5 लाख सैलरी, 320 एकड़ में बना आवास… राष्ट्रपति को मिलती हैं ये सारी सुविधाएं

President Salary

सार
राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आज आएंगे. 15वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए 18 जुलाई को वोटिंग हुई थी. नए राष्ट्रपति 25 जुलाई को शपथ लेंगे. जानें- राष्ट्रपति को क्या-क्या सुविधाएं मिलतीं हैं? 2018 तक राष्ट्रपति को हर महीने 1.50 लाख रुपये सैलरी मिलती थी. लेकिन 2018 में सैलरी को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया था. इसके अलावा राष्ट्रपति को फ्री मेडिकल, टेलीफोन बिल, आवास, बिजली समेत कई सारे भत्ते भी मिलते हैं.

स्टोरी हाइलाइट्स
340 कमरे वाले भवन में रहते हैं राष्ट्रपति
सैलरी के अलावा और भी भत्ते मिलते हैंराष्ट्र
पति के स्पेशल बॉडीगार्ड होते हैं

Salary of President of India 2022: राष्ट्रपति चुनाव के लिए आज मतदान चल रहा है. चुनाव के परिणाम घोषित होने क बाद 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण समारोह होगा. एनडीए की ओर से द्रौपदी मुर्मू जबकि विपक्ष की ओर से यशवंत सिंहा उम्मीदवार हैं. देश का अगला राष्ट्रपति कौन होगा ये आज शाम तक जनता को पता चल जाएगा. द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समुदाय से आती हैं. मुर्मू अनुसूचित जनजाति से संबंधित दूसरी व्यक्ति हैं, उन्होंने इससे पहले 2015 से 2021 तक झारखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में कार्य किया है. अगर द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति चुनाव में जीतती हैं तो वे राष्ट्रपति बनने वाली पहली आदिवासी महिला होंगी. वहीं विपक्ष की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने पूर्व पीएम चंद्रशेखर की सरकार में 1990 से 1991 तक और फिर 1998 से 2002 तक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया हैं. यशवंत सिन्हा ने विदेश मंत्री के रूप में भी कार्य किया. 2018 में पार्टी छोड़ने से पहले वह भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता थे. इसके बाद वो अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे. हालांकि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में चुने जाने से एक दिन पहले उन्होंने टीएमसी छोड़ दी थी.

बता दें अलग-अलग राज्यों के कुल 9 विधायक संसद भवन में वोट करेंगे. यूपी से 4, त्रिपुरा से 2, असम से 1, ओडिशा से 1, हरियाणा से 1 जबकि 42 सांसद विधानसभाओं में वोट करेंगे. मिली जानकारी के अनुसार एक सासंद के वोट की वैल्यू 700 होती है. इस बार के चुनाव के लिए साल 1971 में हुई जनसंख्या को आधार बनाया गया है. अब इस चुनाव के लिए जनसंख्या का आधार 2,026 के बाद होने वाली जनगणना के बाद बदलेगा. यानी, 2031 की जनगणना के आंकड़े प्रकाशित होने के बाद 1971 की जगह 2031 की जनगणना के आधार पर सांसदों और विधायकों के वोट की वैल्यू तय होगी. विधायक और सांसदों का वोट वैल्यू तय करने का तरीका अलग-अलग होता है. विधायक के वोट का मूल्य तय करने के लिए सबसे पहले उस राज्य की 1971 की जनगणना के मुताबिक जनसंख्या को लेते हैं. इसके बाद उस राज्य के विधायकों की संख्या को हजार से गुणा करते हैं. गुणा करने पर जो संख्या मिलती है उससे कुल जनसंख्या को भाग दे देते हैं. इसका नतीजा जो आता है वही उस राज्य के एक विधायक के वोट का मूल्य होता है.

ये हैं भारत के राष्ट्रपति को मिलने वाली सुविधाएं

राष्ट्रपति के पद पर करीब 5 लाख रुपये महीना सैलरी मिलती है.

फ्री मेडिकल, आवास और इलाज की सुविधा (पूरे जीवन) समेत अन्य भत्ता दिए जाते हैं.

भारत के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी दुनिया में कहीं भी मुफ्त में यात्रा कर सकते हैं.

राष्ट्रपति के पास पांच लोगों का सेक्रेटेरियल स्टाफ होता है. इसके अलावा 200 अन्य लोग राष्ट्रपति भवन की देखरेख में अपनी जिम्मेदारी संभालते हैं.

राष्ट्रपति के पास छुट्टियां बिताने के लिए दो शानदार हॉलीडे रिट्रीट भी होते हैं. जिनमें से एक हैदराबाद में राष्ट्रपति निलयम और दूसरा शिमला में स्थित रिट्रीट बिल्डिंग है. जहां वो अपने परिवार के साथ जा सकते हैं.

देश के राष्ट्रपति को कस्टमाइज्ड Mercedes Benz S600 (W221) गाड़ी मिलती है.

राष्ट्रपति के पास प्रधान मंत्री की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह पर युद्ध की घोषणा करने की पावर है.

सभी जरूरी संधियां और अनुबंध राष्ट्रपति के नाम पर किए जाते हैं.

राष्ट्रपति भवन भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास है. नई दिल्ली में स्थित, राष्ट्रपति भवन में 340 कमरे हैं और इसका फ्लोर एरिया 2,00,000 वर्ग फुट है.

ये भी मिलते हैं अधिकार

वह अपने ऑफिस की पावर और कर्तव्यों के प्रयोग और प्रदर्शन के लिए या उन शक्तियों और कर्तव्यों के अभ्यास और प्रदर्शन में उनके द्वारा किए गए या किए जाने वाले किसी भी काम के लिए किसी भी अदालत के प्रति जवाबदेह नहीं है.

बशर्ते कि अनुच्छेद 61 के तहत आरोप की जांच के लिए संसद के किसी भी सदन द्वारा नियुक्त या नामित किसी भी अदालत, न्यायाधिकरण या निकाय द्वारा उनके आचरण की समीक्षा की जा सकती है.

उनके कार्यकाल के दौरान किसी भी अदालत में उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक कार्यवाही शुरू या जारी नहीं रखी जा सकती है.

उनके कार्यकाल के दौरान किसी भी अदालत से गिरफ्तारी या कारावास की कोई प्रक्रिया जारी नहीं की जाएगी.

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