बिहार के कानून मंत्री पर अपहरण का केस, जिस दिन सरेंडर करना था उसी दिन ली शपथ

Who is Kartikeya Singh bihar

सार
Bihar News: बिहार के नए कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह के खिलाफ अरेस्ट वारेंट जारी होने की खबर सामने आई है. दरअसल बिहार के नये क़ानून मंत्री कार्तिकेय शर्मा उर्फ़ कार्तिक मास्टर पर अपहरण का आरोप है. इस संदर्भ में पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र में 2014 में मामला दर्ज हुआ था.

Bihar News : बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद मंगलवार को नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया. जिसमें 31 मंत्रियों ने शपथ ली. इनमें कई मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें एक नाम आरजेडी विधान पार्षद कार्तिक कुमार का भी है, जिन्हें कानून मंत्री बनाया गया है. कार्तिक कुमार पर कई थानों में मामले दर्ज में हैं. मोकामा थाना, मोकामा रेल थाना समेत बिहटा में भी इनके खिलाफ आपराधिक मामले (Allegations Against Bihar Law Minister Kartik Singh) दर्ज हैं. हालांकि किसी भी मामले में अब तक न्यायालय से इन्हें दोषी करार नहीं दिया गया है.

मंत्री के खिलाफ है कोर्ट का वारंटः आपको बता दें कि राजीव रंजन की 2014 में किडनैपिंग हुई थी. इसके बाद कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया था. राजीव रंजन की किडनैपिंग मामले में एक आरोपी बिहार के कानून मंत्री कार्तिक सिंह भी हैं. बिहटा थाना में उनके खिलाफ मामला दर्ज है. जिनके खिलाफ कोर्ट ने वारंट जारी किया हुआ है. धारा 164 के तहत बयान में नाम आया है. कार्तिकेय सिंह ने अभी तक ना तो कोर्ट के सामने सरेंडर किया है ना ही जमानत के लिए अर्जी दी है. कल यानी 16 अगस्त को इनको कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वो मंत्री पद की शपथ ले रहे थे.

“मेरे उपर लगे आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं. सभी आरोप राजनीति से प्रेरित है. जो भी कानून सम्मत होगी, उस दिशा में कार्रवाई की जाएगी”- कार्तिक सिंह, कानून मंत्री, बिहार सरकार

Who is Kartikeya Singh
52 साल के कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह आरजेडी के पूर्व विधायक अनंत सिंह के बेहद खास माने जाते हैं। वे आरजेडी के विधान परिषद सदस्य हैं। वे पटना स्थानीय निकाय से 2022 में एमएलसी बने थे। Kartikeya Singh मूल रूप से मोकामा के रहने वाले हैं और राजनीति में आने से पहले शिक्षक थे। यह 1990 का दौर था। फिर बाहुबली नेता अनंत सिंह के संपर्क में आने के बाद वीआरएस ले लिया। राजद ने उन्हें 2022 में स्थानीय निकाय प्राधिकार कोटे से होने वाले एमएलसी चुनाव में टिकट दिया, जिसमे वे जीत गए। यही कारण है कि समर्थक उन्हें ‘कार्तिकेय मास्टर’ पुकारते हैं। अनंत सिंह भी इन्हें मास्टर साहब कहकर बुलाते हैं।

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