Physicswallah अलख पांडे यूट्यूब चैनल पर JEE Mains, JEE Advance, इंजीनियरिंग के अलावा NEET और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करवाई जाती है।

फिजिक्स पढ़ाने के लिए पहला वेतन मिला था 5000 रुपए
महज 31 साल के अलख का जन्म 2 अक्टूबर 1991 को प्रयागराज में हुआ था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उन्होंने 8वीं में पढ़ाई के दौरान ही कोचिंग क्लासेज और ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया था। एक समय ऐसा भी आया कि पिता सतीश पांडेय को अपने बेटे अलख और बेटी अदिति की पढ़ाई के लिए घर तक बेचना पड़ा। अलख ने कानपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक में दाखिला लिया, लेकिन पढ़ाई बीच में छोड़ दी। इसके बाद कोचिंग क्लासेज में ही अपनी पहचान बनाने के लिए जुट गए। फिजिक्स पढ़ाने के लिए पहली फीस 5000 रुपए मिली थी।

पिछले साल किया दो अरब का कारोबार
फिजिक्सवाला यूट्यूब चैनल को अलख ने फ्री-प्लेटफॉर्म के रूप में शुरू किया था। लोकप्रियता बढ़ने के साथ उन्होंने अपना एप लांच किया। शुरुआत काफी चैलेंजिंग रही। कई बार एप क्रैश हो गया, जिस पर स्टूडेंट्स 999 रुपए वार्षिक पैकेज लेकर पढ़ रहे थे। इसमें सुधार किया और इसी के साथ धीरे-धीरे एप की क्षमता बढ़ती गई और पिछले वित्तीय वर्ष में दो अरब का बिजनेस किया। 2022-2023 में यह लक्ष्य पांच अरब से ज्यादा व्यवसाय करने का है।

अलख से जुड़े फैक्ट फाइल
यूट्यूब पर 10वें नंबर का चैनल है।
2017 में 3897 सब्सक्राइबर थे।
आज 80 लाख सब्सक्राइबर हैं।
देशभर में इसके 20 सेंटर्स हैं।

एक्टर बनना चाहते थे अलख
अलख पांडेय एक्टर बनना चाहते थे। वर्ष 2010 में बिशप जानसन स्कूल एंड कॉलेज से 12वीं करने के बाद उनका एडमिशन एचबीटीआई कानपुर में बीटेक में हुआ। स्कूल-कॉलेजों में नुक्कड़ नाटक करने वाले अलख ने आठवीं कक्षा से ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। तब वे चौथी कक्षा के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते थे। 11वीं में पढ़ाई करने के दौरान नौवीं कक्षा के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया। बीटेक सेकेंड इयर में रहने के दौरान वे कानपुर के कोचिंग में पढ़ाने लगे थे।

क्या होता है यूनिकॉर्न
यूनिकॉर्न का मतलब ऐसा स्टार्टअप है, जिसका मूल्यांकन एक अरब डॉलर पहुंच गया हो। यूनिकॉर्न शब्द का इस्तेमाल पहली बार काउबॉय वेंचर्स की फाउंडर ऐलीन ली ने किया था। 10 अरब डॉलर से अधिक के स्टार्टअप को डेकाकॉर्न कहा जाता है।

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