52 सालों तक RSS ने अपने मुख्यालय पर तिरंगा क्यों नहीं फहराया, राहुल गांधी ने सरकार से पूछे सवाल

rahul gandhi on rss office

सार
राहुल गांधी ने केंद्र को निशाना बनाते हुए पूछा है कि, “सिर्फ प्रचार में डूबे ये लोग चंद सवालों का दें जवाब, 52 सालों तक आरआरएस ने अपने मुख्यालय पर तिरंगा क्यों नहीं फहराया?

New Delhi : कांग्रेस नेता राहुल गांधी बीजेपी के साथ-साथ संघ पर भी अपना हमला लगातार जारी रखते हैं. विचारधारा से लेकर हिंदुत्व के मुद्दे पर, उन्होंने कई बार संघ को आड़े हाथों लिया है. अब एक बार फिर उसी अंदाज में राहुल गांधी ने RSS पर निशाना साधा है.

राहुल गांधी ने सवाल उठा दिया है कि संघ के मुख्यालय में कभी भी तिरंगा नहीं फहराया जाता है. वे कहते हैं कि जिस तिरंगे के लिए हमारे देश के कई लोग शहीद हुए, उस तिरंगे को एक संगठन ने अपनाने से मना कर दिया, 52 सालों तक नागपुर में अपने मुख्यालय पर तिरंगा नही फहराया, लगातार तिरंगे को अपमानित किया गया और आज उसी संगठन से निकले हुए लोग तिरंगे का इतिहास बता रहे हैं, ‘हर घर तिरंगा’ मुहिम की योजना बना रहे हैं.

कांग्रेस नेता ने बीजेपी और RSS से तीन तीखे सवाल पूछे हैं. राहुल ने पूछा है कि 52 सालों तक RSS ने अपने मुख्यालय पर तिरंगा क्यों नहीं फहराया?, खादी से राष्ट्रीय ध्वज बनाने वालों की आजीविका को नष्ट क्यों किया जा रहा है?, चीन से मशीन निर्मित, पॉलिएस्टर झंडे के आयात की अनुमति क्यों दी गई?

अब राहुल गांधी ने ये बात सोशल मीडिया पर इसलिए लिखी क्योंकि आज ही के दिन तिरंगे को राष्‍ट्रध्‍वज के रूप में मान्‍यता दी गई थी. उन्होंने बताया कि हमारे तिरंगे में केसरिया रंग साहस और बलिदान का प्रतीक है, सफेद रंग सच्चाई, शांति और पवित्रता की न‍िशानी और हरे रंग को संपन्नता का प्रतीक माना जाता है. सफ़ेद रंग पर बने अशोक चक्र की 24 तीलियों का भी एक विशेष मतलब है, ये तीलियां इंसान के 24 गुणों को दर्शातीं हैं. तिरंगे से जुड़ी एक अहम बात ये भी है कि तिरंगा हमेशा कॉटन, सिल्क या फिर खादी का ही होना चाहिए.

वैसे राहुल गांधी ने शुक्रवार को मोदी सरकार की रेल नीति पर भी सवाल दागे थे. उन्होंने इस बात पर गुस्सा जाहिर किया था कि सरकार ने बुजुर्गों को टिकट पर मिलने वाली छूट को खत्म कर दिया. उन्होंने सरकार पर पूंजीवादी होने का आरोप लगाया. ये भी कहा कि सरकार अपने दोस्तों के लिए तारे तोड़ लाएगी, लेकिन बुजुर्गों के लिए कुछ नहीं करेगी.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से 13 अगस्त से 15 अगस्त के बीच अपने-अपने घरों में राष्ट्रध्वज फहराकर ‘हर घर तिरंगा’ मुहिम को मजबूत करने की शुक्रवार को अपील की।

मोदी ने ट्वीट के जरिए कहा कि यह मुहिम तिरंगे के साथ हमारे जुड़ाव को गहरा करेगी। उन्होंने उल्लेख किया कि 22 जुलाई, 1947 को ही तिरंगे को राष्ट्रध्वज के रूप में अपनाया गया था।

 

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