कानपुर में उपद्रवी भीड़ ने दुकान को लूटा, ADG बोले- गिराए जाएंगे आरोपियों के अवैध निर्माण

kanpur violence

सार
बवाल में चले सैकड़ों पेट्रोल बम, अपनी ही फोर्स से बोले एसीपी अकमल खां- अरे चूड़ियां मंगवा दें क्या…पीछे क्यों हट रहे हो?

Kanpur Violence: कानपुर के बेकनगंज में हुई हिंसा से जुड़ा एक नया CCTV फुटेज सामने आया है। 5 मिनट 39 सेकंड के इस फुटेज में लोग पत्थरबाजी करते नजर आ रहे हैं। पुलिस इस वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस कमिश्नर विजय मीणा ने कहा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

5 मिनट 39 सेकंड का वीडियो
वीडियो के शुरुआती 15 सेकंड में भीड़ चौराहे पर इकट्ठा होती नजर आ रही है। इसमें से दो लड़के हाथों में पत्थर लेकर फेंकते हैं और फिर से पीछे जाकर छिप जाते हैं। कुछ और लड़के दोबारा हाथों में पत्थर लेकर दूसरे पक्ष की तरफ फेंकते हैं। सड़क पर पहले से ही कुछ पत्थर पड़े हुए थे।

पुलिस ने भीड़ को पीछे करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। भीड़ पीछे हटने के बजाय और आगे बढ़ने लगी। जिस जगह पर आंसू गैस के गोले आकर गिर रहे थे उससे 5 मीटर दूर लड़के पत्थर उठाकर पुलिस की तरफ फेंक रहे थे।

उत्पाती भीड़ ने पान की दुकान लूट ली
उपद्रव के बीच लोग अपनी-अपनी दुकानें बंद करके भागने लग गए। वीडियो में दिख रहा है कि सड़क किनारे पान की एक दुकान थी, जिसका मालिक भी दुकान छोड़कर चला गया। भीड़ ने उस दुकान को पूरी तरह से तोड़ने के बाद उसके सामान को सड़क पर फेंका और कुछ अपनी जेब में भर लिया।

फोर्स से बोले एसीपी, चूड़ियां मंगवा दें क्या…
अरे चूड़ियां मंगवा दें क्या… पीछे क्यों हट रहे हो? ये शब्द किसी आम आदमी के नहीं, बल्कि एसीपी अनवरगंज अकमल खां के थे। हुआ यूं कि बवाल के दौरान वह और डीसीपी प्रमोद कुमार उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए कई बार अकेले ही टियर गैस गन और सरकारी असलहा लेकर भीड़ के पीछे दौड़ रहे थे। लेकिन, घने इलाके में जाते ही पथराव तेज होने पर पीछे से आ रहा फोर्स भागने लगता।

आइये जानते हैं कानपुर हिंसा की 10 बड़ी बातें…

1- कानपुर में हुए इस बवाल के मामले में अब तक 36 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़े एक्शन की बात कही है. सीएम ने कहा कि मामले के दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा. सीएम योगी के आदेश के बाद पुलिस ने कहा कि आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा और उनकी संपत्ति ज़ब्त या ध्वस्त की जाएगी.

2- इस FIR में नामज़द 36 और अज्ञात क़रीब 450 लोगे पर मुक़दमा है जिसमें पेट्रोल बम और पत्थर से भीड़ के जानलेवा हमले की बात कही गई है. PFI के परवेज़ हयात का नाम भी आरोपियों में है.

3- FIR कन्हैया लाल नाम के एक शख्स ने लिखाई है जिसमें कहा गया है कि ये भीड़ नारे लगाते हुए हम पर हमला कर रहे थे. ये कह रहे थे कि, “हिंदुओं को मार डालो ये सब काफिर हैं और बीजेपी-RSS के एजेंट हैं.”

4- सूफी खानकाह एसोसिएशन ने कानपुर हिंसा पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि इसके पीछे PFI कनेक्शन-सूफी खानकाह एसोसिएशन का हाथ है. सूफी खानकाह एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हिंसा की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उनका आरोप है कि, PFI ने स्थानीय अपराधियों की मदद से हिंसा फैलाई है. वहीं, इसे लेकर सूफी खानकाह एसोसिएशन ने CM को चिट्ठी लिखी है.

5- पुलिस ने अब तक की जांच के बाद 3 एफआईआर दर्ज की हैं. वहीं, पुलिस हिंसा के मास्टरमाइंड हयात जफर की तलाश में जुटी है. हयात और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस, क्राइम ब्रांच की टीमें दबिश दे रही है. साथ ही हयात के करीबियों के घर भी पुलिस छापा मार रही है.

6- कानपुर में क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए IPS अजयपाल शर्मा को विशेष रूप से भेजा गया है. वहीं, माहौल को देखते हुए PAC के 1320 जवान भी गश्त में लगाए गए हैं.

7- बहुजन समाज पार्टी की सुप्रिमो मायावती ने हिंसा को लेकर ट्वीट करते हुए कहा कि, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री जी के यूपी दौरे के दौरान ही कानपुर में दंगा व हिंसा भड़कना अति-दुःखद, दुर्भाग्यपूर्ण व चिन्ताजनक तथा पुलिस खुफिया तंत्र की भी विफलता का द्योतक. सरकार को समझना होगा कि शान्ति व्यवस्था के अभाव में प्रदेश में निवेश व यहां का विकास कैसे संभव? उन्होंने कहा कि, सरकार जाति-धर्म से उठकर मामले की निष्पक्ष तौर से इसकी जांच कराए.

8- इस मामले पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया आई. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “महामहिम राष्ट्रपति जी, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नगर में रहते हुए भी पुलिस और ख़ुफ़िया-तंत्र की विफलता से बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा दिए गए. भड़काऊ बयान से कानपुर में जो अशांति हुई है, उसके लिए बीजेपी नेता को गिरफ़्तार किया जाए. हमारी सभी से शांति बनाए रखने की अपील है.”

9- आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी भी सरकार पर निशाना साधने में नहीं चुके. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “कानपुर के कुछ लोगों ने कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने के बाद, श्रीनगर में जमीन खरीदने के सपने देखे होंगे. लेकिन आज देश, कश्मीर और कानपुर में इतनी मजबूत सरकार है. कानपुर वसियों को कश्मीर जाने की जरूरत ही नहीं है!”

10- पुलिस के मुताबिक अल्पसंख्यक समुदाय के लोग हाल ही में टीवी पर बहस के दौरान BJP प्रवक्ता नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर नाराज थे और इसी के विरोध में वो इलाके की दुकानें बंद कराने का प्रयास कर रहे थे जिसके बाद हिंसा भड़की.

कानपुर हिंसा पर ADG का बड़ा बयान
कानपुर हिंसा पर उत्तर प्रदेश के ADG का बड़ा बयान सामने आया है. ADG ने कहा है कि हिंसा के आरोपियों के अवैध निर्माण गिराए जाएंगे. उन्होंने कहा है कि आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होगी.

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