एसपी साहब मेरी बाइक अपने पास रख लो, मेरे नंबर का अपराधी कर रहे हैं इस्तेमाल पुलिस बार-बार बुला कर करती है जांच

sp sahab aap meri bike rakh lo

सार
अपराधी हजारीबाग में वारदात के लिए नित नए हथकंडे अपना रहे हैं. अपराधियों की ऐसी ही एक चालबाजी में एक व्यक्ति फंस गया. इस पर वह सीधा एसपी के पास पहुंच गया और हजारीबाग के एसपी से ऐसी गुहार लगाई की जिले में चर्चा का विषय बन गई.

Hazaribagh : हजारीबाग के चरही का रहने वाला गौतम कुमार प्रजापति एसपी दफ्तर पहुंच गया और एसपी से उसकी बाइक अपने पास रखने की गुहार लगाने लगा. इससे वहां मौजूद दूसरे अधिकारी और लोग हैरान हो गए. हालांकि एसपी ने उसकी परेशानी सुनकर उसकी समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिलाकर किसी तरह उसे लौटाया.

हमें नहीं चाहिए ऐसी गाड़ीः पीड़ित गौतम के परिजनों ने भी हजारीबाग एसपी के पास पहुंच कर उसकी गाड़ी अपने पास रखने की गुहार लगाई है. गौतम की रिश्तेदार ललिता देवी का कहना है कि अभी तो अपराधी रांची और रामगढ़ में जाकर घटना को अंजाम दे रहा है .अपराधी जमशेदपुर या फिर संथाल परगना में घटना को अंजाम देने लगा तो वहां की पुलिस भी हम लोगों को तलाश करेगी. इससे अच्छा है कि पुलिस हमारी बाइक रख ले, हमें गाड़ी नहीं चाहिए.

सीसीटीवी में दिखता है बीएस-6 मॉडल, युवक की बाइक है बीएस-4, पूरा परिवार है मुश्किल में
चरही निवासी गौतम कुमार प्रजापति ने बताया कि स्नैचिंग की घटना हाेती है ताे पुलिस मुझे काॅल करती है। जब जब अपराधी किसी घटना काे अंजाम देते हैं तब तब मुझे परेशानी हो रही है और पुलिस का कॉल अा जाता है। मुझे अपनी सफाई देनी पड़ रही है।

पांचवीं घटना है जब रामगढ़ में स्नैचिंग की अपराध पर पुलिस ने मोटरसाइकिल लेकर बुलाया। कहा कि मेरी अपाची मोटरसाइकिल का नंबर जेएच 02 यूई 7581 है। जिसका मॉडल बीएस 4 है जबकि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा अपराध में प्रयुक्त अपाची मोटरसाइकिल का मॉडल बीएस-6 है।

अहम बात यह है कि अपराधी जहां भी घटना को अंजाम देते हैं वहां प्रयुक्त मोटरसाइकिल की फर्जी नंबर को सीसीटीवी में स्पष्ट दिखाते हैं जिससे गौतम की परेशानी बढ़ती है। एसपी ने उसकी फरियाद सुन कर उसे आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

बाइक के नंबर का हाे रहा गलत इस्तेमाल : एसपी
एसपी मनोज रतन चौथे ने कहा कि इस तरह का मामला आया है। नंबर डुप्लीकेसी का मामला है ।आवेदक के मोटरसाइकिल के नंबर का मिस यूज किया जा रहा है। उसके नंबर को लगाकर अपराध हो रहा है। यह अपराध अब तक रामगढ़-रांची में होने की सूचना मिली है।

इसमें अब तक के वेरिफिकेशन में प्रथम दृष्टया आवेदक की गलती नहीं है फिर भी मुख्य आरोपी को डिटेक्ट करने की कार्रवाई हम कर रहे हैं। मोटरसाइकिल धारक हमारे जिले के चरही का रहने वाला है लेकिन अब तक उसके मोटरसाइकिल के नंबर से हजारीबाग जिले में अपराध नहीं हुआ है फिर भी अपराधी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए हमारी टीम लगी हुई है।

उन्होंने कहा कि थंब इंप्रेशन से पैसे की निकासी करने में ग्राहक के थंब इंप्रेशन का भी दुरुपयोग हो रहा है। इस संबंध में तीन एफआईआर किए जा चुके हैं। थंब इंप्रेशन से विश्वसनीय संस्थानों से ही पैसे की निकासी करें अन्यथा ओटीपी सिस्टम का उपयोग करें।

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