पढ़ने लिखने वाले शुभम की ट्रेन में हुई थी अपराधियों से दोस्ती… जाने कैसे बन गया था डकैत !

dhanbad shubham

सार
बैंक मोड़ में मुथूट फिनकॉर्प में डकैती के प्रयास में मारा गया भूली का युवक शुभम गलत संगत में फंस कर अपराध की दुनिया में पहुंच गया। डीएवी कुसुंडा से दसवीं की पढ़ाई के बाद शुभम की जान-पहचान अपने से अधिक उम्र वाले भूली के कुछ बिगड़ैल युवकों के साथ हुई।

Dhanbad Encounter: मुथुट फिनकार्प में डकैती के दौरान शूटआउट में मारा गया शुभम सिंह उर्फ रैबिट कभी मेधावी छात्र हुआ करता था। वर्ष 2019 में उसने डीएवी कुसुंडा और वर्ष 2021 में उसी स्कूल से साइंस से 90 प्रतिशत अंक लाकर पास किया था। इससे पूर्व वह तैयारी करने के लिए पटना आया – जाया करता था। पुलिस की मानें तो शुभम के इन हार्डकोर अपराधियों से दोस्ती ट्रेन में ही हुई थी। शुरुआत में वह छोटी – मोटी छिनतई करने लगा था। मगर बाद में वह इस गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया।

पिछले एक वर्ष में शुभम ने आसनसोल, जमशेदपुर, पटना, भागलपुर के कई बैंक व आभूषण दुकान की रेकी की है। इसके अलावा कुछ कांड में वह संलिप्त भी रहा है मगर कभी पकड़ा नहीं गया। पुलिस के अनुसार शुभम इन हार्डकोर अपराधियों के साथ इस गैंग के लीडर राजेश सिंह उर्फ पीलू और सुबोध सिंह से बेउर जेल में मुलाकात करने गया था। वहीं इन्हें धनबाद में सोना लूटने का आदेश मिला।

एक गैंग ने गुंजन ज्वैल्स में डकैती की और दूसरी गैंग ने मुथुट फिनकार्प में डकैती की योजना बनाई। शुभम के बारे में मुहल्ले में यह भी चर्चा है कि वह काफी अच्छा लड़का था। मुहल्ले के किसी बुजुर्ग को देखते ही वह पैर छूकर उन्हें प्रणाम करता था। किसी को यकीन नहीं हो पा रहा है कि शुभम इस तरह के अपराध कर सकता है।

शव पहुंचते ही मची चीख- पुकार, मुहल्ला हुआ गमगीन: भूली बी ब्लाक में बुधवार को शुभम उर्फ रैबिट का शव पहुंचते ही उसके घर में चीख पुकार मच गई। उसकी मां रो – रो कर बोल रही थी कि उसके बेटे के साथ पुलिस ने गलत किया है। अगर वह अपराधी था तो बाकी अपराधियों की तरह पुलिस उसे भी गिरफ्तार करती मगर पुलिस ने उसके बेटे की हत्या कर दी। पोस्टमार्टम हाउस में भी उसकी मां व दो छोटी बहन बार – बार यही कह रही थी कि पुलिस ने बाकी दो अपराधियों को एंकाउंटर क्यों नहीं किया। क्यों सिर्फ उसके बेटे को ही मारा। इधर शव लगभग शाम चार बजे घर पहुंचा था और पांच बजे शव को वहां से निकाल दिया गया। शव का अंतिम संस्कार लिलोरी स्थान में किया गया। पूरा मुहल्ला शव का अंतिम संस्कार करने गया। लोगों में यह भी चर्चा का विषय बना हुआ था कि पुलिस को उसका एंकाउंटर नहीं करना चाहिए।

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