सीएम हेमंत सोरेन को ‘सुप्रीम’ राहतः कोर्ट ने कहा- याचिका सुनवाई योग्य नहीं

cm soren news

Supreme Court gives relief to CM Hemant Soren : सुप्रीम कोर्ट ने सीएम हेमंत सोरेन को बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला देते हुए कहा कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. ये पूरा मामला खनन लीज आवंटन से जुड़ा है. CJI की सुप्रीम कोर्ट की बेंच जेएस रवींद्र भट और जे सुधांशु धूलिया ने माना कि उनके खिलाफ ईडी जांच के लिए झारखंड उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिकाएं सुनवाई योग्य नहीं हैं. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पारित करते हुए अपील की अनुमति दी और झारखंड उच्च न्यायालय का आदेश निरस्त कर दिया.

मुख्यमंत्री ने लिखा सत्यमेव जयते
इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई वाली एक खबर को रिट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा है, सत्यमेव जयते। वहीं, मुख्यमंत्री की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रख रहे झारखंड हाईकोर्ट के एडवोकेट जनरल राजीव रंजन ने कोर्ट के फैसले की विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए बताया कि याचिकाकर्ता शिवशंकर शर्मा की याचिका मोटिवेटेड है। उसका कोई भी कानूनी आधार नहीं है। कोई सबूत या साक्ष्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि याचिकाएं सुनवाई योग्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया जिसमें उन्होंने याचिका को सुनवाई योग्य माना था।

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
गौरतलब है कि खनन पट्टा लीज और शेल कंपनियों से जुड़े मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने मेंटेनेबिलिटी की बिंदु पर अपना फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से तय स्पष्ट हो गया है कि सीएम हेमंत के खिलाफ हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News