मां का मंगलसूत्र बेचकर चालान भरने आया टेम्पो ड्राइवर, भावुक हुए ARTO ने खुद जमा कर दी रकम

maa ka mangalsutr bechne aaya tempo driver

सार
महाराजगंज में एक दिव्यांग ऑटो चालक चालान भरने के लिए अपनी मां का मंगलसूत्र बेचा जिसके बाद भी चालान की रकम इकत्रित नहीं हो पाई। इसकी जानकारी होने पर एआरटीओ ने ऑटो चालक की मदद की। जिसके बाद से उनकी कार्यालय में ही नहीं बल्कि हर जगह तारीफ हो रही है।

स्टोरी हाइलाइट्स
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले का मामला
24 हजार 500 रुपये का कटा था चालान

Viral News : महराजगंज जिले में ट्रैफिक नियमों का पालन कराने में जुटे एआरटीओ आर.सी.भारतीय एक टेम्पो ड्राइवर की दर्द भरी कहानी सुनकर भावुक हो गए और उन्होंने खुद उसका चालान भर दिया. साथ ही भविष्य में हर संभव मदद का आश्वासन दिया.

मां का मंगलसूत्र बेचने की सुनाई कहानी
महाराजगंज के एआरटीओ दफ्तर में बुधवार को दोपहर 2 बजे सिंहपुर ताल्ही गांव का एक टेम्पो ड्राइवर विजय कुमार दाखिल हुआ. एआरटीओ भारतीय ने उससे पूछा कि उसे क्या समस्या है. इस पर विजय कुमार ने अपना दुखड़ा सुनाना शुरू किया. उसने बताया कि 8 जून को उसका 24,500 रुपये का चालान हो गया है., विजय ने बताया कि मां का मंगलसूत्र बेचकर 13,000 रुपये जुटाए हैं और इस शेष रकम माफ कराने की उम्मीद से यहां आया है. यह कहते हुए वह रोने लगा.

24500 रुपए थी चालान की रकम
जानकारी के अनुसार शहर के फरेंदा इलाके के सिंहपुर टाल्ही गांव का एक आंखों से दिव्यांग राजकुमार ऑटो चलाता है। राजकुमार के 6 बेटियां हैं और एक बेटा विजय कुमार है। पूरे परिवार का खर्च इसी ऑटो के बदौलत चलता है। कुछ दिन पहले ऑटो का किसी ने चालान कर दिया और चालान की रकम 24500 रुपये थी। इसी को भरने के लिए ऑटो चालक ने अपनी मां का मंगलसूत्र बेच दिया और 12 हजार रुपए ही इकट्ठा हो पाए। इसके बाद चालान भरने और इसकी जानकारी करने विजय कुमार आरटीओ कार्यालय पहुंचा।

एआरटीओ ने चालक का भरा चालान
इसी दौरान आरटीओ आरसी भारती को इस बात की जानकारी हुई कि पीड़ित विजय कुमार बेहद गरीब है और उसे चालान भरने के लिए मां का मंगलसूत्रर बेच कर टेंपो का चालान भरना चाहता है। यह सुनकर एआरटीओ आरसी भारती का दिल द्रवित हो गया और उसने अपने एटीएम से चालान के पूरे पैसे भरे और तो और टेंपो क इंश्योरेंस भी 10000 रुपये से कराया। चिलचिलाती गर्मी भरे मौसम में एआरटीओ के एक प्रयास ने कार्यालय का माहौल बहुत ठंडा और सुकून देने वाला कर दिया।

मदद के बाद मिलता है काफी सुकून
एआरटीओ आरसी भारती ने पीड़ित विजय कुमार को आश्वासन दिया कि वह भविष्य में किसी भी तरह की मदद के लिए उसका साथ देंगे। एआरटीओ के इस प्रयास से न सिर्फ कार्यालय में बल्कि चारों तरफ तारीफ हो रही है। जो भी इसे सुन रहा है वह एआरटीओ को हजारों दुआएं दे रहा है। सिंहपुर टाल्ही निवासी राजकुमार और विजय कुमार के ऑटो का चालान भरने के बाद आरसी भारती का कहना है कि मदद करने के बाद काफी सुकून मिलता है।

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