थाने के पास ही Local Printer से छापते थे नकली नोट, 2.74 करोड़ की नकली करेंसी बरामद !

local printer se chhapa nakli currency

सार
पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश के नेतृत्व में की गई कार्रवाई दो हजार और पांच सौ के निकली नोट मिले हैं। पुलिस के अनुसार यहां एक घर में नकली नोट छापने की दो मशीन लगा रखी थी। इनमें एक ब्लाक मशीन और दूसरा प्रिंटर शामिल है।

Fake Currency : राजस्थान के बीकानेर में पुलिस ने नकली नोट छापने की मशीन और डेढ़ करोड़ के नकली नोट बरामद किए हैं। पुलिस ने नकली नोट हवाला कारोबार में उपयोग लिए जा रहे थे। मुखबीर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने शनिवार देर रात बीकानेर शहर की जयनारायण व्यास कालोनी में छापा मारकर छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जांच पूरी होने तक गिरफ्तार हुए लोगों के बारे में जानकारी सार्वजनिक करने से इन्कार कर दिया।

देशभर में पहुंचे नकली नोट
बीकानेर में छापे गए ये नोट राजस्थान के अलावा नई दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, पुणे, चेन्नई, बेंगलुरु, पटना, गुवाहाटी, शिलॉन्ग, लुधियाना, चंडीगढ़, सूरत, अहमदाबाद, वृंदावन, बनारस, गाजियाबाद में हवाला कारोबारियों के माध्यम से नकली नोट पहुंचाए हैं। इन शहरों में कितने रुपए पहुंचे, इसका हिसाब अब तक नहीं मिल पाया है। इस कार्रवाई को अंजाम बीछवाल, जयनारायण व्यास कॉलोनी, नोखा, लूणकरणसर थाना पुलिस ने दिया है।

50 पैसे के A4 साइज पेपर पर छापते थे नोट
पुलिस की कार्रवाई के बाद आईजी ओम प्रकाश पासवान ने जानकारी दी कि सुरपुरा का रहने वाला चंपालाल उर्फ नवीन इस नकली नोट छापने के गिरोह का मास्टरमांइड है. नवीन ने ही इस इलाके में छपाई के सारे सामान की तैयारी की और वृंदावन एन्क्लेव में एक मकान में इंक जेट प्रिंटर पर यह काम होता था.

पुलिस ने बताया कि करोड़ों के नोट गिरोह के लोगों ने महज बीस से तीस हजार रुपए के एक इंक जेट प्रिंटर पर छाप डाले. वहीं पुलिस को मकान से एक प्रिंटर मिला है और बाजार में मिलने वाला A4 साइज का पेपर भारी मात्रा में मिला है. वहीं पुलिस ने बताया कि गैंग से जुड़े लोग भारी मात्रा में कागज बीकानेर के बजाय दिल्ली से खरीदते थे.

नोट छापने के लिए ली ऑनलाइन ट्रेनिंग
वहीं पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद बताया कि आरोपी एक सॉफ्टवेयर के माध्यम से नकली नोट छापने का काम सीखते थे. अब पुलिस उस सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी जुटा रही है. वहीं पुलिस को पता चला कि गैंग ने सॉफ्टवेयर को चलाने की ऑनलाइन ट्रेनिंग भी ली थी. वहीं गैंग से जुड़े लोग किसी भी तरह के लेनदेने में कैश का इस्तेमाल नहीं करते थे. ऐसे में वह चेक लेकर नोट देते थे. पुलिस को कोलकाता भेजे जाने वाले 60 लाख रुपये का चेक मिला है.

इस सीरीज के फर्जी नोट बाजार में
इस सीरीज से जाली नोट बाजार में खपाए जा रहे हैं।

दो हजार के नोट – 8NA750831, 4LH269605, 4LH044149, 5AA807418, 7KM369289, 6GC313798, 2KB316978, 4BD189402, 5LE213589, 8FU151819, 2AU324384, 0CV804572, 1BM114532

500 के नोट – 2ML216390, 2BQ062586, 2TG253211, 1FE355905, 4UB132101, 2BF0272569, 1BQ910750, 1AU391896, 1BK037295

 

 

 

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