हनुमान जी को नोटिस पर रेलवे का यूटर्न, कहा- भावनाएं आहत करना नहीं था मकसद !

railway uturn on hanuman ji notice

Dhanbad News : रेलवे ने हनुमानजी को नोटिस भेजकर 10 दिनों के अंदर मंदिर हटाने का फरमान जारी किया है। मामला धनबाद के बेकारबांध रेलवे कालोनी से सटे खटिक मोहल्ला का है। रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने मोहल्ले में 27 घरों को अवैध कब्जा बताते हुए उनकी दीवार पर नोटिस चिपकाया है। इस दौरान मोहल्ले के हनुमान मंदिर में भी नोटिस चिपका दिया गया है।

रेलवे ने कहा गलती हो गई
सीनियर सेक्शन इंजीनियर धनबाद रेल मंडल एस के चौधरी ने कहा कि ये मानवीय भूल है। नोटिस में गलती से हनुमान जी का नाम लिख दिया गया है। इसे सुधार किया जाएगा। और आगे से ऐसी गलती ना हो इसका भी ध्यान रखा जाएगा। किसी की भावनाओं को आहत करना विभाग का मकसद नहीं था। हमें बस जमीन से अतिक्रमण हटाना था ।

20 सालों से रह रहे हैं लोग
बेकार बांध के खटीक मोहल्ले में 20 सालों से लोग रेलवे की जमीन पर रह रहे हैं। यहां खटीक समुदाय के लोग मुख्यत: उत्तर प्रदेश से आए हैं। झुग्गी-झोपड़ी बनाकर सालों से पानी फल, मछली, सब्जी समेत अन्य छोटे-छोटे कारोबार करते हैं। रेलवे की टीम ने मोहल्ले में सभी घरों को अवैध कब्जा बताकर खाली करने का नोटिस चिपका दिया है। सभी घरों को उनके नाम से दीवार पर नोटिस चिपकाया गया है। इस इलाके में 300 से ज्यादा परिवार रहते हैं।

मंदिर की संपत्ति को देवता की ही मानता है सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2021 में अपने एक फैसले में कहा था कि किसी भी मंदिर की संपत्ति देवता की ही होती है। रेवेन्यू रिकॉर्ड में देवता के नाम पर संपत्ति होना कानूनन सही है। पुजारी केवल उस मंदिर में काम करता है। यह केस मध्य प्रदेश का था। जिसमें रेवेन्यू रिकॉर्ड में मंदिर की संपत्तियों से पुजारियों के नाम हटाने के सर्कुलर को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस हेमंत गुप्ता व जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच ने इस सर्कुलर को बरकरार रखा था।

 

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