अक्षय कुमार पर क्यों लग रहे हैं दहेज प्रथा को बढ़ावा देने के आरोप?

AKSHAY KUMAR ADD

सार
देश के बड़े बिजनेस मैन और टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की पिछले दिनों सड़क हादसे में मौत हो गई. इस एक्सिडेंट के बाद सड़क सुरक्षा का मामला हर तरफ चर्चा में है.सड़क सुरक्षा को लेकर हाल ही में अभिनेता अक्षय कुमार पर फिल्माए गए कई विज्ञापन जारी किए गए हैं. अब इसमें से एक विज्ञापन पर विवाद हो गया है.

केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की रोड सेफ्टी को लेकर बने एक वीडियो ऐड की जमकर आलोचना हो रही है। इस ऐड में पुलिस अफसर बने अक्षय कुमार एक पिता को उसकी बेटी की विदाई के वक्त 6 एयरबैग वाली कार के फायदे गिना रहे हैं। वीडियो 9 सितंबर को रिलीज हुआ था, लेकिन अब यह विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं, क्या ये दहेज का समर्थन है।

अक्षय कुमार ने इस ऐड के अलावा दो और वीडियो में भी काम किया है। ये तीनों ऐड देशभर में चलाए जा रहे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा अभियान के तहत बनाए गए हैं। इन्हें नितिन गडकरी ने ट्विटर पर शेयर किया है।

विज्ञापन में दहेज में कार देने का सपोर्ट
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जो वीडियो शेयर किया है उसमें दिखाया गया है कि पुलिस अफसर बने अक्षय कुमार बेटी की विदाई पर रोते हुए पिता से कह रहे हैं कि ऐसी गाड़ी में बेटी को विदा करोगे तो रोना तो आएगा ही। पिता पूछता है- क्या कमी है इस गाड़ी में, इस पर अक्षय कहते हैं कि एयरबैग तो बस दो हैं।

इसके बाद कार बदल जाती है, और दूल्हा कार में 6 एयरबैग गिनता नजर आता है। हालांकि इस पूरे विज्ञापन में दूल्हे के माता-पिता नहीं दिखाई देते हैं। न ही ये बताया जाता है कि ये कार उन्हें गिफ्ट के तौर पर, दूसरे शब्दों में कहें तो दहेज के तौर पर दी जा रही है।

पोस्ट पर कमेंट कर रहे यूजर्स और नेता
वीडियो वायरल हो गया है, जिसके बाद कई यूजर्स इस पर सवाल उठा रहे हैं। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा है- क्या सरकार इस विज्ञापन के जरिए कार सेफ्टी को बढ़ावा दे रही है या दहेज प्रथा को बढ़ावा देने के लिए पैसा खर्च कर रही है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि कैसे सरकार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अपनी जिम्मेदारी से हाथ धो रही है। और बचने के लिए टॉप मॉडल व्हीकल्स का प्रमोशन कर रही है।

NCRB की रिपोर्ट में दहेज के अपराध बढ़े
कुछ दिन पहले 29 अगस्त को जारी की गई राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2021 में 6,753 महिलाओं ने दहेज उत्पीड़न के चलते अपनी जान गंवाई है। 2020 के आंकड़ों से पता चला है कि 19 भारतीय महिलाएं आए दिन दहेज प्रताड़ना से मरती हैं।

कांग्रेस नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कही ये बात
प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्विटर पर विज्ञापन को रिशेयर करते हुए लिखा, “यह एक समस्याग्रस्त विज्ञापन है। ऐसे क्रिएटिव कौन पास करता है? क्या सरकार इस विज्ञापन के माध्यम से कार के सुरक्षा पहलू को बढ़ावा दे रही है या दहेज और आपराधिक कृत्य को बढ़ावा देने के लिए पैसा खर्च किया जा रहा है?

विज्ञापन में गाड़ी का एंगल दिखाना ही कारण है कि लोग इस ऐड की आलोचना कर रहे हैं। आपका इस विज्ञापन के बारे में क्या कहना है? यह हमें इस आर्टिकल के कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा।

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