Momentum Jharkhand Scam: मोमेंटम झारखंड में 100 करोड़ के घोटाले का आरोप, अब होगी CID जांच !

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सार
साल 2017 में झारखंड में निवेश बढ़ाने के लिए झारखंड में मोमेंटम झारखंड कार्यक्रम का आयोजन किया गया. एक साल के अंदर रांची, जमशेदपुर और बोकारो तीनों शहरों में बारी-बारी से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. एक ओर इसके जरिए अरबों रुपए के निवेश का दावा किया गया तो दूसरी ओर आयोजन के नाम पर बड़े पैमाने पर सरकारी खजाने की लूट के आरोप लगाए गए. कैसे और कहां-कहां लगे लूट के आरोप, आइए जानते हैं.

Momentum Jharkhand Scam : झारखंड के पूर्ववर्ती सरकार में बहुचर्चित मोमेंटम झारखंड में अनियमितता के आरोपों की जांच की जिम्मेदारी झारखंड पुलिस की अपराध अनुसंधान विभाग (CID) कर सकती है। उद्योग विभाग के मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इससे संबंधित प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है। अब फाइल गृह विभाग पहुंच गई है, जहां विचार-विमर्श चल रहा है।

पूर्व में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोमेंटम झारखंड के दौरान कथित घोटाले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से कराने की घोषणा की थी, जिसपर विचार विमर्श हुआ और इसके तकनीकी पहलुओं की भी जानकारी ली गई। इसके बाद उद्योग विभाग ने पूरे मामले की जांच सीआइडी से कराने का विचार किया, जिसकी फाइल पर उद्योग मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री ने सहमति दी।

ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन16-17 फरवरी 2017 को रांची के खेल गांव में दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया. इसमें कई केंद्रीय मंत्री, रतन टाटा, कुमारमंगलम बिड़ला, नवीन जिंदल समेत देश-विदेश से कई बड़े उद्योगपति आए. इस कार्यक्रम में 3 लाख 11 हजार करोड़ से अधिक के एमओयू हुए. इस कार्यक्रम का दूसरा फेज जमशेदपुर में 19 अगस्त 2017 को आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार ने 2100 करोड़ का निवेश करने वाली कंपनी को जमीन दी. तीसरे फेज का कार्यक्रम बोकारो में हुआ. 20 दिसंबर 2017 को बोकारो में सौ से अधिक कंपनियों के साथ 3400 करोड़ से अधिक के निवेश का एमओयू हुआ.

पहले एसीबी में हुई थी शिकायत, 100 करोड़ के घोटाले का आरोप
पूर्व में एक आरटीआइ कार्यकर्ता ने जनवरी 2020 में शिकायत की थी कि पूर्व की सरकार में मोमेंटम झारखंड की शुरुआती बजट को बढ़ाया गया था। शुरुआत में इसका बजट केवल 8.5 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये किए गए था। निवेशकों को बुलाने के नाम पर लंदन, जर्मनी, कनाडा और अमेरिका सहित कई शहरों में रोड शो आयोजित किया गया था। इसके नाम पर तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के बेटेmomentam jharkhand cid case व अन्य लोगों ने सैर-सपाटे भी किए।

इन पर है आरोपतत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास, तत्कालीन मुख्य सचिव राजवाला वर्मा, तत्कालीन उद्योग सचिव के रवि कुमार, आयोजन समिति के राहुल सिंह, सीएम के तत्कालीन प्रधान सचिव संजय कुमार, सुनील कुमार वर्णवाल और सुमित कुमार पर सरकारी पैसों के दुरुपयोग के आरोप हैं. राज्य के बड़े अधिकारियों पर यह आरोप है कि उन्होंने राजनेताओं और मुख्यमंत्री को कई मामलों में अंधेरे में रखा. लैंड बैंक बनाकर सरकार की तरफ से उद्योगपतियों को जमीन देने की बात भी सही नहीं पाई गई है.

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