रांची में मचा बवालः नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी की पुलिस कस्टडी में मौत, परिजनों ने थाना में की तोड़-फोड़

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सार
झारखंड के नारकोपी थाना क्षेत्र में रविवार की देर रात जमकर बवाल हुआ। नाबालिग के साथ रेप के आरोपी की पुलिस कस्टडी में इलाज के दौरान जान जाने के बाद। गुस्साएं परिजनों ने पुलिस स्टेशन को घेर लिया। इसके साथ ही थाना का मेन गेट तोड़ा डाला। पीड़ित परिवार वाले मुआवजे की मांग कर रहे है।

Jharkhand News : रांची जिले के बेड़ो प्रखंड के नरकोपी थाना क्षेत्र में घर में घुसकर आदिवासी नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोपी शहरूद्दीन अंसारी उर्फ रिंकू की मौत के बाद ग्रामीणों ने नरकोपी थाना के बाहर जमकर हंगामा मचाया। स्थानीय लोगों ने न केवल देर रात तक थाना को घेरे रखा बल्कि थाना का मेन गेट तक तोड़ दिया।

देर रात लगभग बेड़ो के उपप्रमुख मोद्दसिर हक और अन्य लोगों की पहल पर मौके पर मौजूद डीएसपी रजत माणिक बाखला, अंचलाधिकारी सुमंत तिर्की और प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ प्रवीण कुमार तथा बेड़ो,लापुंग,इटकी, चान्हो, मांडर सहित अन्य थाना प्रभारियों के साथ हुई बातचीत में आश्वासन दिया गया कि ग्रामीणों की मांगे पूरी की जाएगी। जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त हुआ।

30 अगस्त को गया था जेल
आरोपी ने 28 अगस्त को गांव की ही एक नाबालिग से घर में घुस दुष्कर्म किया था। नाबालिग घर में अकेली थी। जिसका फायदा उठा आरोपी घर में घुसा और शर्मनाक घटना को अंजाम दिया। नाबालिग के माता-पिता समेत अन्य खेत में काम करने गए थे। स्थानीय लोगों ने आरोपी की पिटाई भी की थी। जिसके के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। 30 अगस्त को सहरुद्धीन अंसारी को पुलिस ने जेल भेज दिया था।

मेडिकल बोर्ड की निगरानी में हुआ पोस्टमार्टम
शनिवार को आरोपी की रिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। रविवार को मेडिकल बोर्ड की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम हुआ। इधर, इस मामले में जेल प्रशासन का कहना है कि आरोपी ने बीमार होने की बात बताई थी। फिर जेल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। 8 सितंबर को उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो उसे रिम्स रेफर किया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

अफवाह फैलाने वाले नेताओं पर भी कार्रवाई की मांग
मृतक के परिजनों ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले नेताओं पर भी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में परिजनों ने थाना को एक आवेदन सौंपा है। आवेदन के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, पूर्व विधायक गंगोत्री कुजूर समेत अन्य ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैला मामले को संप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया। साथ ही नरकोपी थानेदार विजय मंडल पर भी कार्रवाई करने की मांग की गई।

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