Jharkhand News : 31.5 लाख पैकेज की नौकरी छोड़ शुरू की तैयारी, अब UPSC मे आया 25वां स्थान !

JAMSHEDPUR SHRUTI IAS

सार
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सोमवार को सिविल सेवा परीक्षा-2021 का परिणाम घोषित कर दिया। पहला तीन स्थान लड़कियों के नाम रहा। यूपी के बिजनौर की श्रुति शर्मा ने टॉप किया है। वहीं, कोलकाता की अंकिता अग्रवाल दूसरे और गामिनी सिंगला तीसरे नंबर पर रहीं। वहीं, जमशेदपुर की श्रुति राजलक्ष्मी झारखंड टॉपर बनी हैं। उन्हें 25 वां रैंक मिला है।

Success Story Shruti Raj Lakshmi :अपने पहले प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं करने वाली श्रुति राज लक्ष्मी ने अपने दूसरे प्रयास में 25वां स्थान लाकर परिवार के साथ-साथ झारखंड का भी मान बढ़ाया है। आइआइटी बीएचयू से 2019 में कंप्यूटर साइंस में डिग्री लेने वाली श्रुति का मानना है कि ईमानदारी के साथ कोई भी काम करने की जरूरत है। चाहे आप परीक्षा की तैयारी कर रहे हों या नौकरी। मैंने अपने जीवन में अब तक जो भी किया ईमानदारी के साथ किया हैहूं और पूर्ण विश्वास है कि आगे भी करती रहूंगा।

इस तरह इंटरनेट मीडिया से रहीं दूर
गोल्ड मैन बैंक कंपनी, बेंगलुरु में 31.5 लाख रुपये वार्षिक के पैकेज पर काम कर रही श्रुति नौकरी छोड़ यूपीएससी की तैयारी शुरू की। बिना कोचिंग के प्रारंभिक परीक्षा से लेकर मुख्य परीक्षा तक की तैयारी की। तैयारी के दौरान फेसबुक और वाट्सएप से पूरी तरह दूर रही। केवल परीक्षा की तैयारी के लिए इंटरनेट मीडिया का उपयोग की। प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी तो रांची में घर पर रहकर ही की। मुख्य परीक्षा के लिए दिल्ली गई और तैयारी का आकलन के लिए टेस्ट सीरीज ज्वाइन की थी। इस बार भी उन्हें उम्मीद नहीं थी, परंतु जब रिजल्ट आया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

श्रुति राजलक्ष्मी ने कहा- लाखों की नौकरी छोड़कर तैयारी की
रांची की श्रुति राजलक्ष्मी को दूसरे प्रयास में 25वां रैंक मिला। उन्होंने कहा कि बीएचयू से कंप्यूटर साइंस में आईआईटी करने के बाद बेंगलुरू में जॉब लगी। इसी दौरान यूपीएससी की परीक्षा दी, पर पीटी भी क्लियर नहीं हुआ। 8 माह में ही जॉब छोड़कर यूपीएससी की तैयारी में जुट गई। परिवार ने भी मनोबल बढ़ाया।

दूसरे प्रयास में मुझे 25वां रैंक मिल गया। यूपीएससी के लिए 8-9 घंटे पढ़ाई जरूरी है। बहुत किताबों के पीछे भागने की जरूरत नहीं है। एनसीईआरटी के पुस्तकें उपयोगी साबित होंगी। श्रुति ने झारखंड कैडर का ऑप्शन दिया है। श्रुति के पिता आनंद कुमार झारखंड हाई कोर्ट में वरीय अधिवक्ता हैं। मां प्रीति रानी महिला एवं बाल विकास विभाग रांची में अधिकारी हैं।

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