पेशी के दौरान जेल की रोटी लेकर पहुंचा कैदी, कहा- जज साहब… इसे जानवर भी नहीं खाएगा

judge sahab ke paas kaida le gaya roti

सार
मामला बेगूसराय जेल का है. मंगलवार को कैदी को पेशी के लिए लाया गया था. इस दौरान उसने जज के सामने खाने को लेकर यह शिकायत की थी.

सोशल मीडिया पर बिहार के बेगूसराय (Bihar Begusarai) का एक मामला वायरल (Viral) हो रहा है। यहां कोर्ट में पेशी के लिए लाए गए एक कैदी ने जज से जेल में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की। इतना ही नहीं, उसने सबूत के तौर पर न्यायाधीश (Judge) को रोटियां भी दिखाई और कहा कि इन रोटियों को जानवर भी नहीं खा सकेगा। इसके बाद कोर्ट ने उसकी शिकायत पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, जब रामजप्पो यादव नाम का यह कैदी पेशी के लिए अदालत पहुंचा तो उसने जज के सामने जेल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की। उसने जज को जेल की रोटी भी दिखाई, और कहा कि सर ये वही रोटियां हैं जो मुझे रात में खाने को दी गई थीं। यह ऐसी है जिसे कोई जानवर भी नहीं खाएगा। उसने आगे कहा कि जेल प्रशासन की ओर से कैदियों को या तो कच्ची रोटियां दी जाती हैं या फिर जली-भुनी।

खाने की शिकायत पर गाली देते हैं पुलिसवाले, पैसे की होती है वसूली
बेगूसराय के मंडल कारा में बंदी ने खाने में गड़बड़ी सहित पैसे की वसूली का भी आरोप लगाया है। जिसके बाद कोर्ट ने घटना के जांच के आदेश दिये हैं। कैदी ने कहा कि मंडल कारा बेगूसराय में बंद कैदियों को जानवरों से भी बदतर खाना दिया जाता है। खाने की शिकायत करने पर गाली गलौज की जाती है। कैदी ने कोर्ट में बताया कि जब परिजन कुछ सामान और फल लेकर अगर जेल आते हैं, तो कारा प्रशासन के द्वारा राशि मांगी जाती है। राशि देने पर ही परिजनों द्वारा लाया गया सामान बंदी तक पहुंचाया जाता है। शिकायत के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव और न्यायाधीश सतीश कुमार झा ने अविलंब मामले की जांच के आदेश दिए हैं एवं दोषी लोगों पर कार्रवाई की बात कही है।

उठ रहे सवाल… न्यायालय तक रोटी लेकर कैसे पहुंचा कैदी
इस मामले को लेकर सवाल उठने लगा है कि आखिर जेल से न्यायालय तक बंदी रोटी लेकर कैसे पहुंचा। जबकि कारा प्रशासन के नियमों के अनुसार पेशी के दौरान कोई भी सामान लेकर बंदी नहीं जा सकता। सवाल यह भी है कि किस नियम के तहत कारा प्रशासन के द्वारा राशि की मांग की जाती है। मालूम हो कि पूर्व में भी बंदी के परिजनों ने कारा अधीक्षक समेत पांच लोगों पर न्यायालय में प्राथमिकी दर्ज करायी थी।

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