अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में अब होगी सनातन धर्म की पढ़ाई !

AMU NEWS

सार
अलीगढ़ मुस्लिम यून‍िवर्सिटी (एएमयू) में अब सनातन धर्म की भी पढ़ाई होगी। पीएम मोदी की तारीफ से गदगद इस्‍लामिक स्‍टडीज डिपार्टमेंट ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। यह कोर्स यूजी और पीजी लेवल पर शुरू होगा।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी(एएमयू-AMU) के इस्लामिक स्टडीज विभाग में अब जल्द ही सनातन धर्म (Sanatan Dharam) की शिक्षा भी ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट के छात्रों को दी जाएगी। इस संबंध में इस्लामिक स्टडी विभाग के चेयरमैन प्रोफेसर मोहम्मद इस्माइल ने वाइस चांसलर को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि इस्लामिक स्टडीज विभाग में एक नया कोर्स शुरू किया जा रहा है, जिसका नाम कंपैरेटिव रिलीजन (सनातन धर्म) है। इसमें अब यूनिवर्सिटी के छात्र छात्राओं को सनातन धर्म का पाठ भी पढ़ाया जाएगा।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जनसंपर्क अधिकारी उमर पीरजादा ने बताया कि एएमयू के थियोलॉजी डिपार्टमेंट में पिछले 50 वर्ष से सभी वर्ग के धर्मों के बारे में पढ़ाया जाता है। अब उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के इस्लामिक स्टडीज विभाग में भी सनातन धर्म के बारे में पोस्ट ग्रेजुएट छात्र छात्राओं को पढ़ाया जाएगा। आगे उन्होंने कहा है कि एएमयू के संस्थापक सर सैयद अहमद खान की इच्छा थी कि सभी धर्म के छात्र-छात्राओं को एएमयू में शिक्षा हासिल हो। इन तमाम बातों को देखते हुए और हिंदू मुस्लिम एकता कायम करने के लिए डिपार्टमेंट के चेयरमैन ने यह निर्णय लिया गया है। जल्द ही अब एएमयू के इस्लामिक स्टडीज डिपार्टमेंट में सनातन धर्म के बारे में भी छात्र छात्राओं को पढ़ाया जाएगा।

शताब्दी समारोह में शामिल हुए थे पीएम मोदी
पूर्व में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के शताब्दी समारोह के एक कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री ने एएमयू की तारीफ की थी। इस दौरान एएमयू के प्रोफेसरो ने प्रधानमंत्री की जमकर तारीफ की थी। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में बड़ी संख्या में विदेशी छात्र छात्राएं पढ़ते हैं। यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे विदेशी छात्र छात्राओं को भी अब सनातन धर्म पढ़ाया जाएगा।

हिंदुवादियों छात्र नेताओं ने किया स्वागत हिंदूवादी छात्र नेताओं का कहना है कि एएमयू का यह ऐतिहासिक कदम है। सौरव चौधरी ने कहा कि इस कदम से सभी धर्मों के छात्रों को एक सूत्र में बांधने में सहायता मिलेगी। दूसरे धर्म के लोगों को भी सनातन धर्म के बारे में जानकारी मिलेगी। हम लोग यह न्यू वाइस चांसलर का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं साथ ही उन चेयरमैन का भी जिन्होंने यह निर्णय लिया है।

कितनी बड़ी है यूनिवर्सिटी
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर के 467.6 हेक्टेयर के इलाके में फैली है. इसमें सात बड़े कॉलेज हैं. इसके अधिकांश स्टाफ और छात्र इसी यूनिवर्सिटी में रहते हैं. यह छात्रों के लिए 80 होस्टल वाले 19 हॉल ऑफ रेजिडेंस हैं. हर हॉल में रीडिंग रूम , लाइब्रेरी, स्पोर्ट्स क्लब, आदि कई सुविधाएं प्रदान की गई है. पिछले साल ही अलीगढ़ यूनिवर्सिटी का क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 801 स्थान आया है और नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क में भारत में दसवां स्थान आया है.

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत राष्ट्रीय महत्व का का संस्थान माना गया है. 1967 में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी एक अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान नहीं है. लेकिन बाद में इस पर अलग अलग फैसले आए 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने इसे फिर अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान का दर्जा दिया. जबकि शुरू से अब तक इस यूनिवर्सिटी में दूसरे धर्मों के छात्र भी पढ़ते आ रहे हैं.

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