Syed Sibtey Razi Death: झारखंड के पूर्व राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी नहीं रहे, लखनऊ में ली अंतिम सांस

SYED SIBTE RAJI DEATH NEWS

सार
पूर्व राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी का निधन हो गया। वे कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेताओं में से एक रहे थे। सैयद सिब्ते रजी 83 साल के थे। लखनऊ के केजीएमयू में उन्होंने आखिरी सांस ली।

Syed Sibte Razi Passed Away in Lucknow: संख्या बल न होने के बावजूद झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शिबू सोरेन (Shibu Soren) को सरकार बनाने का न्योता देने वाले झारखंड के पूर्व राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी (Syed Sibtey Razi) का शनिवार को इंतकाल हो गया. लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में उन्होंने अंतिम सांस ली. किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में वह हृदय रोग का इलाज करा रहे थे.

एनडीए के संख्या बल की अनदेखी कर दिलायी शिबू सोरेन को शपथ
पुराने कांग्रेसी और गांधी परिवार के करीबी सैयद सिब्ते रजी वर्ष 2005 में झारखंड के राज्यपाल थे. मार्च 2005 में उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के संख्या बल की अनदेखी कर झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन को सरकार बनाने का न्योता दिया था. हालांकि, भाजपा की शिकायत पर राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम के हस्तक्षेप से महामहिम रजी के फैसले को बदला गया.

तीन बार रहे राज्यसभा सदस्य
सैयद सिब्ते रजी तीन बार राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने गए। पहली बार 1980 से 1985 तक, दूसरी बार 1988 से 1992 तक और तीसरी बार 1992 से 1998 तक वे राज्यसभा सांसद के रूप में कार्य किया। 1980 से 1984 तक वे यूपी कांग्रेस के महासचिव भी रहे।

राज्यपाल की भूमिका पर उठे थे सवाल
सैयद सिब्ते रजी ने झारखंड के राज्यपाल के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल तय किया। वे वर्ष 2004 से 2009 तक झारखंड के राज्यपाल के पद पर रहे। वर्ष 2005 में उन्होंने झारखंड विधानसभा में एनडीए के बहुमत के पास होने के बाद भी झामुमो के शिबू सोरेन को सरकार बनाने का न्यौता दे दिया था। विवाद गहराया तो तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने मामले में हस्तक्षेप किया। राष्ट्रपति ने राज्यपाल के फैसले को पलट दिया। इसके बाद अर्जुन मुंडा को 13 मार्च 2005 को सीएम पद की शपथ दिलाई गई थी।

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