निशिकांत दुबे की शिकायत पर डीसी देवघर के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मामला दर्ज !

DEOGHAR DC PAR CASE

सार
दिल्ली पुलिस ने उपायुक्त देवघर मंजूनाथ भजंतरी के ख़िलाफ़ ज़ीरो एफ़आईआर दर्ज की है जिसमें राजद्रोह और सरकारी गोपनीयता क़ानून की धाराएं लगाई गई हैं.

दिल्ली पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत के बाद झारखंड के देवघर जिले के डीसी मंजूनाथ भजंत्री और कुछ अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ राजद्रोह के आरोपों एवं सरकारी गोपनीयता कानून के तहत जीरो प्राथमिकी दर्ज की है. दरअसल देवघर एयरपोर्ट पर बीते दिनों बीजेपी सांसदों और झारखंड के अधिकारियों के बीच हुई बहस के बाद डीसी मंजूनाथ भजंत्री के खिलाफ राजद्रोह के आरोपों एवं सरकारी गोपनीयता कानून के तहत दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू पुलिस थाने में जीरो प्राथमिकी दर्ज कराई गयी है.

बता दें, इससे पहले गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे, सांसद मनोज तिवारी समेत नौ लोगों के खिलाफ एक अन्य प्राथमिकी दर्ज की गई थी. उनके खिलाफ अपनी चार्टर उड़ान को 31 अगस्त को निर्धारित समय के बाद उड़ान भरने की अनुमति देने के लिए वायु यातायात नियंत्रण (एटीसी) अधिकारियों को कथित तौर पर मजबूर करने के कारण यह प्राथमिकी दर्ज कराई गयी थी.

जान से मारने की धमकी दी गई- निशिकांत दुबे
देवघर डीएम के खिलाफ दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू थाने में आईपीसी और ऑफिशियल्स सीक्रेट एक्ट धाराओं के तहत FIR दर्ज हुई है. निशिकांत दुबे ने अपनी शिकायत में कहा है कि उन्हें देवघर एयरपोर्ट पर जान से मारने की धमकी दी गई. ये पूरा मामला 31 अगस्त का है जब बीजेपी नेताओं की एक टीम दुमका पीड़िता के परिवारवालों से मिलने दिल्ली से झारखंड पहुंची थी. ये सभी एक चार्टर्ड प्लेन से देवघर एयरपोर्ट पर उतरे थे. वापसी के वक्त नाइट लैंडिंग की सुविधा नहीं होने के कारण ATC क्लीरियेंस को लेकर कथित रूप से विवाद हुआ.

दिल्ली में दर्ज जीरो FIR के मुताबिक निशिकांत दुबे ने कहा है,
“31 अगस्त की शाम मैं सवा 5 बजे दिल्ली जाने के लिए देवघर एयरपोर्ट पहुंचा था. मेरे साथ बीजेपी सांसद मनोज तिवारी भी थे. करीब 5 बजकर 25 मिनट पर सुरक्षा जांच के बाद हम लोग विमान के अंदर पहुंच गए. देवघर एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा नहीं होने के कारण पिछले कुछ दिनों से कई फ्लाइट की आवाजाही बाधित हुई है. यह केस झारखंड हाई कोर्ट में लंबित है. इसी सिलसिले में मैंने एयरपोर्ट डायरेक्टर से जानकारी लेने के लिए उनके ऑफिस जाने का फैसला लिया. उसी दौरान झारखंड पुलिस के अधिकारी और कर्मचारियों ने मुझे जाने से रोका और मेरे बेटों के साथ गाली-गलौच किया. मुझे भी जान से मारने की धमकी दी.”

‘DM ने देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया’
निशिकांत दुबे का आरोप है कि यह सब देवघर के डीएम मंजूनाथ भजंत्री के कहने पर किया गया. उन्होंने डीएम पर आरोप लगाया कि वे अगले दिन (1 सितंबर) बिना अनुमति के एयरपोर्ट के डीआरडीओ के प्रतिबंधित इलाके में गए, जहां जाने की इजाजत सिर्फ प्रधानमंत्री कार्यालय देता है. निशिकांत दुबे का कहना है कि एयरपोर्ट के डायरेक्टर ने डीएम को समझाने की कोशिश की जहां उन्होंने अपने रसूख का धौंस दिखाया. डीएम पर उन्होंने देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने, जान से मारने की साजिश के लिए झारखंड पुलिस को उकसाने जैसे गंभीर आरोप लगा दिए.

जानें क्या है पूरा मामला
बता दें, दुमका कांड में मृतका के परिवार से मिलने चार्टर्ड प्लेन से मनोज तिवारी, कपिल मिश्रा और निशिकांत दुबे दिल्ली से देवघर पहुंचे थे. देवघर एयरपोर्ट से शाम 6 बजे तक ही उड़ान की इजाजत है. सांसद पर जबरन शाम 5 बजकर 30 मिनट पर क्लियरेंस लेने का आरोप लगाया गया है. देवघर हवाई अड्डा के सुरक्षा प्रभारी सुमन आनंद ने एक सितंबर को कुंडा थाने में दुबे, उनके दो बेटों, सांसद तिवारी, देवघर हवाई अड्डा के निदेशक संदीप ढींगरा और अन्य के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में कहा गया है कि सभी नौ लोगों ने देवगढ़ हवाई अड्डे पर एटीसी कक्ष में प्रवेश कर और विमान के उड़ान भरने के लिए जबरन अनुमति लेकर ‘सुरक्षा मानकों’ का कथित उल्लंघन किया.

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